21 महिलाएं रातभर बरसते पानी में बैठी रही भूख हड़ताल पर

- दूसरे दिन दिया ज्ञापन, प्रदर्शन के दौरान दो महिलाओं की तबियत बिगड़ी
-कलेक्टोरेट में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

By: harinath dwivedi

Published: 24 Jul 2018, 01:09 PM IST

नीमच. आशा उषा एवं सहयोगिनी एकता यूनियन सीटू के आव्हान पर 22 जुलाई से प्रारंभ भूख हड़ताल सोमवार को समाप्त कर अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। भूख हड़ताल में बरसते पानी में 21 महिलाएं कलेक्टोरेट स्थित हनुमान मंदिर में रात भर बैठी रही।दो महिलाओं की तबियत बिगड़ी जिन्हे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
रात में भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं में से गायत्री खारोल की तबियत खराब हो गई, जिसे सुबह जिला चिकित्सालय में भर्ती कराना पड़ा। जबकि दोपहर में ज्ञापन देते समय आशा कार्यकर्ता विद्याबाई नायक निवासी पिराना बेहोश होकर गिर गई।तत्काल 108 की मदद से जिला चिकित्सालय ले जाया गया।
भूख हडताल करने वाली आशाओं को ग्लूकोज का पानी पिलाकर उनकी हडताल समाप्त करवाई गई। आशा, उषा सहयोगिनी ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार जाबिर हुसैन को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के साथ साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु की दर को नियंत्रित करने के महत्वपूर्ण अभियानों को संचालित करने में सबसे महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान करने के बावजूद प्रदेश सरकार आशा-ऊषा-आशा सहयोगिनीयों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है।
आशा ऊषा सहयोगियों को शासकीय कर्मचारी का दजा,, स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बनाने, 18 000 रुपये न्यूनतम वेतन, भविष्य निधि सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सहित विभिन्न मांगें रखी गई।
ज्ञापन देते समय ऐजन देवी, उषा तिवारी, रेखा राठौर, नर्मदा आर्य, अनिता गर्ग, शिवकन्या पाटीदार, मंजू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में आशा, उषा कार्यकर्ता मौजूद थी। आशाओं के आंदोलन को कांग्रेस नेता अनिल चौरसिया, उमरावसिंह गुर्जर, आशा सांभर ने भी पहुंचकर समर्थन दिया।
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गणित में अधिकांश विद्यार्थियों को शून्य नंबर
-अभाविप ने किया विक्रम विवि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
नीमच. हाल ही में घोषित किए गए विक्रम विश्वविद्यालय के बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के परिणामों में नीमच जिले के अधिकांश विद्यार्थियों को शून्य नंबर मिले हैं। इसके विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सोमवा को स्वामी विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
सुबह से ही पूरा कॉलेज परिसर विक्रम विश्वविद्यालय के खिलाफ नारों से गूंज रहा था। करीब डेढ़ घंटा प्रदर्शन के बाद परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रभारी प्राचार्य डा.प्रशांत मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। जिसमें पुनर्मूल्यांकन कर संशोधित परिणाम 7 दिन में घोषित करने की मांग की गई।ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।इस अवसर पर परिषद के जिला संयोजक लोकेश चांगल अभाविप के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र जान जोखिम में डालकर पीजी कॉलेज की छत पर चढ़ गए थे।
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harinath dwivedi Editorial Incharge
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