आधे रह गए देशी और ऊंटी लहसुन के दाम

-१५ हजार बोरी की हुई बंपर आवक
-पिछले साल बिकी ६-७ हजार, इस बार नहीं पार हो रहा ४ हजार का आंकड़ा

By: harinath dwivedi

Published: 10 Feb 2018, 12:57 PM IST

नीमच. जो लहसुन पिछले बार सीजन की शुरूआत में ६ से ७ हजार रुपए प्रति क्ंिवटल के दाम पर नीलाम हो रही थी। वह लहसुन इस बार ४ हजार का आंकड़ा भी मुश्किल से पार कर रही है। वर्तमान में जहां देशी लहसुन पानी मौल बिक रही है। वहीं फस्र्ट ऊंटी भी बेस्ट से बेस्ट क्वालिटी ४ से साढ़े चार हजार रुपए प्रति क्ंिवटल के दाम पर बिक रही है।
यह कहना था, शुक्रवार को जिले सहित दूर दराज से आए किसानों का, जिन्होंने बताया कि पिछली बार नई लहसुन की आवक होने के साथ ही लहसुन ६ हजार से ७ हजार रुपए क्ंिवटल के दाम पर नीलाम हो रही थी, जो बाद में ओर भी बढ़ी। इसी के चलते इस बार अधिकतर किसानों ने लहसुन की बोवनी की। वहीं कुछ किसानों ने पिछले बार की उत्पादित हुई लहसुन को इसलिए रोक लिया था, कि शायद बाद में आवक कम होने पर दामों में तेजी आएगी। लेकिन मामला सब उल्टा हो गया, एक तरफ नई लहसुन की आवक शुरू हुई तो दूसरी ओर वे किसान भी लहसुन लेकर मंडी पहुंचने लगे, जिन्होंने साल भर से बेची नहीं थी, इस कारण लहसुन की बंपर आवक हो रही है। जिसके चलते अन्नदाताओं को गत वर्ष की अपेक्षा आधे दाम भी नहीं मिल रहे हैं।
बतादें की शनिवार को माह का दूसरा शनिवार और रविवार को शासकीय अवकाश होने के कारण दो दिन तक लगातार अवकाश रहेगा, जिसके चलते शुक्रवार को लहसुन मंडी में पैर रखने की जगह भी नहीं बची थी, बंपर आवक होने के कारण लहसुन के ढेर प्याज मंडी तक लगे हुए थे। जिससे पूरा मंडी प्रांगण सफेद सोने की चादर से पटा था। क्योंकि एक ओर जहां मंडी में नई लहसुन की आवक शुरू हो गई है, वहीं किसान पुरानी लहसुन भी निकालने में जुट गए हैं।
लहसुन के दामों पर एक नजर
पुरानी देशी लहसुन ९००-१२००
नई देशी लहसुन १०००-१८००
फस्र्ट ऊंटी २०००-४५००
आवक -१५००० बोरी
जानकारों की माने तो देशी लहसुन की डिमांड काफी कम है, वहीं फस्र्ट ऊंटी की डिमांड अधिक है, क्योंकि इसकी कली बड़ी और सफेद झक होने के कारण इसकी डिमांड बड़े शहरों में भी रहती है। वहीं यह लहसुन दवाईयों में भी काम आती है। चूकि लहसुन एक साल बाद मुरछाने लगती है इस कारण पुरानी लहसुन की कीमत कम हो जाती है, वहीं नई लहसुन एक साल तक रखी जा सकती है। इस कारण इसकी कीमत अपेक्षाकृत अधिक होती है।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार लहसुन के दाम काफी कम है, वहीं देशी और फस्र्ट ऊंटी लहसुन के दामों में काफी अंतर है, फस्र्ट ऊंटी की कली बड़ी होने, दवाई में काम आने आदि के कारण महंगी होती है। अभी तो नई लहसुन की आवक काफी कम मात्रा में शुरू हुई है तो भी दाम कमजोर हैं, तो जब नई लहसुन की बंपर आवक होगी, तब तो निश्चित ही दामों में ओर भी गिरावट आएगी।
-विनोद प्रजापत, किसान, उपरेडा
जो लहसुन गए साल शुरू सीजन में छह से सात हजार रुपए प्रति क्ंिवटल के दाम पर नीलाम हुई थी, वह इस बार ढाई से तीन हजार रुपए प्रति क्ंिवटल बिक रही है। लहसुन बेचने से इस बार कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि जो दाम मिल रहे हैं। वे मात्र खर्चा ही निकाल पा रहे हैं। जबकि गत वर्ष अच्छे दाम मिलने के कारण इस बार अधिकतर किसानों ने लहसुन की बोवनी की थी।
-शांतिलाल पाटीदार, किसान,

harinath dwivedi Editorial Incharge
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