सरल नहीं हुआ जीएसटी रिटर्न फाईलिंग

-रिटर्न दाखिल करने को लेकर व्यापारी परेशान

By: harinath dwivedi

Published: 09 Dec 2017, 03:07 PM IST

नीमच/सिंगोली. विगत 1 जुलाई से लागु हुआ जीएसटी व्यापारियों के लिए सिर दर्द बना हुआ है। सरकार द्वारा व्यापारियों को दिए गए सरलीकरण के आश्वासन के बावजूद प्रक्रिया की जटिलता यथावत है। ऐसे में व्यापारियों ने सरलीकरण की घोषणा को सफेद झूठ बताया है।
उक्त बात कहते हुए सिंगोली व्यापार महासंघ के वरिष्ठ सदस्य पारस जैन ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा छोटे व्यापारियों को राहत देने की झूठी घोषणा की गई है।
उन्होंने बताया कि जीएसटी में काफी विसंगतियां होने खासकर माह में 3 बार रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता से छोटे व्यापारी जिनका टर्नओवर सालाना डेढ़ करोड़ तक है बहुत ही ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि व्यापारी टेक्स देने से नहीं घबरा रहे है बल्कि प्रक्रिया की जटिलता से सभी दुविधा में है।
व्यपारियों की यही परेशानी दूर करने के लिए गत अक्टूबर माह में हुई जीएसटी काउंसिल नई दिल्ली की मीटिंग में कई वस्तुओं की दरों में कमी कर परिवर्तन किए तथा यह घोषणा की गई कि अब छोटे व्यापारी जिनका सालाना टर्नओवर डेढ़ करोड़ तक है तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। घोषणा के बाद ऐसे व्यापारियों ने अक्टूबर का मासिक रिटर्न ही नहीं भरा तो उन्हें सूचना मिलती है कि अभी ऐसा कोई संशोधन नहीं हुआ है। साथ ही मासिक रिटर्न नहीं भरने वाले को 50 प्रतिदिन की पेनल्टी भुगतने के लिए आगाह किया गया है। कुछ व्यापारियों ने अक्टूबर के मासिक रिटर्न पेनल्टी के साथ भरे भी हैं। जैन ने संबंधित अधिकारियो से सवाल किया है कि पहले छोटे व्यापारी को राहत देने की घोषणा और बाद में नोटिस थमाकर परेशान करना यह उनके साथ धोखा नहीं तो और क्या है। क्या सरकारी घोषणाएं केवल आगामी चुनाव के मद्देनजर लोगों को खुश करने के लिए ही की जाती है। या उनको वास्तविक सुविधा देने के लिए। जैन के मुताबिक क्षेत्र के छोटे व्यापारी मांग कर रहे है कि सरकार को अतिशीघ्र अपनी घोषणा अनुसार डेढ़ करोड़ रुपए तक कारोबार करने वालों को तिमाही रिटर्न की सुविधा का नोटिफिकेशन जारी कर दुविधा की स्थिति दूर करना चाहिए। प्रक्रिया में पहले मासिक रिटर्न भरने का आप्शन था। लेकिन व्यापारियों की मांग और प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद जीएसटी काउंसिल ने बदलाव करते हुए तिमाही रिटर्न दाखिल करने की भी सुविधा दी। कौंसिल ने इसमे बदलाव तो कर दिया। लेकिन वेबसाइट में यह बदलाव नजर नहीं आ रहा है। वेबसाइट पर टेंपलेट का ऑप्शन नहीं आने से व्यापारी रिटर्न दाखिल नहीं कर पा रहे है।
नीमच जिला वाणिज्य कर अधिकारी एस एस चुंडावत ने बताया था कि जीएसटी काउंसिल नई दिल्ली ने छोटे व्यापारी जिनका कारोबार डेढ़ करोड़ रुपए है उन्हें विवरण पत्र 3 महीने में जमा करने की सुविधा दी है। इससे अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारी जीएसटीआर 3बी की श्रेणी में आते हैं। उन्हें हर महीने 20 तारीख को फार्म जमा कर विवरण देना है। जिन व्यापारियों ने फार्म नहीं जमा किए उन्हें विभाग से फोन कर सूचना दे रहे हैं।
जबकि कर सलाहकार बता रहे है कि जीएसटी की वेबसाइट पर तिमाही रिटर्न का टैम्पलेट उपलब्ध नहीं है। इससे रिटर्न दाखिल करने में दिक्कत आ रही है। जीएसटी के तिमाही रिटर्न दाखिल करने की आखरी तारीख 31 दिसंबर नजदीक आ रही है लेकिन जीएसटी की वेबसाइट पर तिमाही रिटर्न का ऑप्शन नहीं आने से व्यापारी और कर सलाहकार परेशान है। वे मानते है यदि जल्दी ही ऑप्शन शुरू नहीं हुआ तो दिक्कत आ सकती है।

GST
harinath dwivedi Editorial Incharge
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