क्षतिग्रस्त मकानों को लेकर नहीं चेता नपा प्रशासन

क्षतिग्रस्त मकानों को लेकर नहीं चेता नपा प्रशासन

Mahendra Kumar Upadhyay | Updated: 14 Jun 2019, 06:42:30 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

खंडर बन चुके मकानों को खाली कराने में नहीं दिखाई रुचि
जान जोखिम में डाल आधा सैकड़ा से अधिक क्षतिग्रस्त मकानों में निवासरत् हैं लोग

नीमच. आश्चर्य की बात है कि १५ जून से मानसून का आगमन हो जाएगा और नगरपालिका अब जिला मुयालय पर स्थित क्षतिग्रस्त मकानों को लेकर ाी लापरवाह बना हुआ है। नपा कार्यालय में एक भी जिमेदार अधिकारी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि मानसून पूर्व क्षतिग्रस्त मकानों को लेकर क्या तैयार की गईहै।
नहीं हुआ क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे
नगरपालिका की प्रशासनिक व्यवस्था भगवान भरोसे संचालित हो रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कार्यालय में कौन अधिकारी कम आ रहा है। आ भी रहा है या नहीं। किस अधिकारी को कौन सी जिमेदारी सौंपी गईहै इस तक की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं है। चौकाने वाली बात तो यह है कि १५ जून से मानसून का आगमन हो जाएगा। अब तक नगरपालिका अधिकारियों ने शहर के क्षतिग्रस्त मकानों को लेकर कोई योजना तक नहीं बनाईहै। मजे की बात तो यह है कि क्षतिग्रस्त मकानों के बारे में जब नपा से जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया तो किसी के पास ताजा आंकड़े तक उपलब्ध नहीं हुई। पुराने क्षतिग्रस्त मकानों की सूची ही थमा दी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि नगरपालिका प्रशासन की ओर से अब तक क्षतिग्रस्त मकानों को लेकर सर्वे भी नहीं कराया गया है।
क्षतिग्रस्त मकानों में ही निवासरत् हैं लोग
नगरपालिका प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त मकानों को लेकर जो सूची उपलब्ध कराई गर्ई उसमें ५६ मकान क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। इनमें अधिकांश कच्चे मकान हैं। दो-चार मकान दो मंजिला भी हैं। चौकाने वाली बात यह है कि नपा ने जिन मकानों को क्षतिग्रस्त घोषित कर रखा है उनमें आज भी लोग रह रहे हैं। वहां निवासरत् लोगों को हटाने के लिए अब तक गंभीरता से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिछले साल उपनगर बघाना में मूसलाधार बारिश होने पर उपनगर बघाना में एक कच्चे मकान की दीवार ढह गईथी। इसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। करीब तीन साल पहले उपनगर नीमच सिटी में भी एक कच्चा मकान ढह गया था। इसमें एक महिला की मौत हो गईथी। इस प्रकार के हादसे सामने आने के बाद ाी नपा प्रशासन अब तक क्षतिग्रस्त मकानों में निवास कर रहे लोगों को नोटिस तक नहीं भेज पाया है।
क्षतिग्रस्त मकान १५ दिन में कराएंगे खाली
बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त मकानों में बड़ी अनहोनी घटना न हो इसको लेकर अब तक तो नपा प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं दी, लेकिन गुरुवार को हुई वीडियो कॉफ्रेसिंग में पीएस के सत निर्देश के बाद नपा अमला सक्रिय हो गया है। सीएमओ एसकुमार ने वीसी के बाद नपा इंजीनियरों की एक बैठक आहूत की। अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शहर में जितने ाी क्षतिग्रस्त मकान हैं उन्हें चिह्नित करें। क्षतिग्रस्त मकानों में रह रहे लोगों को नोटिस जारी कर आगामी १५ दिन में मकान खाली करने को कहें। जो लोग क्षतिग्रस्त मकान खाली नहीं करते हैं उन्हें स्पष्ट रूप से चेतावनी दे दें कि निर्धारित समयावधि में बाद नपा अमला मकान खाली करेगा। ऐसे में जो भी खर्चा होगा उसकी भरपाई मकान मालिक को नगरपालिका प्रशासन को करना पड़ेगी।ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्वयं मकान खाली कर लें।
शनिवार को जारी किए जाएंगे नोटिस
गुरुवार को हुई वीडियो कॉफ्रेसिंग में ाी पीएस ने निर्देश दिए हैं कि नगरपालिका क्षेत्र में जितने भी जर्जर मकान हैं उन्हें चिह्नित किया जाए। ऐसे मकानों को विशेष रूप से देखें तो कभी भी गिर सकते हैं। बारिश में जनहानी न हो इसके लिए पूरे इंतजाम कर लिए जाएं। यह बात सही है कि अब तक किसी भी क्षतिग्रस्त मकान मालिक को नपा की ओर से नोटिस जारी नहीं किया गया है। शनिवार को नाटिस जारी किए जाएंगे।
- एस कुमार, मुय नगरपालिका अधिकारी

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