ऐसी क्या वजह थी कि शासन ने अवैध को नियम विरूद्ध कर दिया वैध

ऐसी क्या वजह थी कि शासन ने अवैध को नियम विरूद्ध कर दिया वैध

harinath dwivedi | Publish: Oct, 13 2018 11:20:07 PM (IST) Neemuch, Madhya Pradesh, India

करोड़ों रुपए के अवैध भूखंड को शासन ने कैसे किया वैध यहां पढ़ें

नीमच. योजना क्रमांक 36बी के चार बेसकीमती भूखंडों में से तीन के नामांतरण और लीज बहाली पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। एक भूखंड के मामले में पिछले दिनों प्रदेश शासन ने नियम विरूद्ध लीज बहाली के आदेश जारी कर दिए है। इस मामले ने नया तूल पकड़ लिया है। अब पूर्व पार्षद संघ भी लीज बहाली के विरोध में मैदान में उतर आया है। चौकाने वाली बात यह है कि शासन स्तर पर जिस अधिकारी ने लीज बहाली के आदेश दिए हैं उन्हें नगरपालिका प्रकरण की सुनवाई करने का अधिकार ही नहीं है।

जिसका मिला नोटिस उसपर नहीं फैसला
नगर सुधार न्यास (टीआईटी) ने वर्ष 1993 में योजना क्रमांक ३६बी में भूखंड क्रमांक 1049 का आवंटन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल नीमच में पदस्थ रहीं महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ सुखप्रेम कौर को चिकित्सालय खोलने के लिए आवंटित किया था। महिला चिकित्सक पंजाब की रहने वाली थीं। ढिल्लन को जब भूखंड आवंटित किया गया था तब शर्त भी रखी गई थी कि भूमि बेच नहीं सकती। 24 महीने में अस्पताल बनाने अनिवार्यता की शर्त भी थी। बावजूद इसके महिला चिकित्सक ने वर्ष 2011 में उक्त भूमि बेच दी। इसकी जानकारी मिलने पर नगरपालिका परिषद ने स्वत: मामला संज्ञान में लिया और 21 अप्रैल 2011 को भूखंड आवंटन/पट्टा निरस्त कर दिया था। जिस व्यक्ति डा. संदीप कोठारी ने महिला चिकित्सक से भूखंड खरीदा था उसने नगरपालिका के खिलाफ ही एक शिकायत अपर सचिव नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल को की। शिकायत में आरोप लगाए कि नगरपालिका के स्वामित्व की जमीन होने के बाद भी नामांतरण नहीं किया जा रहा है। उल्टा परेशान किया जा रहा है। नगरपालिका ने शासन को भी डा. कोठारी से नोटिस का ही जवाब प्रस्तुत किया था। चौकाने वाली बात यह है कि नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल के अपर सचिव का जो आदेश आया है वो डा. ढिल्लन के अभ्यावेदन के निराकरण का आया है, जबकि इस संबंध में नगरपालिका को कोई नोटिस ही नहीं मिला दिया गया था। नपा को सुनवाई का जो नोटिस मिला था वो डा. संदीप कोठारी के 12 जुलाई 2008 के आवेदन पर मिला था।

निरस्त किए संकल्प का हो चुका है पालन
योजना क्रमांक 36बी के भूखंड क्रमांक 1047, 1048 और 1049 का आवंटन नगरपालिका द्वारा निरस्त किया जा चुका है। शासन ने अपने आदेश में जो संकल्प निरस्त करने का आदेश दिया है उसका नपा की ओर से पालन किया जा चुका है। डा. एलआर अग्रवाल (भूखंड क्रमांक 1047) के प्रकरण में कोर्ट ने नपा की कार्रवाई को वैध भी माना है। नपा की ओर से भूखंड क्रमांक 1049 के लिए लीज रद्द करने से पहले 11 अप्रैल 2011 को कारण बताओ सूचना पत्र ढिल्लन को जारी किया गया था। ढिल्लन की ओर से इसके लिए समय भी मांगा गया था। इस प्रकरण में शासन की ओर से निर्देशित किया गया है कि उक्त भूखंड पर क्षेत्र लीज रेंट तत्काल 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ आवेदिका द्वारा आगामी 15 दिवस में जमा किया जाए। साथ ही शासन ने अपने फैसले में लिखा है कि उक्त भूखंडा क्रमांक 1049 के संबंध में निष्पादित पट्टानामा की मूल शर्तें पूर्ववत रहेंगी। शासन की अपने आदेश में लिख रहा है कि पट्टानामा की मूल शर्तें यथावत रहेंगी तो सबसे बड़ी शर्त तो यही थी कि भूखंड किसी कीमत पर बेचा नहीं जाएगा। ऐसे में शर्त का तो यहीं उल्लंघन कर दिया गया। इसके बाद शासन के फैसले का औचित्य क्या रह जाता है। नपा अधिनियम में परिषद के आदेशों आदि के निष्पादन को निलंबित करने की शक्ति संभागीय आयुक्त, संचालक नगरीय नियोजन एवं विकास, कलेक्टर या राज्य सरकार का दिया गया है। अधिनियम में अपर सचिव को नपा के प्रकरण की सुनवाई करने का अधिकार ही नहीं है। ऐसे में इस फैसले पर ही प्रश्न चिह्न लग रहे हैं।

पूर्व पार्षद संघ ने सौंपा आवेदन
नगरपालिका के पूर्व पार्षद संघ ने एक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन नगरपालिका में सौंपा। आवेदन के माध्यम से पूर्व पार्षद संघ ने कहा कि योजना क्रमांक 36बी में डा. सुखप्रेम कौर ढिल्लन को भूखंड क्रमांक 1049 का आवंटन किया था। इस भूखंड पर 24 माह में निर्माण करना अनिवार्य था। लेकिन लीज शर्तों का उल्लंघन करते हुए डा. ढिल्लन ने उक्त भूखंड डायग्नोसिस एंड नर्सिंग होम प्रालि नीमच आदि पांच भागीदारों को बेच दिया। अब शासन ने उक्त भूखंड को लेकर जो आदेश दिए हैं उसकी व्याख्या की जानी चाहिए। शासन के आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा है कि लीज शर्तें पूर्ववत ही रहेंगी। ऐसे में जब तक डा. ढिल्लन विक्रय पत्र को न्यायालय के माध्यम से निरस्त नहीं करातीं तब तक लीज बहाली नहीं हो सकती।

शासन का आदेश मानने को बाध्य
मैं शासन के आदेश का पालन करने को बाध्य हूं। शासन ने जो आदेश दिया है उसका पालन करूंगा।
- संजेश गुप्ता, मुख्य नगरपालिका अधिकारी

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned