मांगे नहीं मानी तो ये करेंगे अध्यापक

मांगों को लेकर आज लामबंद होंगे अध्यापक और गुरुजी

By: harinath dwivedi

Published: 20 Jan 2018, 09:30 PM IST

नीमच. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को एक बार फिर जिले के अध्यापक और गुरुजी गांधीवाटिका में लामबंद होंगे। गांधीवाटिका में उन अध्यापकों का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने भोपाल, सिंगोली और रामपुरा में मुंडन कराए थे। यहीं दो घंटे का धरना प्रदर्शन भी दिया जाएगा।
अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष मनीष पुरोहित ने बताया कि प्रदेश सरकार अपने वादों ने लगातार पटलती आ रही है। अध्यापकों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले दिनों भोपाल में वृहद स्तर पर प्रदर्शन किया गया था। साथ ही सिंगोली और रामपुरा में भी अध्यापकों ने विरोध दर्ज कराते हुए मुंडन कराया था। अब जिला मुख्यालय पर बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें जिले के समस्त अध्यापक और गुरुजी शामिल होंगे। इस दौरान भोपाल में जिले के जिन अध्यापकों चांदमल पाटीदार उचेड़, विनोद राठौड़ बरलई और नंदकिशोर टेलर जावद का सम्मान किया जाएगा। इसी के साथ पिछले दिनों जिले की सिंगोली और रामपुरा तहसीलों में जिन अध्यापकों ने मुंडन कराए थे उनका भी सम्मान किया जाएगा। गांधीवाटिका में सुबह १२ बजे से दो घंटे का धरना भी दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन के दौरान यदि कोई अध्यापक स्वैच्छा से प्रदेश सराकर की वादा खिलाफी पर मुंडन कराना चाहेगा तो उसकी भी तत्काल व्यवस्था कराई जाएगी। पुरोहित ने बताया कि हमारी प्रमुख मांगों में शिक्षा विभाग में 1994 कि सेवाशर्तों के आधार पर संविलियन, छठे वेतनमान में सुधारकर सातवां वेतनमान प्रदेश के अन्य कर्मचारियों के समान देने, अनुकंपा नियुक्ति, गुरुजियों कि वरिष्ठता, बंधनमुक्त स्थानांतरण आदि हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह गैर राजनैतिक है। इस आंदोलन ने वृहद रूप ले लिया है। अब यह देश के अनेक राज्यों में फैल चुका है। इस कारण प्रदेश की सरकार भी बैकफुट पर आ गई है। आज हमें किसी भी राजनैतिक दल की आवश्यकता नही है। हम एकजुट हैं और इसी ताकत के दम पर अपनी मांगे मनवाकर ही मांनेंगे। अत: इस आंदोलन की राजनीति से न जोड़ा जाएएहम केवल अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत है और शाशन से अपेक्षा है कि वे हमारी समस्त वाजिब माँगो को सहउनुभूति पूर्वक बहुत जल्द पूरी करे ताकि हम अपने अध्यापक कर्तव्यों को पूरे मनोयोग से पूरा कर सकेंगेएअत जिले का प्रत्येक महिला एवं पुरुष अध्यापक साथी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने और जी के उन समस्त साथीयो का सत्कार एव सम्मान के भागीदार बने जिन्होंने अपने मुंडन कराया केशो का त्याग समस्त अध्यापक हितो के लिए किया और भोपाल स्तर पर जिले का मान रखा।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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