इन चार माह में गूंजेगा अंहिसा परमो धर्म: का मंत्र

इन चार माह में गूंजेगा अंहिसा परमो धर्म: का मंत्र

By: Subodh Tripathi

Published: 01 Jul 2019, 12:54 PM IST

नीमच. चातुर्मास के चार माह जैन समाज में सबसे महत्वपूर्ण माह माने जाते हैं। इन चार माह में धर्म आराधना, ज्ञान और संस्कार की गंगा बहती है। चूकि जैन समाज अहिंसा को परम धर्म मानता है इस कारण बारिश में किसी प्रकार से जीव हत्या नहीं हो इस कारण जैन संत इन चार माह के दौरान एक ही स्थान पर रहकर पूजा पाठ व आराधना करते हैं, इसी के चलते रविवार को साध्वी गुणरंजना का मंगल प्रवेश चार्तुमास के निमित्त हुआ है।


साध्वी गुणरंजना श्रीजी मसा का शहर में 30 जून को सुबह 9 बजे स्टेशन रोड स्थित जिनकुशल दादावाड़ी से मंगल प्रवेश हुआ। जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शंखेश्वर पाश्र्वनाथ पद्मावती धाम ट्रस्ट शक्ति नगर पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। जुलूस में सबसे आगे बैंडबाजों पर भजनों की स्वरलहरियां बिखर रही थी। वहीं महिलाएं लाल, केसरिया, गुलाबी परिधानों में मंगल कलश शिरोधार्य कर कतारबद्ध तरीके से चल रही थी। वहीं जैन समाज के पुरूष व युवा सफेद परिधानों में शंखेश्वर पाश्र्वनाथ एवं महावीर स्वामी के जयघोष लगाते हुए चल रहे थे ।

नवयुवक मण्डल एवं नाकोड़ा मित्र मण्डल के युवा ढोल की थाप पर नृत्य की मस्ती में झूमते हुए चल रहे थे । जुलूस मार्ग में करीब 15 से अधिक तोरण द्वार लगाकर साध्वी गुणरजना श्रीजी मसा की भव्य आगवानी की गई । मंगल प्रवेश जुलूस का शुभारंभ जैन दादावाड़ी स्टेशन रोड़ में पूजा अर्चना से हुआ । श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह साध्वी का पगलिया व अक्षत गवली कर भव्य अगवानी की गई ।


अब चार माह होगी अमृत ज्ञान की गंगा
धर्मसभा में सांसद रघुनंदन शर्मा ने कहा कि साध्वी के आगमन से यह स्थान पवित्र हो गया है अब चार माह तक यह अमृत ज्ञान की वर्षा होगी । अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए बुरी बातों को निकालना चाहिए। मैं सनातन धर्म में पैदा हुआ हूं लेकिन मेरी दिनचर्या जैन समाज के सिद्धान्तों पर आधारित है मैं जैन समाज से आग्रह करता हूं कि वे समाज के युवाओं को संकल्प दिलवाकर संकल्प पत्र भरवाएं। जैन आचरण का संकल्प दिलवाएं व उनके आचार विचार भी वैसे हों । भीलवाड़ा के पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रराज सिंघवी ने कहा कि हमारा जीवन धर्म के काम आ जाए तो हम धन्य है धर्म हमारा कर्तव्य है कोई कुछ भी बन जाए पर हमारा समाज सबसे बड़ा धर्म है। श्रावक बनना बड़ा धर्म है हमारे मुख से धर्म की भाषा कभी-कभी निकलती है बाकी समय हम राजनीति में व्यस्त रहते हैं। जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि आज बहुत गर्व का क्षण है अगले चार माह चार्तुमास में अपने जीवन को सफल बनाएं जीवन को सफल बनाने का समय आ गया है। जीवन को सफल बनाने के लिए धर्म का पालन करें । विधायक दिलीपसिंह परिहार ने कहा कि चौमासा चार्तुमास अपने जीवन में परिवर्तन लाता है हम कुटुम्ब के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करें । इस देश में दुध, दही की नदिया बहती थी। नपाध्यक्ष राकेश पप्पू जैन ने कहा कि चार्तुमास होने वाला है हमारे अंधेरे भरे जीवन में गुरू प्रकाश दिखाता है। जैन समाज का गौरव है पूरे देश में महाराणा प्रताप का सैनापति आबू जैन था। इस अवसर पर महंत मोहनशरण शास्त्री, निर्मल शरण, लालचंद पाटीदार हाड़ी पिपलिया, राजेन्द्र संघवी, चन्द्रराज संघवी, रघुराजसिंह चौरडिय़ा ने भी विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर गुड मोरनिंग इण्डिया जयपुर की बहनों ने सबसे बड़ा गुरू चरणों में इस दुनिया में नाता है, स्वागत करने आए आपका जयपुर समाज पधारों जैन जगत के गुरू, राजेन्द्र बम्बोरिया ने जिनशासन की पताका लहरा रहे है जिनशासन की शोभा बढ़ा रहे है कविता प्रस्तुत की । इस अवसर पर शंखेश्वर पाश्र्वनाथ पद्मावती धाम ट्रस्ट शक्तिनगर बघाना के ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश आंचलिया, चार्तुमास समिति के प्रितमचंद खिमेसरा, प्रेमप्रकाश जैन, मनोहरसिंह , शोकिन जैन, लाला पाटीदार, संजय बैगानी सहित बड़ी संख्या मे समाजजन उपस्थित थे ।


14 जुलाई से शुरू होंगे चातुर्मास
इस बार चातुर्मास 14 जुलाई से प्रारंभ हो जाएंगे। इससे पहले जैन संतों का मंगल प्रवेश हो जाएगा। शंखेश्वर पाश्र्वनाथ पद्मावती धाम ट्रस्ट शक्तिनगर बघाना के ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश आंचलिया ने बताया कि चातुर्मास १४ जुलाई से प्रारंभ होकर पूरे चार माह चलेंगे। जिसमें धर्म आराधना के ठाठ रहेंगे।

Subodh Tripathi Desk
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