शिकार के चक्कर में खुद शिकार हुवा तेंदुआ

४० फीट गहरे कुए में गिरा तेंदुआ, एक घंटे में निकाला
तेंदुए को गांधीसागर अभ्यारण के क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ा
मौके तक पहुंचने और लौटने में वन विभागकी टीम को आई दिक्कत

By: harinath dwivedi

Published: 20 Jul 2018, 11:48 AM IST

नीमच/रामपुरा. बुधवार रात रामपुरा वन क्षेत्र के ग्राम दुधलाई में खेत पर बने पक्के कुए में तेंदुआ गिर गया था। गुरुवार सुबह मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पिंजरे की मदद से तेंदुए को कुए से बाहर निकाला। बाद में उसे गांधीसागर के चौरासीगढ़ क्षेत्र में छोड़ दिया गया। तेंदुए को कुए में से निकालने में एक घंटे का समय लगा।
पिंजरे की मदद से निकाला गया
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ बुधवार रात तेंदुआ कुए में गिरा होगा। ग्राम दुधलाई में शोभाराम धनगर के कुएं में तेंदुआ गिरा था। सूचना मिलने पर एसडीओ फोरेस्ट बीपी शर्मा, रेंजर जगदीशचंद्र चौधरी, रामपुरा तहसीलदार हुकुमसिंह निंगवाल, डिप्टी रेंजर कैलाश वर्मा, माणिकचंद चारेल, वनरक्षक हरीश मिस्त्री, शैलेश शर्मा, बीट वनरक्षक कैलाश राठौर, चालक प्रेमसिंह आदि मौके पर पहुंच गए थे। कुआ करीब 40 फीट गहरा था। इसमें 20 फीट तक पानी भरा हुआ था। कुए में डले पाइप को तेंदुए ने पकड़ रखा था। जांच करने पर नर तेंदुआ होने की पुष्टि हुई। उम्र करीब ढाई से तीन साल होगी। कुए की मुंडेर करीब छह फीट ऊंची थी। इस कारण पिंजरे को कुए में डालने में दिक्कत आ रही थी। मौसम को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम अपने साथ जेसीबी लेकर पहुंची थी। जेसीबी पर खड़े होकर ही वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से पिंजरा कुए में उतारा। पिंजरे को चार रस्सियों से बांधा गया था। एक पतली रस्सी से पिंजरे का गेट बांधा था। तेंदुए की ओर पिंजरे का मुंह करके कुएं में उतारा गया था। जैसे ही तेंदुए को सूखी जगह दिखी वो पिंजरे में बैठ गया। जैसे ही तेंदुआ पिंजरे में गया गेट बंद कर उसे सुरक्षित ऊपर खींच लिया गया। लोहे का पिंजरा काफी भारी था। बाद में जब तेंदुआ उसमें फंसा तो और वजन बढ़ गया। पिंजरे को खींचने में १५ से अधिक लोग लगे।
कुए तक पहुंचने में लगा अधिक समय
बताया जा रहा है कि कुए के समीप ही गाय के पैरों के निशान भी थे। संभवत: उसका शिकार करने के उद्देश्य से तेंदुआ वहां आया हो और संतुलन बिगडऩे से कुए में गिर गया। वन विभाग की टीम को कुए तक पहुंचने और वहां से लौटने में काफी अधिक समय लगा। रास्ते में कीचड़ होने से सबसे अधिक दिक्कत आई। लौटते समय बीच रास्ते में नाले में वाहन फंस गया था। जेसीबी की मदद से वाहन को उठाकर बाहर निकाला गया तब कहीं जाकर वन विभाग की टीम वहां से गांधीसागर क्षेत्र की ओर जा सकी। तेंदुए के गिरने की खबरे जैसे गांव में पहुंची सैकड़ों की संख्या में लोग वहां जमा हो गए। लोगों को संभालने में शुरू शुरू में वन विभाग की टीम को परेशानी हुई। थोड़ी सख्ती करने पर किसी प्रकार दिक्कत नहीं आई। लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रामपुरा थाने से भी दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे थे।
रामपुरा क्षेत्र में पूर्व में हो चुका है तेंदुए का शिकार
बताया जाता है कि दुधलाई के जिस कुएं में तेंदुआ गिरा है वो क्षेत्र गांधीसागर अभ्यारण के निकट है। क्षेत्रवासियों की माने तो कभी भी इस क्षेत्र में तेंदुए को नहीं देखा गया है। इसके चलते वन्य प्राणियों के शिकार की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। पूर्व में तेंदुए की खाल की तस्करी का मामला भी सामने आया था। करीब दो साल पहले मनासा के तत्कालीन टीआई एसके यादव ने मनासा थाना क्षेत्र से तेंदुए की खाल जब्त की थी। बाद में मामले में खुलासा हुआ था कि तेंदुए का शिकार रामपुरा के पास के एक गांव के जंगलों में किया गया था
बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकाला
सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली थी। एक-डेढ़ घंटे में ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए पिंजरे की मदद से उसे बाहर निकाला गया। मैंने कई वनप्राणियों के रेस्क्यू किए हैं, लेकिन जितनी सरलता से आज तेंदुए को कुए से बाहर निकाला ऐसा पहली बार हुआ है। काफी कम समय में तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया गया। नीमच जिले के बजाय अन्य किसी क्षेत्र में तेंदुआ कुए में गिरता तो लोगों को संभालना भारी पड़ जाता। यहां के लोग काफी समझदार हैं। समझाने में ही मान गए थे।
- बीपी शर्मा, एसडीओ फारेस्ट

harinath dwivedi Editorial Incharge
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