देह व्यापार पर पुलिस की होती है दिखावा कार्रवाई

देह व्यापार पर पुलिस की होती है दिखावा कार्रवाई

By: Virendra Rathod

Published: 24 Feb 2021, 06:10 PM IST

नीमच। मालवा क्षेत्र के नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों के 68 गांवों में सड़क किनारे खुलेआम दिन और रात देहव्यापार हो रहा है। जिसको लेकर पूर्व में कार्ट में भी जनहित यात्रिका लगी थी। लेकिन पुलिस दिखावे के लिए महिने-दो महिने पर दबिश देकर कुछ लोगों को पकड़ कर देहव्यापार को रोकने की कार्रवाई की इतिश्री कर लेती है। वास्तविक में इस दलदल से कभी भी युवतियां निकल ही नहीं पाती है। पुलिस के पकडऩे के बाद कोर्ट से जमानत होकर वह वापस यहीं बाजार में आ जाती है।

सोमवार रात को इसी प्रकार की नीमच सिटी पुलिस ने फिर काफी समय बाद कार्रवाई की और जेतपुरा फंटे पर बांछड़ा डेरों में दबिश देकर सात लड़कियों और पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। जिनमें युवक जेतपुरा निवासी दुकानदार प्रातप ङ्क्षसह पिता भारत ङ्क्षसह उम्र ४८ वर्ष को पकड़ा है। वहीं ग्राहक के रूप में मुरैना जिला निवासी अशोक पिता बेताल सिंह उम्र २२ वर्ष , भूरी पिता महेंद्र सिंह भदौरिया उम्र २५ वर्ष, नीमचसिटी यादवमंडी निवासी कुदंन पिता चेन सिंह उम्र ३३ वर्ष, रवि पिता जगदीश यादव उम्र १९ वर्ष को गिरफ्तार किया। जिन सभी को मंगलवार कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गयाा। अभी पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच में जुटी है।

यह है सच्चाई
बांछड़ा जनजाति के ही युवक आकाश चौहान की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया था कि बांछड़ा जनजाति की जनसंख्या करीब 23 हजार है। इनमें से 40 फीसदी लोग देह व्यापार में लिप्त हैं। इस जनजाति की नाबालिग बच्चियों को जबरन इस अनैतिक व्यापार में धकेला जाता है। न पुलिस कार्रवाई करती है, न महिला एवं बाल विकास विभाग। हाईवे पर जनजाति की महिलाएं और नाबालिग बच्चियां आपत्तिजनक स्थिति में बैठी रहती हैं। वहीं से अधिकारी, नेता, मंत्रियों की गाडिय़ां निकलती हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता। शासन भी हाई कोर्ट में प्रस्तुत जवाब में इस जनजाति की महिला-बच्चियों के देह व्यापार में लिप्त होने की बात स्वीकार चुका है।

इनका यह कहना
पुलिस देह व्यापार के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती है, लेकिन एक विशेष समाज द्वारा इस व्यापार को किया जाता है । उस जाति के लोगों को मुख्यधारा में जोडऩे के लिए आत्मनिर्भर बनाने का काम भी पुलिस व जिला प्रशासन कर रहा है। इस वर्ष में पुलिस भर्ती के लिए निशुल्क बांछड़ा समुदाय की युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नर्सेज से जोडऩे का भी उनको प्रयास किया जा रहा है। अगर कुछ परिवार से भी यह नौकरी लगेंगे तो यह इस दलदल से निकल पाएंगे।
- एसएस, एएसपी नीमच

Virendra Rathod Reporting
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