एक दूसरे का माला पहनाई और कहा अब नहीं होंगे दूर


न्यायालय ने मिलवाया पति-पत्नी को

By: Mahendra Upadhyay

Published: 10 Mar 2019, 06:52 PM IST

नीमच. जावद में शनिवार को लगी लोक अदालत में उस समय खुशी के पल आए जब लम्बे समय से पत्नी को छोड़ चुके पति ने उसे फिर से अपनाने का निर्णय ले लिया। यह सब संभव हो सका न्यायाधीश संजीवकुमार पालीवाल व अभिभाषक के प्रयासों से।
अधिवक्ता आशीष कदम ने बताया कि नयागांव निवासी घीसालाल माली (6 0) ने अपनी पत्नी घीसीबाई (55) को वर्ष 2013 में आपसी मतभेद के चलते छोड़ दिया था। इसके बाद से घीसीबाई नयागांव पुलिस चौकी के बाहर चाय की गुमटी पर मजदूरी कर अपना गुजर बसर कर रही थी। इस दौरान घीसीबाई ने 6 जनवरी 2017 को जावद न्यायालय में अपने भरणपोषण हेतु पति घीसालाल के विरुद्ध मामला प्रस्तुत किया था। मामले में सुनवाई के दौरान तत्कालीन न्यायाधीश हरप्रसाद वंशकार द्वारा 29 अगस्त 2017 को घीसालाल के विरुद्ध एक हजार महीने का भरणपोषण का आदेश जारी किया गया। घीसालाल ने न्यायालय द्वारा आदेशित एक हजार महीने का भुगतान घीसीबाई को नहीं देने पर घीसीबाई ने अपने अभिभाषक से न्यायालय में 30 अक्टूबर 2017 को वसूली की कार्रवाई की गई, जहां न्यायाधीश संजीवकुमार पालीवाल व अभिभाषक के अथक प्रयास से पति-पत्नी को समझाकर उनके बीच समझौता करवाया। न्यायालय परिसर में ही दोनों ने एक दूसरे को माला पहनाई और हमेशा साथ रहने का प्रण लिया।

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