Police Station Break आरक्षक सोता रह गया और एनडीपीएस का आरोपी हो गया फरार

Police Station Break आरक्षक सोता रह गया और एनडीपीएस का आरोपी हो गया फरार

Mukesh Sharaiya | Updated: 10 Jul 2019, 01:19:17 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

चादर और गद्दों की मदद से फरार हुआ एनडीपीएस का आरोपी

नीमच. जाट चौकी से फरार हुए आरोपी मामले में अब तक की जांच में चौकाने वाली बात सामने आई है। मजे की बात यह है कि रात के समय चौकी पर एक ही आरक्षक पदस्थ था और वो भी कुंभकर्णीय नींद में सो रहा था। इसी बात का लाभ उठाते हुए एनडीपीएस का आरोपी सत्यनारायण फरार हो गया। इसका खुलासा स्वयं पुलिस अधीक्षक राकेशकुमार सगर ने किया है। उन्होंने कहा कि जब रात में आरक्षक जफर मुल्तानी ड्यूटी पर था तो सो क्यों रहा था। प्रारंभिक जांच में ही उसकी लापरवाही सामने आई है।

सत्यनारायण चड्डी बनियान में ही फरार

एसपी ने बताया कि आरक्षक ने रात करीब 2 बजे अंतिम बार आरोपी को हवालात में देखा था। इसके बाद सुबह करीब 5 बजे उठने पर उसके फरार होने की खबर मिली। चौकी के पीछे की ओर से आरोपी फरार हुआ है। चौकी के पीछे का हिस्सा खुला हुआ है। रात में वहां कोई था नहीं इसका लाभ भी उसे मिला। आरोपी सत्यनारायण चड्डी बनियान में ही फरार हुआ है। उसके पास और कपड़े नहीं थे। एसपी ने इस बात पर रोष प्रकट किया कि हवालात में दो रोशनदान बनाने की कहा आवश्यकता थी। एक से ही काम चल जाता। सत्यनारायण के जल्द पकड़े जाने की संभवना व्यक्त करते हुए उन्होंने हवालात में कुर्सी रखी होने के प्रश्न पर कहा कि उसे बाद में अंदर रखा होगा। पहले उसके पास केवल दो कम्बल और दो गद्दे ही थे। आरोपी हवालात में रखे दो चादर और दो गद्दों की मदद से रोशनदान फांदकर फरार होने में सफल रहा। कनावटी जेल से कैदियों के फरार होने पर पुलिस प्राशसन की ओर से कहा गया था कि सीसीटीवी कैमरे होते तो आरोपी फरार नहीं होते। दूसरी ओर जाट चौकी में भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होना पुलिस की एक बड़ी लापरवाही की मानी जाएगी।

शौचालय की दीवार से पहुंचा रोशनदान तक
जाट चौकी राजस्थान से लगी सीमा में है। यहां से मात्र 10-12 किलोमीटर ही दूर राजस्थान की सीमा है। दूरस्थ क्षेत्र में चौकी होने से भी आरोपी को जंगल के रास्ते या पगडंडी से फरार होने में मदद मिली है। 6 जुलाई 19 को सगरानी के जंगल से आरोपी कुकाजी बेरवा (20) ग्राम बस्सीखेड़ा विजयपुर राजस्थान को पिकअप वाहन क्रमांक आरजे जीए 1409 से डोडाचूरा तस्करी करते पकड़ा था। आरोपी 13 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर था। पूछताछ के लिए ही उसे चौकी में रख रखा था। सोमवार रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच चौकी प्रभारी सुमित मिश्रा स्टॉफ के साथ गश्त पर थे। चौकी पर मात्र आरक्षक जफर खान ही मौजूद थे। इस बीच हवालात में बंद सत्यनारायण वहां रखे दो चादर और दो गद्दों की मदद से रोशनदान तक पहुंचने में सफल रहा। रोशनदान तक पहुंचने में हवालात में बने शौचालय की 3 फीट की दीवार ने भी मदद की। आरोपी की ऊंचाई करीब साढ़े 5 फीट से अधिक है। दो गद्दों और दो चाहर की मदद से करीब एक फीट और ऊचाई बढ़ाने में मदद मिली। रोशनदान करीब 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर है। इन सबकी मदद से आरोपी काफी आसानी से रोशनदान से बाहर निकलकर फरार होने में सफर रहा। आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस के सामने एक पेच फंस गया है। पुलिस अब तक इस बात की पुष्टि नहीं कर पा रही है कि जिस रोशनदान से आरोपी फरार हुआ उसका सरिया ताजा काटा गया या वो पहले से ही वहां नहीं था। क्योंकि मौके पर जांच करने पहुंची एफएसएल टीम को भी प्रारंभिक जांच में हवालात से ऐसे साक्ष्य नहीं मिले जिससे यह कहा जा सके कि सरिया ताजा काटा गया है। सरिया ताजा काटा गया होता तो मौके पर कोई न कोई सुराग अवश्य मिलता। यदि सरिया पहले से ही नहीं था तो यह पुलिस की बहुत बड़ी चूक होगी। जहां कनावटी जेल से 4 कैदी भागने में सफल रहे वहीं जाट चौकी में इतनी बड़ी चूक पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े करती है।

रोशनदान से ही हुआ फरार इसमें शंका!
जाट चौकी पर रात के समय ड्यूटी पर एक ही आरक्षक पदस्थ था। प्रश्न यह उठ रहा है कि क्या आरोपी सत्यनारायण रोशनदान में से ही फरार हुआ है। इसकी पुष्टि केवल रात के समय चौकी पर तैनात आरक्षक के बयान से ही हो रही है। इसके अतिरिक्त अन्य कोई गवाह नहीं है। जब तक आरोपी पकड़ में नहीं आ जाता पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। चौकाने वाली एक और बात सामने आई कि जिस रोशनदान से आरोपी फरार हुआ है वहां सरिए नहीं हैं इसकी जानकारी चौकी स्टाफ को पहले से ही थी। इतना ही नहीं अन्य रोशनदान में तो खिड़की लगी है, लेकिन जिस रोशनदान से आरोपी फरार हुआ वहां खिड़की का नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

खिड़की लगी थी या नहीं स्पष्ट नहीं
जांच अधिकारी एएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि जाट चौकी में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। यदि कैमरे होते तो आरोपी फरार ही नहीं हो पाता। जिस रोशनदान से आरोपी फरार हुआ है, वहां खिड़की पहले लगी थी। हो सकता है आरोपी ने फरार होते समय उसे भी निकाला हो। ऐसा लगता है कि रोशनदान में एक सरिया पहले से ही नहीं था। आरोपी की तलाश में उसके गांव बस्सीखेड़ा पुलिस टीम गई थी। परिजनों से पूछताछ की गई है। टीम अभी आरोपी की तलाश कर लौटी नहीं है। एफएसएल टीम की रिपोर्ट एक-दो दिन में आ जाएगी। इससे भी जांच में मदद मिलेगी।

फरार होने में शौचालक की दीवार का लिया सहारा
जाट चौकी में पदस्थ आरोपी सत्यनारायण बेरवा सोमवार रात फरार हो गया। भादवि की धारा 224 में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांच कर रहे हैं। आरोपी की तलाश में राजस्थान टीम भेजी है। आरोपी फक्कड़ किस्म का है। शौचालय की करीब 3 फीट दीवार पर चादर और गद्दे रखकर रोशनदान फांदने में सफल हुआ है। कुछ किलोमीटर दूर राजस्थान की सीमा लग जाती है। आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ की है।
- राकेशकुमार सगर, पुलिस अधीक्षक

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