गणेशजी की मूर्ति बनाकर कहा शासन को दें सद्बुद्धि

गणेशजी की मूर्ति बनाकर कहा शासन को दें सद्बुद्धि

harinath dwivedi | Publish: Sep, 05 2018 11:35:48 PM (IST) Neemuch, Madhya Pradesh, India

मांगों के समर्थन में बंद रहे निजी स्कूल

नीमच. अपनी मांगों के समर्थन में निजी शिक्षण संस्थाओं ने बुधवार को शिक्षक दिवस का बहिष्कार किया। विरोध स्वरूप जिले की सभी अशाकीय शिक्षण संस्थाएं बंद रही। अशासकीय शिक्षकों की एक कार्यशाला में शिक्षिकाओं को इका फ्रेंडली गणेश मूर्ति बनाना भी सिखाया। साथ ही गणेशजी से कामना की कि शासन को सद्बुद्धि दें कि निजी शिक्षण संस्थाओं पर थोपा गया मनमान निर्णय वापस ले।

अब स्कूलों में सिखाएंगे मूर्ति बनाना
कार्यशाला में आईं जिले के करीब 400 शिक्षिकाओं को प्रथम सत्र में रूपांतरण संस्था उज्जैन के राजीव पाहवा ने इको फ्रेंडली गणेश मूर्ति बनाना सिखाया। पाहवा वर्ष 1997 से इस तरह की गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं। जिला अशासकीय शिक्षण संस्था संघ के अध्यक्ष अजय भटनागर ने बताया कि उज्जैन से विशेष रूप से पाहवा यहां केवल गणेश मूर्ति बनाना सिखाने के लिए आए थे। पाहवा ने बताया कि जिस मिट्टी से इको फ्रेंडल गणेश की मूर्तियां बनाई जाती हैं वो काफी महंगी आती है। इस मिट्टी से मूर्ति बनाते समय उसमें बीज डाला जाता है। इसका लाभ यह होता है कि जहां मूर्ति का विर्सजन किया जाता है वहां मूर्ति गलने के बाद बीज अंकुरित हो जाता है। कुछ बाद पौधा उग आता है। इससे पर्यावरण को भी लाभ होता है। कार्यशाला में उपस्थित निजी शिक्षण संस्थाओं के संचालकों ने अपने स्कूलों में बच्चों को इसका प्रशिक्षण देने का निर्णय भी लिया है। जिन शिक्षिकाओं ने मूर्ति बनाना सीखा अब वे स्कूलों में बच्चों को सिखाएंगी। भटनागर ने बताया कि कार्यशाला में मूर्ति बनाकर हमने भगवान गणेश से कामना की कि शासन को सद्बुद्धि दो ताकि इस तरह के मनमाने निर्णयों को वापस लिया जाए।

गुरुवार को भी रहेंगे स्कूल बंद
जिला अशासकीय शिक्षण संस्था संघ द्वारा आयोजित शिक्षक दिवस बहिष्कार के दौरान निजी विद्यालय के शिक्षकों के साथ बैठकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय 'शिक्षा के सामने आने वाली चुनौतियां' था। इसमें प्रमुख वक्ता के रूप में पत्रिका के ब्यूरो चीफ मुकेश सहारिया ने अपने उद्बोधन में डर को सभी समस्याओं की जड़ बताते हुए शिक्षकों, स्कूल संचालकों एवं छात्रों के जीवन में निडर होकर जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कभी कभी डर सकारात्मक परिणाम भी देता है। उन्होंने स्वयं को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि मेरे जीवन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूण रही है। इस कारण आज मैं इस मंच पर खड़े होकर अप लागों से संवाद साध रहा हूं। साहित्यकार धर्मेन्द्र शर्मा ने शिक्षा के व्यवसायीकरण एवं व्यवहारिकता के मध्य अंत को रेखांकित कर अपनी कविता के माध्यम से सभी को जाग्रत रहकर उत्तम भारत के निर्माण की सलाह दी। कार्यशाला में जिलाध्यक्ष अजय भटनागर एवं तहसील अध्यक्ष जयप्रकाश पाण्डला, सुशील जाधव, सुनील शर्मा, प्रकाश जोशी, वीरेन्द्रसिंह चुण्डावत के साथ-साथ विधि सलाहकार महेश पाटीदार, पंकज दुबे, कैलाश सोनी, हरिशंकर राठौर आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में संघ की विभिन्न मांगों के साथ काले गुब्बारे छोड़कर ईश्वर से प्रार्थना भी की गई। संचालन प्रवीण अरोंदेकर व देशना जैन ने संयुक्त किया। कार्यशाला में ही घोषणा की गई कि अशासकीय शिक्षण संस्था संघ के प्रदेश व्यापी बंद का समर्थन करते हुए गुरुवार को भी जिले की सभी अशासकीय शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी। आगे की रणनीति पर गुरुवार को बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।

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