मसाला व्यवसायी अंकित ऐरन पर लगी याचिका खारिज रासुका में हुई कार्रवाई

मसाला व्यवसायी अंकित ऐरन पर लगी याचिका खारिज रासुका में हुई कार्रवाई

 

By: Virendra Rathod

Updated: 19 Apr 2020, 10:10 AM IST

नीमच। शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी ऐरन स्पाइसेज के संचालक अंकित ऐरन के मिलावटखोर में रासुका लगने के मामले में जबलपुर एडवाइजरी बोडऱ् ने भी उनकी मिलावटखोरी के अपराध को गंभीर मानते हुए रासुका की कार्रवाई पर शनिवार वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई कर मुहर लगा दी है। फिलहाल अंकित ऐरन इंदौर जेल में बंद है, अब उन्हें रासुका के तहत सजा भुगतनी होगी। अब तक शहर के चार मिलावटखोर पर रासुका में कार्रवाई हुई है।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने स्कीम नंबर 9 स्थित फ र्म एरन स्पाइसेस पर दबिश देकर वहां से जांच के लिए कुल 10 नमूने लिए थे। इनमें से 9 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। सभी नमूने जांच में मिलावटी पाए गए। जांच में खाद्य सामग्री के नमूने में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायन मिला होने की पुष्टि हुई। फैक्ट्री से जांच के लिए कृष्णा ब्रांड की हल्दी, धनिया व मिर्ची के नमूने लिए गए। प्लास्टिक की थैली में पैक एक किलो की मिर्ची व हल्दी का नमून असुरक्षित व मिथ्याछाप पाए गए थे। महाकाल ब्रांड ऑरेंज ऑयल कलर और महाकाल ब्रांड रेड ऑयल कलर भी खाद्य सामग्री में मिलाने योग्य नहीं पाए गए। धनिया डंठल और मिर्ची डंठल अपद्रव्य माना गया। यहां से लिए गए सोयाबीन तेल के नमूने की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। एरन स्पाइसेस के संचालक कृष्णचंद्र पिता फतहलाल एरन और अंकित पिता कृष्णचंद्र एरन के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से नीमच कैंट थाने पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इसी फ र्म पर 18 अगस्त 2018 और वर्ष 2010 में भी विभाग की ओर से कार्रवाई की गई थी। जांच में धनिया और हल्दी के नमूने असुरक्षित पाए गए थे। इसके बाद भी पिता.पुत्र ने मिलावटखोरी करने से परहेज नहीं पाला। एरन स्पाईसेस से 6 लाख 24 हजार 480 रुपए मूल्य की 8 हजार 52 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई थी। आरोपी अंकित मिलावट मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से 2 माह से फरार था। कलेक्टर अजय गंगवार ने उस पर रासुका लगाई थी। जिसके बाद अंकित ऐरन ने स्वयं को कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसे कोर्ट ने जेल भेज दिया था। वह इंदौर जेल में बंद थे।

जबलपुर एडवाइजरी बोर्ड ने दी रासुका की अनुमति
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा ने बताया कि लॉक डाउन के चलते जबलपुरा हाईकोर्ट की एडवाजरी कमेटी बोर्ड में रासुका को लेकर मामला अटका हुआ था। जबलपुर एडवाइजरी तीन जज की टीम ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सुनवाई की। इस दौरान अंकित ऐरन को इंदौर जेल और जिला प्रशासन की टीम से मुख्य खाद्य अधिकारी मिश्रा को वीडियो कांफ्रेस पर लेकर सुनवाई की गई। इस दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मिश्रा ने न्यायाधीशों के सामने तथ्य रखे की। इनके द्वारा लगातार मिलावट खाद्य पदार्थ में की जा रही है। इनकी फर्म पर से 11 नमूने जांच मे लिए थे। जिन्हें भोपाल लेब भेजा गया था। जिनमें से तीन मानव हानिकारक आए और बाकी अमानक थे। हल्दी, मिर्च और धनिए में केमिकलयुक्त हानिकारक रंगों का प्रयोग किया जा रहा था। जिसके बाद एडवाइजरी बोर्ड ने माना कि फर्म द्वारा मिलावट खोरी की जा रही थी, जो कि मानव के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए रासुका में कार्रवाई पर मुहर लगा दी। जिला कलेक्टर ने रासुका कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

Virendra Rathod Reporting
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