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No More Power Cut : बिजली कटौती के दौरान पवन ऊर्जा बनी ‘संकट मोचक’

पूरा देश इन दिनों भारी बिजली संकट से जूझ रहा है। ऐसे में राजस्थान से वैकल्पिक ऊर्जा और पवन ऊर्जा के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है, जो पूरे देश के लिए आशा की किरण दिखाती है। राजस्थान में पवन ऊर्जा से मिली बिजली के कारण राजस्थान अब बिजली संकट से उबरने की ओर बढ़ रहा है।

जयपुर

Published: May 04, 2022 10:58:11 am

जयपुर। प्रदेश में पनपे बिजली संकट के बीच अक्षय ऊर्जा (सोलर, विंड एनर्जी) ‘संकट मोचक’ बनकर उभरी है। इसमें भी पवन ऊर्जा मुख्य है, जिसके चलते दो दिन से प्रदेश में बिजली कटौती नहीं हुई। क्योंकि, हवा से 470 से 500 लाख यूनिट (प्रतिदिन) बिजली उपलब्ध हुई। जबकि, कटौती के दौरान 450 से 500 लाख यूनिट की कमी रही और पवन ऊर्जा भी केवल 30 से 70 लाख यूनिट ही मिल पाई। यानी, बिजली की जितनी कमी रही, उसकी पूर्ति मुख्य रूप से पवन ऊर्जा से हुई।
Now wind and alternate energy is a hope of Future, hybrid energy plant will be the future model
अब 'अक्षय ऊर्जा' है भविष्य की उम्मीद, हाइब्रिड एनर्जी पार लगाएगी सरकार की नैय्या
अब अक्षय ऊर्जा का है भविष्य

इसके अलावा 190 से 230 लाख यूनिट सोलर से भी मिली। विशेषज्ञों का भी मानना है कि, अब राज्यों को थर्मल की बजाय अक्षय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देने पर फोकस करना होगा। इस बीच, सरकार हाइब्रिड प्लांट का भी कंसेप्ट लेकर आई। इसमें जहां पवन ऊर्जा के प्लांट हैं, उसी परिसर में सौर ऊर्जा के प्लांट भी लग सकेंगे। इसका फायदा यह है कि एक ही जगह से दिन और रात दोनों समय बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
सौर ऊर्जा में सिरमौर

राजस्थान सौर ऊर्जा स्थापना व उत्पादन क्षमता में देश में पहले नम्बर पर है। इसके बाद कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात का नम्बर आता है। विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क राजस्थान के भड़ला में है, जिसकी क्षमता 2,245 मेगावाट है। 
पवन ऊर्जा में पांचवें पायदान पर

 पवन ऊर्जा में पहले चार पायदान पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात है, उसके बाद राजस्थान का नम्बर आता है। इस पर भी काम करने की जरूरत है।
4400 मेगावाट क्षमता पर ही चलाई इकाइयां

राज्य विद्युत उत्पादन निगम की प्रदेश में 23 इकाइयां हैं, जिनकी उत्पादन क्षमता 7580 मेगावाट है। इसमें से 1720 मेगावाट क्षमता की 4 इकाइयों से अब भी बिजली उत्पादन बंद है। अभी 5860 मेगावाट क्षमता की 19 इकाइयां ही चल रही हैं। मंगलवार को इन इकाइयों को भी करीब 4400 मेगावाट क्षमता पर चलाया गया।
राजस्थान में अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता

अक्षय ऊर्जा: अभी स्थापित लक्ष्य (वर्ष 2025 तक)

सौर ऊर्जा: 12,163 मेगावाट 30 हजार मेगावाट

पवन ऊर्जा: 4,038 मेगावाट 5 हजार मेगावाट

बायोमास ऊर्जा: 120 मेगावाट

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