5 घंटे में नदी नाले आए उफान पर

आवागमन हुआ बाधित, कई जगह भरा पानी
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा बारिश का असर

By: harinath dwivedi

Updated: 20 Jul 2018, 11:33 AM IST

नीमच. गुरुवार सुबह करीब ९ बजे शुरू हुआ बारिश को दौर पूरे ५ घंटे तक चला। लगातार बारिश होने से नदी नाले उफान पर आ गए। जिला मुख्यालय पर ही अफरा तरफी मच गई। शहर के चारों ओर फैले नालों पर बने पूल पुलियाओं से होकर पानी बहने लगा इससे आवागमन बाधित हुआ। ऐसे ही हालात अंचल में भी दिखाई दिए। रपटों पर पानी भरने से लोग जान जोखिम में रास्ता पार करते दिखाई दिए। ऐसी स्थिति में लोगों को पुलिस प्रशासन ने समझाईश देकर तेज बहाव में रास्ता पार करने से रोका।
जलकुंभी के कारण जाम हुआ नीमच सिटी नाला
सुबह से शुरू हुई जोरदार बारिश के चलते नीमच सिटी स्थित नाला पूर्ण रूप से जाम हो गया। क्योंकि पुलिया के नीचे जलकुंभी फस चुकी थी। जिससे नाले का पानी रोड पर आ गया था, ऐसे में सांवरिया सेठ मंदिर के पास निकलने वाला रस्ता पूर्ण रूप से बंद हो चुका था, दोपहर करीब ३ बजे बंद हुए रस्ते के बारे में जब नगरपालिका को सूचना दी गई तो आनान फानन में नपा का अमला जेसीबी सहित मौके पर पहुंचा और करीब एक डेढ़ घंटे की मश्क्कत के बाद जलकुंभी हटाकर पानी की निकासी की गई, तब जाकर रास्ता खुला। आसपास के रहवासियों ने बताया कि इस मार्ग पर लगी स्ट्रीट लाईटें भी करीब दो तीन माह से बंद है ऐसे में बारिश के दौरान कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
जान जोखिम में डाल कर रहे थे रपट पार
गुरुवार को दिन में करीब 5 घंटे हुई झमाझम बारिश की वजह से जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम नेवड़ में रपट पर तेज गति से पानी बहने लगा था। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग और भारी वाहन गुजरते हैं। रपट पर तेज गति से पानी बहने की वजह से मार्ग के दोनों ओर जाम लग गया था। दो पहिया वाहन चालकों के साथ बड़ी संख्या में भारी वाहन भी कतार में लगे हुए थे। जिन लोगों को गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी थी वे रपट पर तेजी से बहते पानी के बीच में से निकलने लगे थे। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। तुरंत पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाईश दी। रपट पर बहते पानी के बीच लोगों को रस्ता पार करने से रोका। रपट पर पानी कम होने के लिए लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। बताया जाता है कि बारिश की वजह से रपट से ४ फीट तक पानी बह रहा था। बस चालक भी लारवाही बरतते हुए रपट पार कर रहे थे।
जलकुंभी ने किया नाला जाम
प्रतिवर्ष मानसून आगमन से पहले नगरपालिका प्रशासन को ध्यान नालों में जमा जलकुंभी की ओर आकृष्ट कराया जाता है। कुंभकर्णीय नींद सो रहा नपा प्रशासन समय पर नहीं चेतता। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। ऐसे की नजारा गुरुवार को भी देखने को मिला। यहां नाले में जलकुंभी बहकर सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे पुलिया पर जाम हो गई। इससे सैकड़ों लोगों का आवागमन बाधित हो गया। पुलिया पर जलकुंभी जमने से आसपास के मकानों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई। सूचना मिलने पर आनन फानन में नपा प्रशासन ने जेसीबी मौके पर भेजी। जेसीबी की मदद से लिया पर जमा जलकुंभी को हटाकर रास्ता साफ किया गया।
गुरुवार को हुई करीब तीन इंच बारिश
गुरुवार को हुई झमाझम बारिश से जिला मुख्यालय पर भी लोगों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। कहीं पेड़ गिरने से दिक्कत आईतो कहीं रपट या पुलिया पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। नालियां जाम होने से बारिश का पानी तेज गति से सड़कों पर बह रहा था। सड़कों का पानी दुकानों तक में घुस गया था। जानकारों की माने तो गुरुवार को हुई पांच घंटे की बारिश में करीब ढाई से तीन इंच बारिश हुई है। विभागीय स्तर पर तो २४ घंटे बाद बारिश के आंकड़े उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन कृृषि विभाग के अधिकारियों ने अपने अनुभव से बताया कि दिनभर लगातार बारिश हुई। नदी नाले जिस तरह उफान पर आए हैं। इसे देखते हुए ढाई से तीन इंच बारिश तो हुई है। वहीं जिले में चालू वर्षाकाल में अबतक 374.3 मिमी औसत वर्षा हुई है। नीमच में 478 मनासा में 303 मिमी एवं जावद में 342 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जबकि गत वर्ष इस अवधि में औसत 26 2.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी। नीमच में 314 मिमी, मनासा में 28 2.5 मिमी जावद में 191.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी। जिले में 19 जुलाई को सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में 18 .4 मिमी औसत वर्षा हुई है। नीमच में 35 मिमी, मनासा में 4 मिमी एवं जावद में 16 .2 वर्षा दर्ज की गई है।

मानसून की पहली बारिश कहीं अमृत तो कही आफत बनकर बरसी ।
सिंगोली. जोरदार बारिश गुरुवार को कहीं अमृत बनकर बरसी तो कहीं आफत बनकर गिरी। अच्छी बारिश होने से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं गाडोलिया बस्ती में रहवासियों को जल भराव होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गुरुवार सुबह 5 बजे से शुरू हुई मानसून की पहली जोरदार बारिश ने क्षेत्र को तरबतर कर दिया। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। क्षेत्र में बोवनी के बाद पहली बार करीब आठ घंटे से भी अधिक देर तक हुई बारिश ने फसलों के लिए अमृत का काम किया। लेकिन वहीं दूसरी ओर वार्ड क्रमांक 4 स्थित गाडोलिया बस्ती में बारिश आफत बनकर बरसी। नगर के दो मुख्य सड़क मार्गो के बीच बसी गाडोलिया बस्ती में सड़कों का पानी बहकर उनके मकानों में रिसने लगा । गाडोलिया बस्ती निवासी कालूराम गाडोलिया, कमलेश गाडोलिया, सोहनीबाई भील की कच्ची झोपडिय़ों में बारिश के पानी की सिरे फूटने लग गई। जिससे उन्हें भोजन बनाने खाने के लिए भी परेशान होना पड़ा। कालूराम गाडोलिया ने बताया कि दोनों तरफ की सड़कों का पानी बस्ती में आ रहा है। एक तरफ नाली नहीं होने से सड़क का पानी बस्ती के बीच से निकल रहा है। तो दूसरी तरफ सड़क किनारे बनी नाली के जाम होने के कारण उधर का पानी भी बस्ती में प्रवेश रहा है। जिसके कारण फोरुलाल, बद्रीलाल, लालूराम, शंकरलाल बना की झोपडिय़ों में भी पानी की सिरे फुट रही है। गुरुवार को हुई झमाझम तो कभी रिमझीम बारिश से क्षेत्र के नालों में आए पानी से ब्राह्मणी नदी में भी पानी की आवक हुई है।
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बारिश होने से मौसम में घुली ठंडक
रामपुरा. नगर में गुरुवार को 3 से 4 घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे नगर की सड़कों से पानी बह निकला। जोरदार बारिश से जहां मौसम में ठंडक घुल गई। वहीं मुख्य मार्गों से पानी बहने के कारण लोगों को आवाजाही में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर अच्छी बारिश होने से खरीफ की फसलों में भी जान आ गई है।
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harinath dwivedi Editorial Incharge
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