२७ साल बाद दीपावली पर शुभ-लाभकारी सिद्धी योग

bhuvanesh pandya

Publish: Oct, 13 2017 09:52:54 (IST)

Neemuch, Madhya Pradesh, India
२७ साल बाद दीपावली पर शुभ-लाभकारी सिद्धी योग

- लक्ष्मी पूजा के लिए २ घंटे २० मिनट का रहेगा प्रदोष काल
- सोना-चांदी सहित अन्य खरीदी के लिए विशेष लाभकारी

नीमच. गुरु ज्ञान, लाभ और सुख का कारक होता है। इस कारण गुरुवार को लक्ष्मी पूजा का दिन होना अपने आप में विशेष महत्व रखता है। वहीं इस दिन चित्रा नक्षत्र होने से चर योग बनता है। इस दिन से प्रारंभ किया गया कोई भी कार्य लाभ देगा। इस दिन स्थिर शुभ लाभ मुहूर्त में की गई महालक्ष्मी की पूजा अक्षय फलकारी होगी। क्योंकि यह योग २७ साल में आया है।
यह बात पंडित सोमेश्वर जोशी ने बताई। उन्होंने बताया कि इस बार दीपावली पर गुरु चित्रा का विशेष योग होना हर प्रकार की खरीददारी के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। 27 साल के बाद बन रहा गुरु चित्रा योग का संयोग महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए, पूजा-पाठ से लेकर घर की सजावट के लिए, बाजार से हर प्रकार की खरीदारी करने के लिए शुभ है। नक्षत्र मेखला की गणना के अनुसार ऐसा संयोग आगे 4 साल बाद 2021 में बनेगा। 1990 में गुरुवार के दिन चित्रा नक्षत्र में जब दीपावली आई थी। तब यह संयोग बना था, इस बार दीपावली के दिन 7 चौघडि़ए, एक अभीजित मुहूर्त और दो लग्न मिलाकर दिन से रात तक खरीदी से लेकर लक्ष्मी, गणेश व कुबेर की पूजा के लिए शुभ समय रहेगा। ज्योतिष पंडित सोमेश्वर जोशी ने बताया कि वैसे तो दीपावली से पहले 17 अक्टूबर को धनतेरस पर भी लोगों को जमकर खरीदारी करने का मौका मिलेगा। लेकिन ज्योतिष के मान से गुरु चित्रा योग में पूजा व खरीदी खास ही नहीं बल्कि चीर स्थाई काल तक लाभ देने वाली मानी जाती है। इसलिए लोग इस योग का भी लाभ ले सकते हैं। 19 अक्टूबर को सुबह 7.25 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र लगने के साथ गुरु चित्रा योग शुरू हो जाएगा जो कि अगले 24 घंटे तक रहेगा।
इस प्रकार बन रहा उत्तम योग
अमावस्या तिथि, गुरुवार का दिन और चित्रा नक्षत्र। इन तीनों के एक साथ होने का योग बहुत कम बनता है। ज्योतिष में गुरु को सोना, भूमि, कृषि आदि का कारक ग्रह माना जाता है। जबकि चित्रा नक्षत्र चांदी, वस्त्र, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक चीजों के लिए खास व शुक्र की राशि वाला यह नक्षत्र समृद्धि का कारक है। इस प्रकार यह दिन सभी प्रकार की खरीददारी के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। गुरुवार को दिन आमवस्या तिथि होती है तो सिद्धी योग भी बनता है। इस प्रकार यह दिन महालक्ष्मी पूजा के लिए सिद्धीदायक रहेगा।
पूजा के लिए 2 घंटे 20 मिनट रहेगा प्रदोषकाल
दीपावली पर अधिकांश लोग शाम के समय प्रदोषकाल में महालक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस बार शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 8 बजकर 26 मिनट तक 2 घंटे 20 मिनट का प्रदोषकाल रहेगा। इस दौरान लोग धन, सुख-समृद्धि की कामना से लक्ष्मी, गणेश व कुबेर का पूजन कर सेकेंगे। इस बार एक और खास बात यह भी है कि दीपावली पर लक्ष्मी की विशेष पूजा के लिए 12 साल के बाद चतुग्र्रही योग का संयोग भी बन रहा है। जो कि रात 8 बजे के बाद शुरू होगा। इसमें सूर्य, चंद्र, बुध और गुरु चारों ग्रह तुला राशि में होंगे।
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