Crime यहां पुलिस नाबालिग के अपहरणकर्ता पर है अधिक मेहरबान

Crime यहां पुलिस नाबालिग के अपहरणकर्ता पर है अधिक मेहरबान

Mukesh Sharaiya | Updated: 14 Jun 2019, 01:35:07 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

जीरन पुलिस ने नाबालिग को बालिग बता सौंप दिया अपहरणकर्ता को

नीमच. एक नाबालिग को भगाकर ले जाने वाले युवक को पकडऩे के बजाय जीरन पुलिस ने नाबालिग को ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बालिग बना दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने ही नाबालिग को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाबालिग का अपहरण करने वाले शादीशुदा युवक के साथ भेज दिया। अब मामला पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचा तो उन्होंने सीएसपी को जांच सौंपी है।

नाबालिग की मां ने एसपी को सौंपा आवेदन
जीरन निवासी पीडि़त महिला (नाबालिग की मां) गुरुवार को पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सगर ने मिलने आई। महिला ने बताया कि उसकी लड़की का 28 अप्रैल 19 को अपहरण कर लिया गया था। इस संबंध में मैंने जीरन थाने पर प्ररकण दर्ज कराया था तो पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। जबकि मेरी बेटी नाबालिग थी। जीरन पुलिस को अपहरण का प्रकरण दर्ज करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बाद में जब पुलिस ने लड़की को बरामद किया तो उसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बालिग बताकर उसी लड़के उमेश के साथ भेज दिया जिसने उसका अपहरण किया था। उमेश की पहले शादी हो चुकी है और उसका 10 साल का एक लड़का भी है। मेरा कहना है कि मेरी बेटी नाबालिग है। जब उमेश अपने सगे का नहीं हुआ तो वो मेरी बेटी के साथ भी कुछ गलत कर सकता है। मुझे जीरन पुलिस पर बिलकुल भी विश्वास नहीं है। गुरुवार को मैं एसपी से मिली थी। उन्हें पूरी जानकारी दी है। एसपी ने जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही है। मुझे न्याय चाहिए। मेरी बेटी के दस्तावेजों में वो आज भी नाबालिग है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे बालिग प्रमाणित किया है। महिला ने बताया कि जीरन थाने के जांच अधिकारी ने मुझसे 'एसी' कार के लिए 3000 रुपए भी लिए थे। इसी कार से वो मेरी बेटी को बरामद करने गए थे। एसपी ने इस पहलु की जांच के आदेश सीएसपी को दिए हैं।

पुलिस अधिकारी पर भी करेंगे कार्रवाई
परिजनों की शिकायत पर लड़की की गुमशुदगी तो दर्ज की ली गई थी। अब प्रकरण में लड़के के नाबालिग होने की बात सामने आ रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। नगर पुलिस अधीक्षक को जांच सौंपी है। परिजनों ने दस्तावेजों की छायाप्रति ही उपलब्ध कराई है। मूल दस्तावेजों की जांच करने के बाद यदि लड़की नाबालिग निकलती है तो पुलिस अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। लड़की के नाबालिग निकलने पर तुरंत एफआई दर्ज होना चाहिए।
- राकेशकुमार सगर, पुलिस अधीक्षक

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