मंदसौर हत्याकांड के बाद अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने की फिर उठी मांग

मंदसौर हत्याकांड के बाद अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने की फिर उठी मांग
मंदसौर हत्याकांड के बाद अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने की फिर उठी मांग

Chandraprakash Sharma | Updated: 12 Oct 2019, 05:16:40 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

दिनभर कोर्ट परिसर में छाया रहा सन्नाटा

रतलाम। अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने की मांग को लेकर मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रतलाम जिला अभिभाषक संघ के पदाधिकारी भी शुक्रवार को दिनभर काम से विरत रहे। न्यायाधीश और पक्षकारगण जरुर आए लेकिन किसी भी पक्षकार का कोई काम नहीं हो पाया। सुबह से दोपहर तक कामकाज ठप रखकर अधिवक्ता दोपहर में सामूहिक रूप से जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे। कलेक्टोरेट में कलेक्टर रुचिका चौहान को उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
अभिभाषक संघ के जिलाध्यक्ष दशरथ पाटीदार और सचिव प्रकाश राव पंवार ने बताया इस ज्ञापन में अधिवक्ता संरक्षण कानून को लागू करने की मांग के साथ ही मंदसौर में अधिवक्ता युवराजसिंह चौहान की निर्मण हत्या को लेकर भी विरोध जताया गया। ज्ञापन में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग के साथ ही प्रमुख मु²ा अधिवक्ता संरक्षण कानून बनाकर लागू करने की मांग पुरजोर तरीके से की गई। अधिवक्ताओं का काम से विरत रहने के आह्वान का असर न्यायालय परिसर में दिखाई दिया। पूरे दिन न्यायालय में कोई भी काम नहीं हुआ। पक्षकार और जिनकी तारीखें कोर्ट में लगी थी वे कोर्ट में आए जरुर लेकिन उनकी तारीखें भी आगे बढ़ा दी गई और उन्हें अगली तारीख पर आने को कहा गया। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं ने कोर्ट से जुड़ा कोई कामकाज नहीं किया जिससे दिनभर वीराना जैसा ही रहा।

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