गले की हड्डी बना आदेश, किया आनन फानन में निरस्त

एक्सक्लूसिव
नगरपालिका की विभिन्न शाखाओं में 5 लोगों को किया था नियुक्त

नीमच. नगरपालिका प्रशासन का कार्यकाल एक महीना शेष बचा है। जनप्रतिनिधि सत्ता का अंत होने से पहले अपनी मनमानी करने पर आमादा है। इसके चलते नियम-कानून तक की धज्जियां उड़ाई जा रही है। यहां तक कि अधिकार नहीं होते हुए भी नगरपालिका में लोगों को नियुक्त किया गया। पोल खुलने पर आनन फानन में आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।
सीएमओ के आदेश पर दी गई नियुक्त
वर्तमान नगरपालिका परिषद का कार्यकाल संभवत: जनवरी 20 के प्रथम या द्वितीय सप्ताह में समाप्त हो जाएगा। ऐसे में जनप्रतिनिधि अपने शुभचिंतकों को उपकृत करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इसमें नगरपालिका के कर्मचारी और अधिकारी भी पीछे नहीं है। जानकारी अनुसार नपा सीएमओ के आदेश पर पांच लोगों को संविदा पर नियुक्त किया गया। बकायदा इसके लिए विभागीय पत्र भी जारी किए गए। सीएमओ द्वारा पत्र जारी करने के बाद हंमागा होना स्वाभाविक था। जिन लोगों को संविदा के आधार पर रखा गया था उन्हें देख दूसरों ने भी हाथ पैर मारना शुरू कर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि नियम विरुद्ध की गई नियुक्ति की पोल खुल गई। आरटीआई लगाकर पूरी जानकारी मांगी गई। जानकारी तो मिली नहीं, लेकिन इतनी पुष्टि अवश्य हुई कि नपा अधिकारियों ने भी अपने बच्चों को संविदा के आधार पर कार्यालय में नियुक्त कराया है। सीएमओ तक भी मामला पहुंचा। उन्होंने तुरंत संविदा आधार पर नियुक्त किए कर्मचारियों को निकालने के आदेश जारी कर दिए। अब भले ही कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया हो, लेकिन इसकी जांच होना चाहिए कि किस नियम और किसके कहने पर यह नियुक्ति की गई थी। आरटीआई में मांगी गई जानकारी से इस सच्चाई के सामने आने की उम्मीद है।
मैंने आरटीआई के तहत मांगी है जानकारी
नगरपालिका में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सीएमओ ने कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। इस संबंध में मैंने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी है। संभवत: शुक्रवार को मुझे जानकारी मिल जाएगी।
- मनीष चांदना, समाजसेवी
जिन्हें रखा था उन्हें हटा दिया
कुछ लोगों को संविदा पर नगरपालिका में लगाया गया था। शिकायत मिलने पर उन्हें हटा दिया गया हैै।
- रियाजुद्दीन कुरैशी, सीएमओ

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Mukesh Sharaiya Bureau Incharge
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