Congress MP News अब कांग्रेस की पूर्व सांसद के साथ ऐसा क्या हुआ कि पहुंचना पड़ा 'कोर्ट'

पूर्व विधायक डा. जाजू और पूर्व नीमच नपाध्यक्ष चौरडिय़ा को भी लगाना पड़ी हाजरी

By: harinath dwivedi

Published: 18 Dec 2018, 01:26 PM IST

नीमच. लोकसभा चुनाव 2009 में जनसम्पर्क के दौरान ग्राम सोनियाना में धार्मिक स्थल पर सभा करने और आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप से सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी नीमच ने पूर्व सांसद को बरी कर दिया। उनके साथ पूर्व विधायक और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीमच को भी दोषमुक्त किया है।

तीनों को किया बरी

अभिभाषक मनीष जोशी ने बताया कि वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ रही मीनाक्षी नटराजन पर ग्राम सोनियाना में धार्मिक स्थल पर सभा करने और आचार संहिता का उल्लंघन करने पर प्रकरण दर्ज किया गया था। पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन सहित पूर्व विधायक डा. सम्पत स्वरूप जाजू और पूर्व नगरपालिका नीमच अध्यक्ष रघुराजसिंह चौरडिय़ा के खिलाफ पुलिस ने धारा 188 में आचार संहिता उल्लंघन और रिलीजियस इंस्टीट्यूशन एक्ट 1988 की धारा 3 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था। रिलीजियस इंस्टीट्यूशन एक्ट में 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। इस धारा में धार्मिक स्थल का राजनीति प्रयोजन से उपयोग करने का आरोप लगाया जाता है। प्रकरण के पक्ष में प्रस्तुत साक्ष्य, गवाह आदि आरोपियों का दोष प्रमाणित करने में सफल नहीं रहे। ऐसे में न्यायिक दंडाधिकारी नीमच मनोजकुमार राठी ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों को बरी करने का आदेश जारी किया।

इस बार भी सांसद पर गिरी है गाज
विधानसभा चुनाव 2018 में भी नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार और जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के साथ सांसद सुधीर गुप्ता पर भी आचार संहिता उल्लंघन की गाज गिरी है। तीनों जनप्रतिनिधियों को चुनाव के दौरान न्यायालय के चक्कर काटना पड़े थे। नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार पर तो आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले दर्ज हुए। माननीय न्यायाधीश ने उन्हें अंतिम चेतावनी देकर छोड़ा था। यदि उनपर तीसरी बार आचार संहिता का मामला दर्ज होता तो नि:संदेह चुनाव प्रचार अभियान पर संकट के बादल मंडराने लगते।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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