Eye Patient Death इंदौर की तर्ज पर यहां भी एक नेत्ररोगी की हुई मौत

Eye Patient Death इंदौर की तर्ज पर यहां भी एक नेत्ररोगी की हुई मौत
नीमच

Mukesh Sharaiya | Updated: 25 Aug 2019, 02:19:26 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

ऑपरेशन टेबल पर पहुंचने से पहले ही हो गई मौत

 

नीमच. यहां के गोमाबाई नेत्रालय में उस समय हड़कम्प मच गया जब ऑपरेशन टेबल पर पहुंचने से पहले एक मरीज की मौत हो गई। कारण कुछ भी रहा हो, लेकिन बुजुर्ग की मौत होने से सनसनी फैल गई। अस्पताल के एमडी और निजी चिकित्सक ने सीपीआर देेकर मरीज को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

शिविर में हुआ था ऑपरेशन के लिए चयन
गोमाबाई नेत्रालय के सहायक प्रबंधक मुकेश मेहता ने बताया कि 22 अगस्त को भावगढ़ जिला मंदसौर में जांच शिविर लगाया गया था। शिविर में ऑपरेशन के लिए चयनित मरीजों को 23 अगस्त को ऑपरेशन के लिए नेत्रालय बुलाया गया था। मंदसौर जिले के ग्राम बनी (तहसील सीतामऊ) निवासी रुघनाथ पिता भेराजी बावरी (70) ऑपरेशन कराने के लिए शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे नेत्रालय पहुंचे थे। रुघनाथ के साथ उनकी पत्नी कलाबाई बावरी भी थीं। शनिवार को दोपहर 12.45 से एक बजे के बीच अन्य मरीजों के साथ रुघनाथ को भी ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया था। अन्य चार मरीजों के साथ रुघनाथ को भी आंख सुन्न करने का इंजेक्शन लगाया गया था। इंजेक्शन लगाते ही उनकी तबीयत खराब हो गई थी। सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। डा. आरपी माहेश्वरी को बुलाया गया। उन्होंने तुरंत सीपीआर देकर मरीज को ठीक करने का प्रयास किया। साथ ही निजी चिकित्सक डा. अशोक जैन को भी बुलाया। दोनों चिकित्सकों ने करीब 10.15 मिनट प्रयास किया, लेकिन मरीज को नहीं बचाया जा सका। इस दौरान मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने आए अन्य मरीजों को भी आंख सुन्न करने के इंजेक्शन लगाए गए थे। उन्हें कुछ नहीं हुआ। शनिवार को 22 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए है। नेत्रालय की ओर से रुघनाथ की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी को सूचना दे दी गई थी। उन्होंने गांव से अपने बेटों को बुला लिया था। शाम 4.30-4.45 बजे के करीब वे रुघनाथ का शव लेकर चले गए। नेत्रालय की ओर से शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा गया था, लेकिन परिजनों ने मना कर दिया था।

मरीज को आया था कार्डिक अरेस्ट
गोमाबाई नेत्रालय में एक मरीज को मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने से पहले आंख सुन्न करने का इंजेक्शन लगाया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। मुझे अस्पताल बुलाया गया। मैं वहां पहुंचा। मरीज को ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बचाया जा सका। संभवत: उम्र अधिक होने से वे आंख में लगे इंजेक्शन को सहन नहीं कर सके और कार्डिक अरेस्ट से उनकी मृत्यु हो गई। जिने भी मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन होते हैं सभी की जांच कर सुन्न करने लिए आंख में इंजेक्शन लगाया जाता है।
- डा. अशोक जैन, एमडी

सीपीआर भी दिया, नहीं बचा सके
शनिवार को नेत्रालय में बुजुर्ग व्यक्ति को मोतियाबिंद ऑपरेशन से पहले आंख सुन्न करने के लिए इंजेक्शन लगाया गया था। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मैं तुरंत ऑपरेशन थियेटर में पहुंचा। सीपीआर देकर मरीज को बचाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बचाया सके। निजी चिकित्सक डा. अशोक जैन को भी बुलाया गया था। उन्होंने भी प्रयास किया, लेकिन बुजुर्ग को नहीं बचाया जा सका।
- डा. आरपी माहेश्वरी, गोमाबाई नेत्रालय

मृत्यु होने की दी जानकारी
गोमाबाई नेत्रालय में ऑपरेशन कराने आए थे। पहले कोई बीमारी नहीं थी। भावगढ़ जिला मंदसौर में 22 अगस्त को लगे शिविर में आंख की जांच कराई थी। वहां से ऑपरेशन के लिए यहां बुलाया था। शुक्रवार को नेत्रालय आ गए थे। ऑपरेशन के लिए अंदर ले गए थे। बाद में बताया कि उनकी मृत्यु हो गई।
- कलाबाई, मृतक की पत्नी

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned