scriptVoting for new government in Pakistan on February 8 pak army is preparing to power for Nawaz Sharif | पाकिस्तान में नई सरकार के लिए 8 फरवरी को मतदान, नवाज शरीफ के लिए सेना बन रही सत्ता के रास्ते | Patrika News

पाकिस्तान में नई सरकार के लिए 8 फरवरी को मतदान, नवाज शरीफ के लिए सेना बन रही सत्ता के रास्ते

locationनई दिल्लीPublished: Feb 05, 2024 09:32:19 am

Submitted by:

Prashant Tiwari

Pakistan: पाकिस्तान के 8 फरवरी के चुनाव में पूर्व पीएम इमरान खान व पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) की राह लगातार कठिन हो रही है।

 Voting for  new government in Pakistan on February 8  pak army is preparing to power for Nawaz Sharif

पाकिस्तान के 8 फरवरी के चुनाव में पूर्व पीएम इमरान खान व पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) की राह लगातार कठिन हो रही है। वहीं, निर्वासित जिंदगी जीने के बाद लौटे नवाज शरीफ व उनकी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की राह आसान लग रही है। हालांकि, इमरान ने जेल में होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी है। उनकी एआइ जनित आवाज से समर्थकों को लामबंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया, तकनीक का उपयोग करके इमरान समर्थक चुनाव में विरोधियों का मुकाबला कर रहे हैं।

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सेना अब नवाज के साथ

पाकिस्तान में इतिहास खुद को दोहरा रहा है। वर्ष 2018 में हुए चुनाव में तीन बार पीएम रहे नवाज शरीफ का नाम मतपत्र पर नहीं था। शरीफ जेल से पैरोल पर निकलने के बाद लंदन चले गए। सेना इमरान के साथ खड़ी थी। 2024 के चुनाव में इमरान जेल में हैं। उनका नाम मतपत्र पर नहीं है। सेना अब नवाज के साथ है।

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कठपुतली सरकार बनाने का तामझाम

पाकिस्तान में सेना के इशारे पर नाचने वाली कठपुतली सरकार बनती आई है। इमरान भी ऐसे ही सत्ता में आए थे और चुनावी विश्लेषकों के अनुसार अब नवाज की बारी है। देश की 58त्न जनता निरक्षर है। 8 फरवरी को नेशनल असेंबली और चार विधानसभाओं के लिए 12 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड वोटर चुनाव में भाग लेंगे। देश में 90,675 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव में लगभग 18,000 उम्मीदवार खड़े हैं। जिन चार विधानसभाओं में चुनाव होंगे, उनमें पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान शामिल हैं। नेशनल असेंबली में कुल 336 सीट हैं।

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तकनीक से कर रहे अड़चनों का सामना

चुनाव से ठीक पहले जेल में बंद इमरान को एक हफ्ते में तीन बार सजा सुनाई गई है। उन्हें पहले ही चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है और उनकी पार्टी से लोकप्रिय चुनाव चिह्न 'क्रिकेट का बल्ला' भी छीन लिया गया है। ऐसे में पार्टी के समर्थन से सभी उम्मीदवार अलग चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं। पीटीआइ ने एक ऐप बनाया है। इससे वोटर पता लगा सकता है कि किसी खास सीट से पीटीआइ के समर्थन वाला कौन उम्मीदवार खड़ा है। इमरान वोटर को संबोधित कर सकें, इसके लिए पीटीआइ समर्थक उम्मीदवार इमरान की एआइ जनित आवाज का सहारा ले रहे हैं। यह अपने आप में एक नई पहल है। हालांकि, पीटीआइ नेता जहां वर्चुअल रैली करते हैं, वहां इंटरनेट बाधित करने के भी आरोप हैं। 

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नवाज-इमरान की जंग के बीच बिलावल सेक रहे अपनी राजनीतिक रोटी

नवाज व इमरान जैसे नेताओं के बीच छिड़ी चुनावी जंग के बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपी) से पीएम पद के उम्मीदवार बिलावल भुट्टो जरदारी अपनी रोटी सेक रहे हैं। बिलावल खुद को ऐसे उदारवादी के रूप में पेश कर रहे हैं जो जीता तो 'नफरत की राजनीति खत्म कर देगा। हाल में उन्होंने कहा कि इमरान समर्थक उन्हें वोट देते हैं तो वे 'राजनीतिक कैदियों की रिहाई कर देंगे। वहीं, उन्होंने नवाज शरीफ के लिए कहा कि नवाज लोगों से डरते हैं इसलिए चुनाव में धांधली की कोशिश कर रहे हैं।

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