अब ऐसा क्या होगा कि २१ से नहीं कर पाएंगे बस का सफर

पत्रिका विशेष खबर

By: harinath dwivedi

Published: 16 May 2018, 11:13 PM IST

नीमच. जिले सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों के मध्य चलने वाली 30 हजार से अधिक बसों के पहिए २१ मई को थम जाएंगे। किराए में 40 फीसदी बढ़ोतरी की मांग को लेकर मप्र बस ऑनर एसोसिएशन ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
नीमच जिला अनुबंधित बस मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भगत वर्मा, सचिव अकिल कुरैशी, उपाध्यक्ष सुनील कोठारी एवं अनिल कोठारी ने बताया की इंदौर-उज्जैन संभाग में होने वाली बसों की हड़ताल के साथ-साथ नीमच जिले में भी बसें संचालित नहीं होगी। प्रति लीटर कीमतों में 20 रुपए से अधिक की तेजी आ गई है। वहीं अन्य संसाधनों की लागत भी 50 फीसदी बढ़ गई है। एसोसिएशन का कहना है कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के साथ ही अन्य लागत में 40 फीसदी से अधिक का इजाफा हो गया है। इसके बावजूद बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक बसों के पहिए थमे ही रहेंगे। पिछले कई सालों से मप्र सरकार ने प्रदेश में बसों में ही डीजल, ऑयल, टायर, शासन का टैक्स, मोटर पार्टस के दाम काफी बढ़ गए हैं। प्रदेश में चलने वाली बसों के मालिक आर्थिक संकटों का सामना कर रहे हैं। पिछले कई माह से प्रदेश सरकार से किराए में बढ़ोतरी की मांग की जा रही है, लेकिन प्रदेश सरकार ने अब इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है।
फरवरी में सरकार ने दिया था आश्वासन
इससे पहले 17 फरवरी को भी बस ऑनर एसोसिएशन ने किराए में बढ़ोतरी किए जाने की मांग को लेकर सांकेतिक हड़ताल की थी। उस समय परिवहन आयुक्त और परिवहन सचिव ने बस मालिकों के साथ बैठक करके एक माह के अंदर किराया बढ़ाए जाने के संबंध में आदेश निकालने का आश्वासन बस मालिकों को दिया था बात को दो माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन प्रदेश सरकार ने अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। बस मालिकों द्वारा किराए में 40 फीसदी बढ़ोतरी किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार ने एक किराया बोर्ड का गठन किया था। इस बोर्ड ने अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को दी थी, जिसमें बोर्ड ने प्रदेश सरकार से वर्तमान बस किराए में 25 फीसदी की बढ़ोतरी करने का अनुमोदन किया था। वर्तमान में प्रदेश में चलने वाली बसों का किराया 92 पैसा प्रति किलोमीटर सरकार द्वारा तय किया गया है। यदि प्रदेश सरकार इस किराए को बोर्ड की अनुशंसा के तहत 25 फीसदी भी बढ़ाती है तो प्रति किलोमीटर किराया 23 पैसा बढ़ जाएगा। अर्थात मप्र में एक किलोमीटर का किराया वर्तमान के 92 पैसे से बढ़कर 115 पैसे प्रति किलोमीटर हो जाएगा।
चाटर्ड बस संचालक लूट रहे यात्रियों को
प्रदेश में संचालित हो रही चाटर्ड बसें किराए के नाम पर यात्रियों की जेब काट रहे हैं। जानकारों के अनुसार मोटर व्हीकल एक्ट में चार्टड बसें डिलक्स श्रेणी में रजिस्टर्ड है। लेकिन चार्टड बस ऑपरेटरों ने अपनी बसों पर सुपर डिलक्स लिखा रखा है और वे इसी श्रेणी का किराया वसूलते हैं। जबकि मप्र मोटर व्हीकल एक्ट में सुपर डिलक्स नामक कोई श्रेणी ही नहीं है। डिलक्स श्रेणी का किराया मप्र में फिलहाल 1.05 पैसे प्रति किलोमीटर तय किया गया है। साथ ही बस मालिकों ने यह भी मांग की है कि स्पेयर बस चलाने के नाम पर जो परमिट लिया जाता है उस परमिट को वैध माना जाए क्योंकि स्पेयर बस अपनी निर्धारित बस मार्ग पर चलाई जाती है।
बैठक में लिया गया हड़ताल का निर्णय
उज्जैन संभाग के बस मालिकों ने 21 मई को हड़ताल करने का निर्णय ले लिया है। इंदौर में 16 मई को इस संबंध में बैठक रखी गई थी। उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल, होशंगाबाद, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग के बस मालिकों ने 16 मई को हड़ताल की घोषणा की। प्रदेश की सभी संभागों के बस मालिकों द्वारा 21 मई को हड़ताल करने से प्रदेश में चलने वाली 30 हजार से अधिक बसों के पहिए थम जाएंगे। सम्पूर्ण प्रदेश में बस हड़ताल होने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

harinath dwivedi Editorial Incharge
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