पूरी ताकत लगाने के बाद भी इस सीट पर कांग्रेस की जीत मुश्किल

पूरी ताकत लगाने के बाद भी इस सीट पर कांग्रेस की जीत मुश्किल

harinath dwivedi | Publish: Nov, 10 2018 01:18:59 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 01:19:00 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

ऐसे क्या बन रहे हैं हालात जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

नीमच. शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दिन नीमच विधानसभा सीट से कांगे्रस और भाजपा के दो प्रबल दावेदारों ने बगावती तेवर दिखाते हुए अपने नामांकन पत्र जमा कराए। कांग्रेस की जिला कार्यकारी अध्यक्ष मधु बंसल और भाजपा के पूर्व विधायक सज्जनङ्क्षसह चौहान ने बगावत का बिगुल फूंका है। इस सीट पर अब चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।

भाजपा और कांग्रेस के बागी बनेंगे सिरदर्द
नीमच विधानसभा सीट से मधु बंसल, सज्जनङ्क्षसह चौहान के अतिरिक्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेंद्र परिहार और विहिप और बजरंग दल से जुड़े बाबूलाल नागदा ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। परिहार और नागदा को क्षेत्र में विशेष जनाधार नहीं है। 14 नवंबर तक यदि मधु बंसल और सज्जनङ्क्षसह चौहान अपने नाम वापस नहीं लेते हैं तो यहां से चतुष्कोणीय मुकाबला होगा। मधु बंसल अपने आप में राजनीतिक पकड़ रखती है। सज्जनङ्क्षसह चौहान को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को समर्थन प्राप्त है।

जावद में त्रिकोणीय मुकाबला
जावद में इस बार भी त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। पिछले चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के सामने राजकुमार अहीर बागी के रूप में मैदान में उतरे थे। इस बार समंदर पटेल ने बागी बन नामांकन पत्र दाखिल किया है। इससे कांग्रेस को ही नुकसान होने की आशंका अधिक है। यह बात भी सही है कि इस सीट से भाजपा के ओमप्रकाश सखलेचा को भी संगठन स्तर पर नेताओं के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। यदि संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी दूर करने के लिए ठोस पहल नहीं की तो इसका खामियाजा भाजपा को उठाना पड़ सकता है।

असंतुष्ठों को मनाने में लगेंगे नेता
नीमच और जावद सीट से अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत सामने आने से दोनों ही प्रमुख दालों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इसके लिए संगठन के वरिष्ठ नेता मैदान में उतर भी चुके हैं। पूर्व सांसद डा. लक्ष्मीनारायण पांडे के पुत्र के बाद सांसद सुधीर गुप्ता ने भी भाजपा के नाराज नेताओं को मनाने के लिए उनके सम्पर्क साधा है। इसके साथ ही अब प्रत्याशी भी अपने स्तर पर नाराजगी दूर करने में जुटते दिख रहे हैं। नीमच और जावद से कांग्रेस के बागी अपना नामांकन वापस ले लें इसके लिए संगठन और प्रत्याशियों ने जुगाड़ भिड़ाना शुरू कर दी है। ऐसे में अब स्थिति १४ नवंबर के बाद ही स्पष्ट होगी।

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