मस्ती की पाठशाला में बच्चों को सीख देगी पुलिस

- थाने में बनाया बच्चों की पसंद के अनुरूप बाल मित्र कक्ष
- मनोरंजक माहौल में होगी काउंसलिंग- विधायक, एसपी ने किया उद्घाटन

By: harinath dwivedi

Published: 25 Apr 2018, 01:58 PM IST

नीमच. बच्चों के मन में पुलिस की छवि रौबदार होती है। ऐसे में किसी घटना, दुर्घटना या अपराध को लेकर बच्चों का पाला यदि पुलिस से पड़ता है तो वे दहशत में आ सकते हैं। लेकिन अब बच्चों के मामलों में पुलिस की सौम्य छवि सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। बाल अपराधियों या विभिन्न घटनाओं से पीडि़त बालिकाओं के प्रति पुलिस संवेदनशील और भावनात्मक तरीके से पेश आएगी। नीमच में इसकी शुरूआत केंट थाने से हो रही है। जहां बच्चों की विशेष काउंसलिग के लिए बाल मित्र कक्ष तैयार किया गया है। कक्ष का उद्घाटन विधायक दिलीपसिंह परिहार और एसपी तुषारकांत विद्यार्थी की मौजूदगी में किया गया।
जुवेनाइल एक्ट के प्रावधानों के अनुसार व्यवस्था-
जुवेनाइल एक्ट में बालकों से पूछताछ, अनुसंधान, बयान दर्ज करने तथा उनके साथ व्यवहार की प्रक्रिया अलग निर्धारित है। हाल ही में जारी शासन के आदेशों के तहत अपराधों में पकड़े जाने वाले बालकों, पाक्सो एक्ट के शिकार बच्चों, किशोरों की थाने पर अलग कक्ष में काउंसलिंग होगी। उनसे बयान लेने और बातचीत के लिए ट्रेंड एएसआई स्तर के अधिकारी तैनात होंगे। इस प्रक्रिया के पीछे भावना यह है कि बालकों को समझाइश देकर, भावनात्मक तरीके से भविष्य संवारने के बारे में सीख दी जाए। इसी तरह पीडि़त बालिकाओं या बालक को यह भरोसा दिलाया जाए कि पुलिस उनके परिवार की तरह मदद करेगी। काउंसलिंग में पुलिस बच्चों को अपनेपन का अहसास दिलाएगी।
कक्ष में खाने पीने की वस्तुओं के साथ खिलौने भी होंगे-
पुलिस थाने के अलावा अलग कक्ष में यदि बच्चों से पूछताछ होती है तो वहां का माहौल भी उसी तरह का होना चाहिए, इस बात के मद्देनजर केंट थाने में जो बाल मित्र कक्ष तैयार हो रहा है। उसकी चारों दीवारों पर आकर्षक पैंटिंग और चित्रकारी की जा रही है। कक्ष में बच्चों के आराम के लिए पलंग होगा, टीवी सहित मनोरंजन के लिए खिलौने भी होंगे। बिस्किट, चाय, पानी की व्यवस्था भी रखी जाएगी। बच्चों से यदि पूछताछ भी होगी तो घरेलू माहौल की तरह।

अपराध में लिप्त या घटनाओं से पीडि़त बालकों, किशोरों से पूछताछ या काउंसलिंग अब बाल मित्र कक्ष में विशेष अधिकारी द्वारा की जाएगी। बच्चों की काउंसलिंग पर अधिक फोकस होगा। बच्चों को अपराधों की ओर प्रवृत्त होने से रोकना तथा भविष्य के प्रति सजग बनाना इस योजना का उद्देश्य है। केंट थाने में बाल मित्र कक्ष का जल्द शुभारंभ होगा।- नरेंद्रसिंह सौलंकी, सीएसपी नीमच
----------------

harinath dwivedi Editorial Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned