आरटीओ और पुलिस की अनदेखी से यात्रियों को खतरा तो शासन को लाखों का नुकसान


-एक-दूसरे पर डाल रहे कार्रवाई का जिम्मा, मंदसौर जैसी घटना के इंतजार में दोनों विभाग

By: harinath dwivedi

Published: 25 Jun 2018, 11:58 AM IST

नीमच.
मंदसौर के धामनिया दिवान में बस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद पुलिस-आरटीओ द्वारा संयुक्त कार्रवाईयां की गई। लेकिन नीमच जिले के अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया। जिसका नतीजा यह है कि एक तरफ तो बस संचालक नियमों की अनदेखी कर बस संचालित कर यात्रियों की जान खतरे में डाल रहे है। वहीं कई व्यापारी भी मंडी का टैक्स बचाने के चक्कर में उपज को बसों के माध्यम से अवैध रूप से परिवहन कर रहेे है। परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारियों की जानकरी के बावजूद धड़ल्ले से अवैध रूप से परिवहन हो रहा है। लेकिन दोनों ही विभाग के अधिकारी आंखे मूंदे बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे है।
अजवाईन, जीरा सहित कई उपज बसों से परिवहन
टैक्स बचाने के चक्कर में कई व्यापारी बसों के माध्यम से उपज का परिवहन करते है। जबकि यह अवैध परिवहन है। बस से परिवहन करने पर उनको टैक्स नहीं देना पड़ता है। और पूरा रूपए संबंधित की जेब में जाता है। जानकारी के अनुसार बड़ी मात्रा में बसों के ऊपर अवैध रूप से परिवहन के लिए उपज को नयागांव टोल के बाद से चढ़ाया जाता है। जिला परिवहन अधिकारियों, कर विभाग और पुलिस विभाग की जानकारी में पूरा मामला होने के बाद भी कार्रवाईनहीं होती है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि संबंधित विभाग के अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति कितने ईमानदार है।
ना किराया सूची ना ही फस्टएड बॉक्स
बस स्टेंड पर खड़ी कई बसों में पड़ताल की तो सामने आया कि कई बसों में किराया सूची तक चस्पा नहीं है। जब यात्रियों द्वारा टिकट मांगा जाता है तो उनको बसस्टेंड पर आकर टिकट देने की बात की जाती है। जबकि यात्रा करते समय ही कंडक्टर को टिकट देना चाहिए। वहीं कई चालक और परिचालक ड्रेस कोड में नजर नहीं आए। और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से फस्टएड बॉक्स भी नहंी है।
इनका कहना...
ओवरलोडिंग और उपज का परिवहन को लेकर संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे।
राकेश श्रीवास्तव, कलेक्टर।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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