जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर नीमच की राजनीति में घमासान

- गिनती के दिग्गजों की एक पर बनी राय
- संगठन में विरोध के चलते आलाकमान ने विधायकों को बुलाया भोपाल

By: Mahendra Upadhyay

Published: 02 Dec 2019, 07:15 PM IST

नीमच। जिले नगर पालिका के चुनाव नजदीक होने के साथ भाजपा संगठन के अहम पद जिलाध्यक्ष के लिए सभी शीर्ष नेताओं ने अपने आदमी को बैठाने के लिए जुगत लगाना शुरू कर दिए हैं। राजनीति में यह भी पहला पाठ है कि कोई अपने से बड़ा किसी का कद नहीं होता देख सकता है और वह उसके अनुसार ही अपने दांव पेच चलता है। भाजपा की जिला राजनीति में भी कुछ एेसा ही सामने आ रहा है।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिलाअध्यक्ष पद के लिए चुनाव 30 नवंबर को गए, इस दौरान सभी मंडल अध्यक्ष व जिला संगठन पदाधिकारियों के मतों की रायशुमारी ली गई। एक व्यक्ति से तीन नामों पर राय ली गई है। इन राय के एकमत के अनुसार भोपाल में आलकमान जिलाध्यक्ष की नियुक्ति करेगी। इस दौरान सांसद सुधीर गुप्ता, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा और मनासा विधायक अनिरूद्ध मारू की एक राय होती नजर आ रही है। जो कि जिला की राजनीति में बड़ा दखल रखती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष भगत ने जिले के तीनों विधायकों के साथ भी जिलाध्यक्ष को लेकर भोपाल में बैठक की है। वहीं रायशुमारी के अनुसार मतों पर चर्चा की गई है। इस दौरान राकेश पप्पू जैन, मनीष चौरसिया, पवन पाटीदार सहित अन्य दांवेदार भी भोपाल पहुंच गए हैं।

बड़ों की विपरीत राय पर संगठन के आलाधिकारी को झटका
भाजपा के विश्वसनीय सूत्रों की माने तो जिले की राजनीति में बड़ा अमूल-चूल परिवर्तन होता दिख रहा है। यह भी सही बात है कि राजनीति में जो दिखता है, वह होता नहीं है। हालांकि सभी शीर्ष नेताओं ने अपने पियादे खड़े किए है। लेकिन बाद में जो एक राय और भेजी है। वह हटकर है। जिसमें खासकर नीलेश पाटीदार का नाम सामने आया है। जो कि वर्ष २०१२ में एनएसयूआई के पदाधिकारी थे, बाद में भाजपा के कार्यकर्ता बने। वह कर सलाहकार और आलाधिकारियों में ऊपर तक उठ बैठ है और समर्थ व्यक्तित्व है। लेकिन भाजपा में ज्यादा लंबे समय की राजनीति नहीं होने पर स्थानीय पदाधिकारियों में विरोध है। वहीं नपाध्यक्ष राकेश पप्पू जैन, जिला महामंत्री महेंद्र भटनागर, जिला मंत्री मनीष चौरसिया, विश्वदेवशर्मा, राजू नागदा, आदित्य मालू, बंशीलाल राठौर, पवन पाटीदार, वंदना खंडेलवाल दौड़ में है। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत हरित आयु वर्ग के चलते अब पुन: आने की दौड़ से बाहर निकलते नजर आ रहें हैं।

मैं अभी भोपाल में ही हूं
मैं अभी संगठन की बैठक में भोपाल आया हूं। प्रदेश स्तर पर संगठन के चुनाव हो रहें है। जिसको मत अधिक मिलेंगे। वहीं जिलाध्यक्ष बनेगा और उनके नेतृत्व में काम होगा। रायशुमारी होती है, लेकिन हमने किसी के लिए फोर्स नहीं किया है। निष्पक्ष मतों के आधार पर ही चयन होगा। भाजपा आलाकमान जिसे भी नियुक्त करेगा, उनके नेतृत्व में कार्य करेंगे।
- दिलीप सिंह परिहार, विधायक नीमच।

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