सीसीआई फैक्ट्री को बेचने की तैयारी में केंद्र सरकार

फैक्ट्री बिकी तो रोजगार के हजारों अवसर पर लग जाएगा ग्रहण

By: Mukesh Sharaiya

Published: 03 Mar 2019, 01:09 PM IST

नीमच. केंद्र सरकार ने एक बार फिर रोजगार के प्रमुख आधार बनने वाले नयागांव स्थित सीसीआई फैक्ट्री को बेचने का मन बना लिया है। इससे केंद्र सरकार की नीति और सांसद की नीयत उजागर हो गई है। एक तरफ जहां कारखाना चालू करने की नोटंकी चल रही थी वहीं अब उसे बेचने की जमीन तैयार की जा रही है। इससे क्षेत्र में रोजगार मिलने की आशाएं धराशाई हो सकती है।

फैक्ट्री बचने के विरोध में किया जाएगा आंदोलन
यह बात सीटू के प्रदेश सचिव कामरेड शैलेंद्रसिंह ठाकुर ने कही। उन्होंने बताया कि 2012-13 में भी सरकार इस सीमेंट फैक्ट्री के बेचने के प्रयास किए गए थे। सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री को बेचने के लिए विभिन्न कंपनियों से रुचि जाहिर करने को कहा गया है इससे एक बार फिर सीसीआई को चलाने को लेकर सरकार की नीयत संदेह के घेरे में आ गई है। पूर्व में भी केंद्र सरकार ने फैक्ट्री की कीमत 460 करोड़ रुपए लगाई थी। तब सीसीआई नयागांव की सभी परिसम्पतियों का मूल्य करीब 3500 करोड़ रुपए आंका गया था। इससे सीसीआई की खदान, फैक्ट्री, पानी के स्त्रोत और विभिन्न शहरों में स्थापित सम्पतियां शामिल थी, किंतु इस बार सरकार ने बड़ी चालाकी से सभी आवश्यक जानकारियों को जनता की नजर से छिपाने का प्रयास किया है। इस बार विस्तृत जानकारी देने के बजाय वेबसाईट के माध्यम से सारी जानकारी देने की बात कही जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक दिन पहले और बाद के अन्य टेंडर विज्ञापन में दी गई वेबसाईट पर नजर आ रहे हैं, लेकिन सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री नयागांव को लेकर जानकारी खोजने से भी नहीं मिल रही है। जाहिर है सरकार और उनके नुमाईदों की नीयत में खोट है। कामरेड ठाकुर ने बताया कि एशिया में सबसे उच्च कोटी का लाईम स्टोन सीसीआई के पास है। इस फैक्ट्री को बेचने के लिए इस प्रकार से रुचि की अभिव्यक्ति मांगा जाना नि:संदेह निराशाजनक है। कामरेड ठाकुर ने बताया कि पूर्व में भी सीसीआई को बेचने का विरोध सीटू द्वारा किया गया था। विरोध के चलते तब बिक्री प्रक्रिया रुक गई थी। सांसद को पूरी स्थिति साफ करना चाहिए। संदेह है कि स्थानीय कंपनियों को लाभ पहुंचाने की गरज से यह कार्य किया जा रहा है। जिनकी नीयत फैक्ट्री को चलाने के बजाय केवल सीसीआई की खदान को हथियाने की है। सीटू इस बिक्री का विरोध करेगा। आवश्यकता पड़ी तो फैक्ट्री बचने के विरोध में आंदोलन भी किया जाएगा।

Mukesh Sharaiya Bureau Incharge
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