scriptWife entitled to maintenance from husband say Delhi high court | पत्नी एक ही घर में रहने पर भी अलग रहने वाले पति से भरण-पोषण की हकदार: दिल्ली कोर्ट | Patrika News

पत्नी एक ही घर में रहने पर भी अलग रहने वाले पति से भरण-पोषण की हकदार: दिल्ली कोर्ट

देश की राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने अंतरिम भरण-पोषण के लिए एक महिला की याचिका पर फैसला सुनाया कि एक पत्नी अपने अलग पति से भरण-पोषण की हकदार है। कोर्ट ने कहा कि वह भले ही एक ही घर में रहती हो।

नई दिल्ली

Published: January 20, 2022 03:50:49 pm

देश की राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने अंतरिम भरण-पोषण के लिए एक महिला की याचिका पर फैसला सुनाया कि एक पत्नी अपने अलग पति से भरण-पोषण की हकदार है। कोर्ट ने कहा कि वह भले ही एक ही घर में रहती हो। यह देखते हुए कि यह भारतीय घरों में एक सामान्य परिदृश्य था जहां घरेलू हिंसा की शिकार होती है मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित।

Delhi high court
Delhi high court

कोर्ट ने की ये टिप्पणी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) मोनिका सरोहा ने कहा कि आमतौर पर कई भारतीय घरों में एक प्रथा है एक शिक्षित महिला को उसकी योग्यता के बावजूद किसी भी नियमित रोजगार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाती है ताकि वह जल्दी उत्तराधिकार में पैदा हुए अपने छोटे बच्चों की देखभाल कर सके। इसके साथ ही वह अपने पति और परिवार की जरूरतों का ध्यान रखे।

महिला के पास मास्टर स्नातक की डिग्री
महिला ने अपने पति पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (डीवी एक्ट) की धारा 12 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। पति द्वारा आरोपों से इनकार करने के बाद निचली अदालत ने अंतरिम भरण-पोषण देने का कोई आधार नहीं पाया। क्यों कि महिला के पास मास्टर स्नातक की डिग्री थी। वह खुद को बनाए रखने में सक्षम थी।

यह भी पढ़े - NEET UG PG Counselling 2021: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नीट में OBC आरक्षण देने का फैसला सही, सामाजिक न्‍याय के लिए आरक्षण जरूरी

पति से न्यूनतम राशि की हकदार
एएसजे सरोहा ने कहा कि निश्चित रूप से पति और पत्नी आक्षेपित आदेश पारित करने के समय एक ही घर में रह रहे थे। हालांकि, ट्रायल कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचने में गलत था कि केवल इसलिए कि पीड़ित व्यक्ति उसके ससुराल में रह रहा था, वह किसी भी रखरखाव की हकदार नहीं है। अदालत ने कहा कि भले ही आक्षेपित आदेश पारित करने के समय, महिला वैवाहिक घर में रह रही थी और इसलिए उसके पास कोई किराये का खर्च नहीं था और बिजली / पानी के खर्च आदि का भुगतान करने का कोई दायित्व नहीं था। फिर भी एक पत्नी भोजन, प्रसाधन सामग्री, किराने का सामान, कपड़े आदि की अपनी दैनिक जरूरतों के लिए अपने पति से कम से कम न्यूनतम राशि की हकदार है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

यहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतियूपी में घर बनवाना हुआ आसान, सस्ती हुई सीमेंट, स्टील के दाम भी धड़ामName Astrology: पिता के लिए भाग्यशाली होती हैं इन नाम की लड़कियां, कहलाती हैं 'पापा की परी'इन 4 राशियों के लड़के अपनी लाइफ पार्टनर को रखते हैं बेहद खुश, Best Husband होते हैं साबितजून में इन 4 राशि वालों के करियर को मिलेगी नई दिशा, प्रमोशन और तरक्की के जबरदस्त आसारमस्तमौला होते हैं इन 4 बर्थ डेट वाले लोग, खुलकर जीते हैं अपनी जिंदगी, धन की नहीं होती कमी1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्ससंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजर

बड़ी खबरें

आंध्र प्रदेश में जिले का नाम बदलने पर हिंसा, मंत्री का घर जलाया, कई घायलसेना का 'मिनी डिफेंस एक्सपो' कोलकाता में 6 से 9 जुलाई के बीचGujrat कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का विवादित बयान, बोले- मंदिर की ईंटों पर कुत्ते करते हैं पेशाबRajya Sabha Election 2022: राजस्थान से मुस्लिम-आदिवासी नेता को उतार सकती है कांग्रेस'तुम्हारे कदम से मेरी आँखों में आँसू आ गए', सिंगला के खिलाफ भगवंत मान के एक्शन पर बोले केजरीवालसमलैंगिकता पर बोले CM नीतीश कुमार- 'लड़का-लड़का शादी कर लेंगे तो कोई पैदा कैसे होगा'Women's T20 Challenge: वेलोसिटी ने सुपरनोवास को 7 विकेट से हरायानवजोत सिंह सिद्धू को जेल में मिलेगा स्पेशल खाना, कोर्ट ने दी अनुमति
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.