
मतगणना (Photo-IANS)
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फलता विधानसभा क्षेत्र के लिए रविवार सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरू हो गई है। फलता में पहले राउंड की मतगणना खत्म होने के साथ ही बीजेपी प्रत्याशी में 9 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त बना ली है। पहले राउंड की मतगणना में बीजेपी उम्मीदवार बीजेपी उम्मीदवार को 9086 प्राप्त हुए हैं। शुभेन्दु सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी के लोग मैदान छोड़कर भाग गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशानुसार विधानसभा क्षेत्र के लिए पुनर्मतदान 21 मई को संपन्न हुआ था। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मतगणना के कुल 21 चरण होंगे और दोपहर 1 बजे तक परिणाम स्पष्ट हो जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस के मतगणना प्रतिनिधि मतगणना केंद्र पर अनुपस्थित थे। पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने 21 मई को पुनर्मतदान से ठीक पहले अपना नाम वापस ले लिया था। हालांकि, उनका मतदान से अनुपस्थित रहना केवल प्रतीकात्मक था क्योंकि उन्होंने पुनर्मतदान से ठीक एक दिन पहले ही इसकी घोषणा की थी और पहले मतदान में भाग लिया था। पुनर्मतदान के दिन भी उनका नाम ईवीएम में दर्ज था।
21 मई को मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। उस दिन कतारों में खड़े कई मतदाताओं ने दावा किया कि यह पहली बार था जब वे बिना किसी धमकियों, बाधाओं और भय के शांतिपूर्वक मतदान कर सके। मतदान प्रतिशत 88 फीसदी से अधिक रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देबांशु पांडा हैं, सीपीआई (एम) के उम्मीदवार शंभू कुर्मी हैं और कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक हैं। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के शंकर कुमार नशकर फाल्टा से 41,000 वोटों के अंतर से विजयी हुए थे।
फलता डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों में से एक है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी इस सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में फलता विधानसभा क्षेत्र ने बनर्जी को लगभग 1,20,000 वोटों की बढ़त दिलाई, जिसे विपक्षी दलों ने मतदान प्रक्रिया का मजाक बताया।
राज्य में हाल ही में संपन्न हुए दो चरणों के विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में फालता विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान 29 अप्रैल को हुआ था। 29 अप्रैल को फाल्टा में चुनावी धांधली की कई शिकायतें दर्ज की गईं। कई मतदान केंद्रों पर भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चिह्नों से संबंधित ईवीएम बटनों को सफेद टेप से ढक दिया गया था। जहांगीर खान के समर्थकों द्वारा कथित तौर पर मतदान न कराए जाने पर सैकड़ों मतदाता सड़कों पर पर उतर आए थे।
इसके बाद विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से फलता का दौरा किया और मामले की जांच की। सुब्रत गुप्ता की जांच के आधार पर, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पूरे फलता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया था।
Published on:
24 May 2026 10:51 am
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