फर्जी हाजरी भरकर अपात्र लोगों को पहुंचाया आर्थिक लाभ

आर्थिक रूप से सम्पन्न लोगों को भी फर्जी हाजरी के माध्यम से पहुंचाया लाभ
सरपंच और सचिव के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने की कलेक्टर से की मांग

By: harinath dwivedi

Published: 15 Jan 2018, 01:43 PM IST

नीमच. जिले की जावद तहसील के ग्राम दामोदरपुरा के सरपंच एवं सचिव के हड़ताल पर होने का लाभ सहसचिव ने उठाया। दामोदरपुरा के तत्कालीन सहसचिव ने मिली भगत कर विक्रम सीमेंट में सेवारत कर्मचारियों के नाम भी मनरेगा में दर्ज कराकर उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाया। ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन और कलेक्टर को आवेदन देकर संबंधित के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने की मांग की।
सक्षम लोगों को पहुंचाया आर्थिक लाभ
शिकायतकर्ता भेरूलाल भील ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनरेगा को ज्ञापन प्रेषित कर ग्राम पंचायत दामोदरपुरा में मनरेगा कार्य में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत कर जांच कराने की मांग की है। भेरूलाल ने प्रकरण की जांच करने के लिए समिति गठित करने या निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इसकी जिम्मेदारी जिले से बाहर के अधिकारियों को सौंपने की मांग भी की है। विदित हो कि भेरूलाल द्वारा पूर्व में सीएम हेल्पलाईन 181 पर भी शिकायत करने के बाद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में बताया कि मनरेगा में फर्जी हाजरी भरकर अपात्र लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के आरोप चस्पा किए गए हैं। शिकायतकर्ता भेरूलाल पिता खेमराज भील ने कलेक्टर को प्रेषित हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में बताया कि दामोदरपुरा सरपंच ने आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को अवैधानिक रूप से लाभ पहुंचाया है। मनरेगा में फर्जी तरीके से हाजरी भरकर इन लोगों को लाभ पहुंचाया है। मनरेगा में ऐसे लोगों को भी लाभ पहुंचाया गया है जो वर्तमान में विक्रम सीमेंट फैक्ट्री में काम कर रहे हैं। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के पास करीब 10 लाख रुपए मूल्य के भवन भी हैं। उनके यहां शौचालह होते हुए भी उन्हें शौचालय के नाम पर फर्जी हाजरी भरकर राशि संबंधितों के खाते में जमा कराकर शासकीय राशि का गबन किया गया। जिस व्यक्ति को हाजरी रजिस्टर में कार्य के दौरान उपस्थित बताया गया है उसने थम्ब मशीन पर फैक्ट्री में इसी दौरान उपस्थिति दर्ज कराई है। अब प्रश्न यह उठता है कि एक व्यक्ति एक ही समय पर दो स्थानों पर कैसे मौजूद रह सकता है? इसी प्रकार अन्य कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने मनरेगा में कार्य नहीं किए है और उन्हें योजना के तहत भुगतान किया गया। भेरूलाल भील ने शिकायत में बताया कि दस्तावेजों से यह प्रमाणित हो गया कि फर्जी तरीके से भरी गई हाजरी से शासन को चूना लगाया गया है। ऐसे में पंचायत सरपंच, सचिव के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए जाने चाहिए।
फैक्ट्री के रिकार्ड से हुई शिकायत की पुष्टि
भेरूलाल भील ने बताया कि 31 अक्टूबर 17 को मैंने जनसुनवाई में क्रमांक 473924 से कलेक्टर को शिकायत की थी। कलेक्टर कार्यालय में मामले की जांच लम्बित होने पर भेरूलाल भील ने पुन: 7 दिसंबर 2017 को भी कलेक्टर को शिकायत आवेदन दिया। इसपर जांच जारी है। इस मामले में जनपद जावद को शिकायत करने पर वहां से विक्रम सीमेंट फैक्ट्री को उक्त कर्मचारियों के सेवा रिकार्ड की जानकारी मांगी गई थी जो फैक्ट्री द्वारा उपलब्ध कराई गई। फैक्टरी से प्राप्त जानकारी में संबंधित कर्मचारियों के वहां कार्यरत् होने की पुष्टि भी हुई है। इससे यह प्रमाणित हो गया कि उन्हें अवैधानिक रूप से आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
इनका कहना है
मुझे पूरी जानकारी नहीं है
मैं भी बाहर हूं। मामला क्या है मेरी जानकारी में नहीं है। कर्मचारी ठेकेदार के अधीन कार्यरत हैं। लौटकर ही मामले के संबंध में स्थिति स्पष्ट कर पाऊंगा।
- दिनेश पांडे, प्रबंधक विक्रम सीमेंट
जो रिकार्ड मांगा था दे दिया
शिकायत के बाद जनपद कार्यालय ने कर्मचारियों का सेवा रिकार्ड मांगा था जो उन्हें उपलब्ध करा दिया गया है। इससे अधिक जानकारी मैं नहीं दे सकता।
- अंनत शर्मा, सीनियर मैनेजर, विक्रम सीमेंट
दुर्भावनावश लगाए हैं आरोप
जिन्हें भी भुगतान किया गया है नियमानुसार की किया है। मेरा पास अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी शिकातय की गई है वह दुर्भावना से ग्रसित होकर की गई है।
- धर्मेन्द्र बैरागी, संरपच दामोदरपुरा
मैंने कभी मनरेगा में काम नहीं किया
हाजरी रजिस्टर में मेरा नाम गलत दर्ज है। मैने मनरेगा में कोई काम नहीं किया है। न ही मुझे किसी प्रकार की राशि ही प्राप्त हुई है। फर्जी तरीके से हाजरी भरकर जिन लोगों ने शासन को चूना लगाया है उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही रजिस्टर में मेरा नाम कैस व किसने दर्ज किया इसकी भी जांच की जानी चाहिए।
- राधेश्याम प्रजापत, मजदूर
अधूरी जानकारी भेजी गई
विक्रम सीमेंट को विभागीय स्तर पर पत्र क्रमांक 20/एमजीएनआईईजीएस-एमपी/17-18 दिनांक 04.01.2017 कार्यालय कार्यक्रम
अधिकारी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मध्यप्रदेश जनपद पंचायत, जावद द्वारा जारी पत्र में ठेकेदार जेएम इंजीनियरिंग वक्र्स, श्रमिक कार्ड नंबर 22028 रूपसिंह पिता मदनसिंह 21 से 15 जनू 17, आनंद ट्रेंडिग कं. स.कं.120571 पर्वतसिंह पिता दुलेंसिह 29 से 03 जून 17, धर्मेन्द्र बैरागी स.कं.580134 पूरणमल रामलाल 10 से 15 अप्रेल 17, स.कं.580013 नानुरामपिंता पिता जगतनाथ भील 23 से 28 जुलाई 17 की मांगी गई जानकारी पत्र में अंकित है, लेकिन विक्रम फैक्ट्री प्रबंधक द्वारा अधूरी जानकारी दी गई है। शेष जानकारी आना बाकी है। जनपद अध्यक्ष की आज्ञा से कर्मचारियों का रिकार्ड मंगवाया गया है जो अधूरी है। वहां से भी विस्तृत जानकारी आना बाकी है।
- धु्रव तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत, जावद
होना चाहिए उच्चस्तरीय जांच
कलेक्टर को जनसुनवाई में और मुख्यमंत्री हेल्पलाईन 181 पर शिकायत करने के बावजूद भी किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे मजदूरों में आक्रोश व्याप्त है। मजदूरी घोटाले में जिनको रोजगार दिया है वास्तव में उन्होंने मजदूरी की ही नहीं की है। फर्जी हाजरी भरकर भुगतान कर राशि का गबन किया गया है। परिचितों और अपात्रों को लाभ पहुंचाने की नीयत से ही फर्जी तरीके से नाम अंकित किए गए हैं। इसकी उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज होना चाहिए। अवैधानिक रूप से लाभ पहुंचाते हुए संबंधितों ने शासन को करीब एक लाख रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया है।
- भेरूलाल भील, शिकायतकर्ता

harinath dwivedi Editorial Incharge
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