अफीम काश्तकारों को पट्टा वितरण शुरू, शुरूआत में 362 किसान आए

अफीम काश्तकारों को पट्टा वितरण शुरू, शुरूआत में 362 किसान आए
अफीम काश्तकारों को पट्टा वितरण शुरू, शुरूआत में 362 किसान आए

Virendra Singh Rathore | Updated: 11 Oct 2019, 12:14:54 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

अफीम काश्तकारों को पट्टा वितरण शुरू, शुरूआत में 362 किसान आए

नीमच। नई अफीम नीति घोषित होने के बाद गुरुवार से नीमच नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम काश्तकारी के लिए पट्टा वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रथम नीमच खंड द्वितीय के काश्तकारों को सम्मन देकर बुलाया गया। इस दौरान करीब 362 काश्तकार पट्टा लेने के लिए पहुंचे, जिनके के दस्तावेजों की जांच विभाग कर रहा है। वहीं कुछ काश्तकारों ने नई अफीम नीति के तहत औसत का मापदंड खत्म कर प्रति हैक्टेयर 4.5 मॉर्फिन देने की नीति को काला कानून करार दिया है। जिसके तहत करीब ६ हजार काश्तकारों के पट्टे समाप्त हो जाएंगे।

जिला अफीम कृषि निरीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि प्रथम दिन नीमच खंड द्वितीय के तहत जीरन, सिंगोली, रामपुरा तहसील क्षेत्र के 17 गांव के काश्तकारों सम्मन देकर पट्टा वितरण के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रथम दिन करीब 362 काश्तकारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है और पट्टे जारी किए जा रहें हैं। नीमच द्वितीय खंड में वर्ष 2018 में कुल 5 हजार 164 अफीम काश्तकार थे। इस बार 600 नए काश्तकारों को जोड़ा जा रहा है।

अफीम नई नीति काला कानून
अफीम काश्तकारों ने नारकोटिक्स उपायुक्त प्रमोद सिंह को नई अफीम नीति के खिलाफ ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। किसानों ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष २०१९-२० के लिए अफीम फसल बुवाई के लिए राजपत्र में गजट नोटिफिकेशन कर छह एवं बारह आरी के पट्टे वितरण किए जाने के निर्देश विगत वर्ष में किसानों द्वारा तुलवाई गई। अफीम में प्राप्त मॉर्फिन को मुख्य आधा बनाकर लायसेंस का वितरण किया जा रहा है। इस वर्ष के पूर्व तक किसानों को उनके द्वारा दी गई अफीम की औसत एवं गाढ़ता के आधार पर लाइसेंस प्रदान किए जाते रहें हैं। किन्तु इस वर्ष मॉर्फिन की मात्रा को लेकर लायसेंस वितरण का प्रावधान किया गया है। जिला नीमच के किसान मार्फिन के मानक एवं निर्धारण की प्रक्रिया से अवगत नहीं है। उनके पास एेसे कोई संसाधन एवं मापक नहीं है कि जिससे उनके द्वारा तुलवाई गई अफीम में मार्फिन का ज्ञान कर सके। काश्तकार की अफीम लेते समय सामने ही जांच होनी चाहिए। लेकिन अफीम जमा करने के बाद जांच और उसकी रिपोर्ट आती है। पता ही नहीं चलता हुआ क्या है। जिससे करीब ६ हजार काश्तकारों के लायसेंस कटने की नौबत आ गई है।

किसानों की शिकायत शासन को भेजी
मध्यप्रदेश के किसानों की अफीम खेती के लिए पट्टा वितरण का कार्य आज से शुरू हो गया है। नई अफीम नीति के तहत प्रति हेक्टेयर मार्फिन 4.5 प्रतिशता के अनुसार ही पट्टा वितरण किया जा रहा है। प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जा रही है। किसानों की नई नीति को लेकर विरोध है, उनकी शिकायत को शासन को भेज दिया गया है।
- प्रमोद सिंह, उपायुक्त नारकोटिक्स केंद्रीय कार्यालय नीमच।

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