एक माह बाद फिर करनी है बोवनी, इसलिए आंख बंद कर रहे यह काम किसान

एक माह बाद फिर करनी है बोवनी, इसलिए आंख बंद कर रहे यह काम किसान

By: Subodh Tripathi

Updated: 05 Sep 2019, 12:48 PM IST

नीमच. लहसुन से खचाखच भरे तीनों शेड, मंडी के दोनों मुख्य द्वारों पर लगी लहसुन से लदे वाहनों की कतार, वाहनों के साथ ही गेट के बाहर खड़े किसान यह इंतजार कर रहे थे कि कब मंडी में प्रवेश मिले। यह नजारा देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे मंडी में बंपर आवक है। लेकिन वहीं दूसरी ओर अनाज मंडी में इससे विपरित स्थिति नजर आई। अनाज मंडी में काफी कम आवक होने के कारण पूरे प्रांगण में सन्नाटा पसरा था, वहीं शेड के अंदर कुछ ही ढेर नजर आ रहे थे। जिसका मुख्य कारण भुगतान की बदली व्यवस्था नजर आ रहा था।


बुधवार को अनाज मंडी में गेहूं, सोयाबीन सहित अन्य उपज की आवक सामान्य रही, इस कारण शेड में तो कुछ ढेर नजर आ रहे थे। लेकिन मंडी प्रांगण पूरी तरह खाली पड़ा था। ऐसे में कुछ किसान एक साथ समूह के रूप में बैठकर भुगतान की बदली व्यवस्था पर चर्चा करते नजर आए, इसमें कुछ किसान ऑनलाइन भुगतान को बेहतर व्यवस्था बता रहे थे, तो कुछ का कहना था कि भले ही पूरा नहीं बल्कि कुछ भुगतान मिल जाए तो निश्चित ही घर जाते वक्त रास्ते से कुछ खरीददारी कर सकते हैं। अन्यथा खाली हाथ ही घर लौटना पड़ता है। वहीं कुछ ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से ऑनलाइन भुगतान काफी बेहतर है। लेकिन वह दो से तीन दिन में खाते में आता है तब तक किसान को अपनी जरूरत को दबा कर रखना होगा। ऐसे में ऐसा करना चाहिए कि पहले जिस प्रकार 50 हजार रुपए तक नकद दिए जाते थे, वह व्यवस्था फिर से चालु की जाए, वहीं कुछ किसान यह कहते नजर आए कि पूरा भुगतान आरटीजीएस से कर दें, लेकिन 10-20 हजार रुपए तो हाथ में देना चाहिए, ताकि जिस वाहन उपज लादकर लाए हैं उसका डीजल भाड़ा आदि निकल सकें। वहीं छोटी मोटी खरीददारी हो सके।


लहसुन के तीनों शेड दो बार हुए फूल, 3 हजार बोरी गुरुवार को होगी नीलाम
लहसुन मंडी में बुधवार को करीब 15 हजार बोरी लहसुन की आवक रही, ऐसे में दो बार लहसुन मंडी के तीनों शेड खाली होकर नीलाम हो गए थे, लेकिन जब तीसरी बार शेड भराए तो मंडी नीलामी का समय पूर्ण हो चुका था। ऐसे में शेष बचे करीब 3 हजार लहसुन के ढेर गुरुवार को नीलाम होंगे। बुधवार को औसत 5 हजार रुपए से लेकर 12 हजार रुपए तक लहसुन की नीलामी हुई।


अंतिम दौर में हो रही लहसुन की जोरदार आवक
लहसुन की अक्टूबर माह में बोवनी होती है। वहीं इसका उत्पादन फरवरी मार्च में प्राप्त होता है। इस मान से लहसुन की आवक अंतिम दौर में चल रही है। क्योंकि अगले माह से फिर किसान लहसुन की बोवनी में लग जाएंगे। इस कारण जिन किसानों ने अभी तक अच्छे दाम के चलते लहसुन रोक रखी थी वे भी अब बेचने लगे हैं। ताकि अगले माह से लहसुन बोवनी में जुट जाएं। इस बार पूरे साल लहसुन की जोरदार आवक रही।
आरटीजीएस से भुगतान प्रक्रिया ठीक है। किसान को पैसा मिल ही जाता है। चूकि सालों से किसान नकद लेनदेन की करता है। इस कारण आदत में भी वही होने के कारण कुछ किसान अभी समझ नहीं पा रहे हैं। लेकिन कुछ दिन में यह प्रक्रिया रूटिन में आ जाएगी। फिर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि पहले के अनुसार कुछ पैसा 10-20 हजार या 50 हजार तक किसान को केश मिल जाए तो निश्चित ही वह शहर से गांव जाते समय कुछ खरीददारी कर सकते हैं।
-कमलेश धाकड़, मेंढ़की, किसान


चूकि अगले माह फिर किसानों को लहसुन की बोवनी करनी है। इस कारण अंतिम दौर में भी लहसुन की अच्छी आवक हो रही है। क्योंकि किसान अब जो लहसुन सालभर से रख रखी थी, उसे बेचने लगा है ताकि आगे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आए। फरवरी मार्च से फिर नई लहसुन का उत्पादन आ जाएगा।
-अरविंद पाटीदार, किसान


नेफ्ट और आरटीजीएस प्रक्रिया से भुगतान हो रहा है। इसमें किसान और व्यापारियों द्वारा एक दूसरे का सहयोग किया जा रहा है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आ रही है। इस बारे में मंडी में भी विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग्स लगा दिए हैं ताकि किसानों को भी उपज लाते समय बैंक खाते की फोटोकॉपी लाने की जानकारी मिल जाए।
-दिनेशकुमार जैन, मंडी निरीक्षक, नीमच कृषि उपज मंडी

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