राजीनामा करने की बात को लेकर मारपीट करने वाले चार आरोपियों को सजा

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीरज मालवीय की कोर्ट

By: Mahendra Upadhyay

Updated: 04 Apr 2019, 05:25 PM IST

नीमच। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीरज मालवीय की कोर्ट ने राजीनामा करने की बात को लेकर मारपीट करने मामले चार आरोपीयों में से एक आरोपी को 03 माह के सश्रम कारावास व अन्य 03 आरोपीयों को न्यायालय उठने तक के कारवास की बुधवार को सजा सुनाई है।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी आरआर चौधरी ने बताया कि लगभग 02 वर्ष पूर्व दिनांक 17 जून 2017 को दिन के 3:30 बजे अन्नु की होटल चौराहा, खांरीकुंआ, मुलचंद मार्ग, नीमच से फ रियादी जिसान दुकान जा रहा था। तब चारों आरोपीगण रास्ते में उससे बोलें की आजकल ज्यादा तेज चल रहा है, जो जावद में केस चल रहा है उसमें राजीनामा करना पड़ेगा। ऐसा बोलकर चारों आरोपीगण फरियादी से विवाद करने लगेए इसी दौरान आरोपी वसीम ने चाकूनुमा हथियार से वसीम के हाथ पर मारा। जिससे खुन निकलने लगा तथा शेष तीन आरोपीयों ने वसीम के साथ लात-घुसों से मारपीट करीए तब ताहिर व इरफ ान ने बीच.बचाव किया और आरोपीगण वहां से चले गये। फ रियादी ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना नीमच केंट पर की जिस पर से अपराध धारा 323, 323/34 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। पुलिस नीमच केंट द्वारा फरियादी का मेडिकल कराने के बाद शेष विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में फरियादी बीच-बचाव करने वालें चश्मदीद साक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपीगण द्वारा एकमत होकर बीच-बाजार फरियादी के साथ मारपीट कर गंभीर चोट पहुॅचायी हैं। इसलिए आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। न्यायालय द्वारा आरोपी मो. वसीम पिता हलीम उर्फ नजरू खां उम्र 39 वर्ष निवासी अंबेडकर कॉलोनी, नीमच को चाकूनुमा हथियार से जिसान को चोट पहुॅचाने के लिए धारा 323 भादवि मारपीट करने के अंतर्गत 3 माह के सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपए के जुर्माने से तथा शेष 3 आरोपीगण हलीम उर्फ नजरू पिता बाबू खांए उम्र 58 वर्ष निवासी. अंबेडकर कॉलोनी व मन्नान पिता गफ्फार कुरैशी उम्र 35 वर्ष तथा हन्नान पिता गफ्फार कुरैशी उम्र 40 वर्ष दोनो निवासी आसफ गंज बड़ी मण्डी जिला नीमच को धारा 323/34 एकमत होकर मारपीट करने में न्यायालय उठने तक के कारावास एवं एक-एक हजार जुर्माने से दण्डित किया है। साथ ही फरियादी जिसान को तीन हजार् क्षतिपुर्ति प्रदान करने का आदेश भी दिया। न्यायालय में शासन की और से पैरवी रितेश कुमार सोमपुराए एडीपीओ द्वारा की गई।

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