भावांतर पंजीयन के बचे 4 दिन, नहीं थम रही अन्नदाताओं की कतार

भावांतर पंजीयन के बचे 4 दिन, नहीं थम रही अन्नदाताओं की कतार

harinath dwivedi | Publish: Sep, 16 2018 11:15:17 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 11:15:18 PM (IST) Neemuch, Madhya Pradesh, India

भावांतर पंजीयन के बचे 4 दिन, नहीं थम रही अन्नदाताओं की कतार

नीमच. सोसायटी के बाहर मंदिर के लगे टैंट की छांव में अपनी बारी आने का इंतजार करते किसान, नंबर आने पर एक एक किसान को ऑनलाइन पंजीयन कराने में लग रहा 20 से 25 मिनट का समय। कभी सर्वर डाउन होने के कारण देर लगना तो कभी भीड़ अधिक होने के कारण किसानों द्वारा पंजीयन के लिए दो से चार दिन तक भटकना।
यह हालात शनिवार को प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मार्यादित नीमच सिटी पंजीयन केंद्र पर नजर आए। जहां शनिवार सुबह से आए किसानों का नंबर दोपहर बाद तक नहीं आया। ऐसे में कोई घर व खेती के काम छोड़कर अपना नंबर आने की बाट जोह रहा था, तो कोई सुबह से पंजीयन केंद्र पर पहुंचने के कारण अपने पशुओं को पानी भी पिलाकर नहीं आया था। किसानों ने बताया कि यह तो अच्छा है कि केंद्र के बाहर मंदिर का टैंट लगा है अन्यथा धूप में कहां बैठते।

 

भावांतर भुगतान योजना के तहत ऑनलाइन पंजीयन 11 अगस्त से प्रारंभ हो चुका है। जो पहले 11 सितंबर तक किया जाना था, जिसकी तिथि बढ़ाकर 20 सितंबर कर दी गई थी। चूकि 20 सितंबर करने के बाद भी पंजीयन कराने वाले किसानों की कतार थमने का नाम नहीं ले रही है। क्योंकि सर्वर डाउन होने के कारण एक एक किसान को पंजीयन कराने के लिए काफी समय लग रहा है। ऐसे में एक सेंटर पर करीब 25 से 30 किसानों का ही पंजीयन हो पा रहा है। शेष किसान या तो भीड़ देखकर लौट जाते हैं या फिर यह सोचते ही शायद कल आऊंगा तो कम भीड़ मिलेगी। लेकिन हालात यह हैं कि पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या कम नहीं हो रही है। ऐसे में पंजीयन की अंतिम तिथि में मात्र 5 दिन शेष बचे हैं जिसमें से रविवार का अवकाश होने के कारण अब शेष 4 दिन ही बचे हैं।
पत्रिका ने जब शनिवार को भावांतर भुगतान योजना के तहत ऑनलाइन पंजीयन की पड़ताल की तो हालात आश्चर्य जनक नजर आए। जहां पहले 40-42 सेंटरों पर ऑनलाइन पंजीयन चल रहा था, उन्हें बढ़ाकर 60 कर दिए गए। लेकिन शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तक मात्र 25 हजार 110 किसानों के ही पंजीयन हो पाए थे। वहीं कृषि उपज मंडी नीमच, मनासा और जावद सेंटर पर एक भी पंजीयन नहीं हुआ। क्योंकि इन केंद्रों पर पंजीयन किए ही नहीं जा रहे हैं। किसानों का मानना है कि यहां भी पंजीयन होते तो शायद काफी किसानों को असानी होती।
मैं पंजीयन कराने के लिए 5 बार अलग अलग दिन आ चुका हूं। कभी भीड़ देखकर वापस चला जाता, तो कभी सर्वर डाउन होने के कारण ज्यादा देर नहीं रूक पाया। शनिवार सुबह करीब 08.30 बजे ही सोयायटी पर पंजीयन कराने के लिए आ गया था। लेकिन दोपहर २ बजे गए हैं अभी तक नंबर नहीं आया।
-भगत सिंह, किसान, धनेरिया खुर्द
पंजीयन केंद्र पर अधिक भीड़ होने के कारण कई किसान वापस लौट कर जा रहे हैं। मैं पहले भी 7 सिंतबर को आया था। लेकिन भीड़ अधिक थी, चूकि अब दो चार दिन ही बचे हैं। साथ ही रविवार की छुट्टी भी है। ऐसे में शनिवार सुबह 8 बजे ही आ गया था, ताकि पंजीयन हो जाए। लेकिन दोपहर सवा २ बज गए। अभी तक नंबर नहीं आया। हालांकि फार्म ले लिए हैं तो निश्चित ही पंजीयन तो हो जाएगा। लेकिन कब होगा भगवान जाने।
-लक्ष्मण गुर्जर, किसान चौथखेड़ा


वर्तमान में 20 सितंबर भावांतर भुगतान योजना की अंतिम तिथि है। संभावना है कि तारीख बढ़ जाएगी। हालांकि 57-58 सेंटरों पर पंजीयन चल रहा है। इसलिए लगातार पंजीयन होते जा रहे हैं। सर्वर डाउन की समस्या कभी कभी आ जाती है क्योंकि पूरे प्रदेश में ऑनलाइन पंजीयन चल रहे हैं। इस कारण कभी कभी समस्या आ जाती है। मंडी वाले सेंंटर बनाए ही नहीं गए।
-आरसी जांगड़े, जिला आपूर्ति अधिकारी

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