उल्लेखनीय है कि सीबीएन की टीम ने 27 अगस्त 2021 को बाबू सिंधी के उसके गोदाम से 25 टन ड़ोडाचूरा, अफ़ीम कालादाना , पिसा हुआ डोड़ाचूरा ज़ब्त किया था तथा बाबू को मोके से गिरफ़्तार किया था। जब बाबू के गोदाम पर छापा पड़ा था तो देवास से पंकज नीमच आ गया था, तभी से वह ड्यूटी पर नही गया। इस बीच तस्कर बाबू के जन्मदिवस पर 12बोर बंदूक़ से केक काटने का विडीओ वायरल होने के बाद उसे निलम्बित कर दिया था। इधर देवास एसपी ने जाँच में जवाब के लिए कई बार नोटिस जारी किए, घर पर भी नोटिस चस्पा किए, पर देवास पुलीस के सामने पंकज उपस्थित भी हुआ, इसी प्रकार सीबीएन ने भी बाबू के साथ संलिप्ता पाए जाने पर नोटिस जारी किए थे।पंकज पर सीबीएन लगातार दबाव बना रही थी, आज मंगलवार को आखऱिकार पंकज कुमावत को हाजऱि होना पड़ा, देर रात तक तस्कर के साथी पंकज से पूछताछ जारी थी, सूत्र बताते है कि गिरफ़्तारी के बाद उसे कोर्ट पेश किया जा सकता है।अफ़सरों के फ़ोरव्हिलर अनुबंध पर लगाता था, कार में लोकेशन का डिवाईज लगाता था ओर अफ़सरों की लोकेशन का भी पंकज पता लगाता था।
तस्कर बाबू के साथ पुलिसकर्मी
बाबू के साथी पंकज के बारे में सीबीएन को कई अहम जानकारी मिली है, पंकज नीमच मंदसौर में बड़े अफ़सरों के गाडय़िाँ किराए पर रखाता था ओर उन गाडिय़ों में लोकेशन ट्रेस वाला डिवाईज लगा देता था, ताकि अफ़सर कन्ही भी जाए तो उसे लोकेशन मिलती रहे, कऱीब एक दर्जन गाडय़िाँ पंकज ने दूसरे नामों से अफ़सरों के यहा किराए से लगा रखी थी, तस्कर बाबू के जन्मदिवस पर जिस बंदूक़ से केक काटा था, वह नारायणगड़ के महिपाल गुर्जर की थी, महिपाल के नाम से एक कार को एक अधिकारी के यहा अनुबंधित कर रखी थी, बाद में चुपचाप उस कार को हटा दी थी। सूत्र बताते है कि बाबू की तमाम मादक प्रदार्थ से भरी गाडय़िों की पंकज पायलेटिंग करता था तथा तस्करी से आने वाले पेसो में उसकी बराबर की हिस्सेदारी थी। नीमच सिटी थाने में पदस्थ रहते हुए पंकज ओर बाबू ने मिलकर जमकर तस्करी की।
बाबू के साथ तस्करी में पंकज ने करोड़ों रुपए अर्जित किए,इसमे पंकज का फार्महाउस, चंगेरा के यहा बाबू के साथ मिलकर खऱीदी ज़मीन शामिल है।
शातिर है पंकज, फ़ेसटाइम, वट्सएप कालिंग के ज़रिए करता बातचीत
यू कहने को तो पंकज पुलिस विभाग में है, लेकिन जब से बाबू से दोस्ती हुई तो पूरी तरह तस्करी में उतर गया।2017 के बाद से ही पंकज बाबू के साथ मिलकर तस्करी में लिप्त हो गया। पुलिस बाबू पर हाथ ना डाले, इसलिए मासिक बंदी किसको कितनी देनी है , यह पंकज ही तय करता था, पुलिस संभ्धित पूरा काम पंकज देखता था। नीमच सिटी थाने में रहते हुए पंकज ने पूरी तरह से बाबू के साथ हिस्सेदारी में तस्करी की। सीबीएन को बाबू से पंकज का करोड़ों का लेनदेन भी मिला है।