हाई सैंकडरी स्कूल में प्रवेश के लिए दस प्रतिशत सीट की बाध्यता खत्म


-माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वर्ष 2019-20 की नई प्रवेश नीति
-स्कूल प्राचार्यो के लिए बड़ी परेशानी

By: Mahendra Upadhyay

Updated: 03 May 2019, 12:11 PM IST

नीमच। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) हायर सैकंडरी और हाईस्कूल में प्रवेश के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इस पर आगामी शिक्षा सत्र २०१९-२० में सरकारी स्कूलों में दस फीसदी प्रवेश की बाध्यता खत्म कर दी गई है। इससे एक तरफ जहां स्टूडेंटस में हर्ष है, उन्हें अब स्कूल में दाखिले के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं माशिमं के फरमान से कई स्कूल के प्राचार्यों की परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि वर्तमान में जो छात्र-छात्राएं हमारे यहां पढ़ रहें हैं। उनके लिए ही उचित इंतजाम नहीं है। उनके लिए बैठने की न सही व्यवस्था है और न ही प्रशिक्षित और पर्याप्त स्टॉफ है और कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था जैसे-तैसे हो पा रही है।
मंडल ने नियम लागू करते समय उन स्कूलों के बारे में नहीं सोचा, जहां छात्रों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्कूल प्राचार्यों का तर्क है कि १० वीं ओर १२ वीं की कक्षाओं में बोर्ड की परीक्षा होने के कारण पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करना पड़ता है। इस मामले में सबसे बड़ी दिक्कत शिक्षकों की कमी की है। दाखिले में दस प्रतिशत का प्रतिबंध खत्म होने से बड़ी संया में छात्र सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेंगे। लेकिन इन छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई करना किसी चुनौती से कम नहीं हे। इसके लिए सभी अपने-अपने अधिकारियों को पिछले ४-५ साल वर्ष से अवगत करा रहे है, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

फैक्ट फाइल
- जिले में हाई स्कूल की संया ५८
- जिले में हाई सैकेण्डरी स्कूल की संया ६०

परीक्षा परिणाम का दबाव
प्राचार्यो के अनुसार १०वीं और १२वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उनके पास सबसे ज्यादा दबाव बेहतर परिणाम देने का रहता है। उनकी कोशि रहती है कि उनके छात्र टॉप-५० में जगह बनाने में कामयाब रहें। इसके लिए वे मेहनत भी करते है। पढ़ाई में टीचर्स की कमी पूरी करने के लिए उन्होंने अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही है। लेकिन अतिथि शिक्षक रखने के लिए समय सीमा रखी गई है। शिक्षाविदों के अनुसार माशिमं ने आदेश जारी करने से पहले स्कूलों में इस आदेश् को कैसे पालन कराएंगे। उसके बारे में पूरा होमवर्क नहीं किया।

प्रवेश की जांच करेगा निगम
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार उन्होंने सभी स्कूलों में प्रवेश के लिए ३१ जुलाई २०१९ तारीख निर्धारित कर दी है। इसके बाद जिन स्कूलों में १० फीसदी से अधिक छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। उन छात्रों के दस्तावेजों की जांच निगम खुद करेगा। इस कारण एडमिशन में आए फर्जीवाड़े के वे मामे है, जिनमें अधिकारियों की पहले ही काफी किरकिरी हो चुकी है उनके अनुसार पात्र छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सके, इसके लिए वे खुद मॉनिटरिंग करेंगे।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना मकसद
सरकारी स्कूलों में १०वीं और १२वीं में छात्र-छात्राएं ज्यादा से ज्यादा दाखिला ले, इसीलिए, हमने दस प्रतिशत बंधन खत्म कर दिया है। आगे का प्रयास है कि प्लान सभी स्कूलों में छात्रों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना रहेगा। इसके लिए हमने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
-केसी शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी नीमच।

Mahendra Upadhyay
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