रिटायर्ड फौजी और सेना के जवान दे रहे युवाओं को हौसले की उड़ान

रिटायर्ड फौजी और सेना के जवान दे रहे युवाओं को हौसले की उड़ान

By: Virendra Rathod

Published: 21 Feb 2021, 12:05 PM IST

जीरन। धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी से सैनिकों की नगरी बनते जा रहे जीरन नगर के युवाओं के हौसलो को पंख लगने लगे है। वैसे तो जीरन पूरे जिले में सैनिकों की नगरी के नाम से जाना जाता है, क्योंकि जिले में सबसे ज्यादा जीरन गांव के सैनिक देश के लिए बॉर्डर पर अपनी सेवा दे रहे हैं, जीरन के कुछ युवा और भूतपूर्व सैनिको की मदद से देशसेवा या अन्य प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होकर जीरन का नाम रोशन करने की उड़ान भरने के लिए प्रतिभाएं तैयारी में जुटी है। जहाँ एक ओर बड़े-बड़े शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र महंगी कोचिंग फीस देकर पढ़ाई करते हैं, जो कि गरीब तबकों के लोगो के लिए संभव नही होता है। जीरन के ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग चलाई जा रही है। वह पिछले दो साल में अभी तक करीब २७ युवाओं को सेना और मप्र पुलिस में चयन करा चुके हैं।

रिटायर्ड फौजी और सेना के जवान दे रहे युवाओं को हौसले की उड़ान

जीरन में 3 साल पहले विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी की शुरुआत जीरन के युवा शैलेन्द्र पाटीदार द्वारा की गई है। जिसका स्वरूप बदलते बदलते आज उस मुकाम पर आ पहुंचा है। जहां मुख्य रूप से भारतीय सेना और सुरक्षाबलों में सम्मिलित होने के लिए शैक्षणिक तैयारी और फिजिकल ट्रेनिंग सैनिक पाठशाला नाम की संस्था के जरिए नि:शुल्क करवाई जा रही है। इस प्रकल्प में युवाओं को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ उनकी दक्षता में निखार लाने के लिए भारतीय सेना में सेवा दे चुके रिटायर्ड फौजी भी अपनी सहभागिता दिखा रहे हैं। यही नहीं सेवा का यह प्रकल्प अनवरत चलता रहे, इसके लिए अब भूतपूर्व सैनिक और जीरन नगर के समाजसेवियों ने एक सामाजिक संस्था का गठन किया है। जिसे युवा प्रगति पाठशाला एवं जनकल्याण फाउंडेशन का नाम दिया गया है। इस संस्था को भारतीय सेना के अलग-अलग सुरक्षा बलों में सेवा दे रहे हैं। जीरन के सैनिक और नगर के समाजसेवी और आमजन सहयोग निधि से पोषित करेंगे। सैनिक पाठशाला इसी संस्था का एक सेवा प्रकल्प बनकर इसी के माध्यम से सेना के अलग-अलग भर्ती रैली में भाग लेने के लिए शैक्षणिक और फिजिकल तैयारी करवाई जा रही है। सेना और सेवा से जुड़े इस अनूठे प्रकल्प से युवाओं के हौसलों को उड़ान मिल रही है।

रोजाना सुबह 5बजे से शुरू होती है युवाओं की फिजिकल ट्रेनिंग
जीरन के हायर सेकेंडरी मैदान पर अलसुबह 5 बजे लगभग 100 से ज्यादा युवा जिसमें लगभग 35 लड़कियां भी शामिल है, सेना भर्ती रैली की फिजिकल तैयारी के लिए पहुंच रहे हैं। रोज सुबह शारीरिक व्यायाम के बाद लंबी कूद, दौड़, गोला फेंक और फुट जम्प के साथ आवश्यक गुण सीखाए जा रहे हैं। लगभग एक से डेढ़ घंटे की फिजिकल तैयारी की जाती है।

शैक्षणिक तैयारी के लिए भी लगती है नि:शुल्क कोंचिंग
जीरन में सैनिक पाठशाला द्वारा शैक्षणिक तैयारी के लिए भी जीरन तालाब के किनारे राजपूत मोहल्ला स्थित सैनिक पाठशाला में शैक्षणिक तैयारियां और अध्यापन करवाया जाता है। जिसमे भारतीय सैनिक व पुलिस व अन्य सैनिक परीक्षाओं के लिए तैयारी की जाती है।


ये शिक्षक दिलाते है फिजिकल ट्रेनिंग
फिजिकल तैयारियों के लिए मुख्य शारीरिक प्रशिक्षक प्रकाशचंद्र राठौर के साथ भूतपूर्व सैनिक कमलसिंह सोनीगरा, आनंद सिंह चौहान, प्रहलाद सिंह सोनिगरा, दीपेश जैन, संजय पालीवाल, सुनील टांक, गणेश राजोरा, रईस मोहम्मद, साबिर हुसैन आदि सुबह हायर सेकेंडरी मैदान पर युवाओं को सेना में भर्ती होने के गुर सिखाते हैं। वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक तैयारियों के साथ लिखित परीक्षा के लिए शैलेंद्र पाटीदार मुख्य शिक्षक के रूप में और विकास पाटीदार (मेरावत), लोकेश पाटोदी सुनील पाटीदार सहायक शिक्षक के रूप में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अध्यापन करवाते हैं। इन सभी तैयारियों के लिए ना तो युवाओं से कोई अध्ययन शुल्क लिया जाता है और ना ही अध्यापन यह ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनर को कोई मानदेय मिलता है। सेना में सेवाएं दे रहे हैं जीरन के सैनिक जब छुट्टियों में जीरन पहुंचते हैं तो वे भी पूरे समर्पण के साथ युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए युवाओं के बीच पहुंच जाते हैं जिससे युवाओं को काफी मार्गदर्शन मिलता है। सुबह सुबह जब हायर सेकेंडरी मैदान पर शारिरिक व्यायाम करवाए जाते है तो लगता है मानो सेना का ट्रेनिंग सेशन चल रहा है। भारतीय सेना के रिटायर्ड फौजी और वर्तमान में सेना में सेवा दे रहे जवान अपनी अनूठी सेवाओं से जीरन के युवाओं का भविष्य संवारने में लगे हुए है। वहीं शैक्षिक ज्ञान देने वाले युवाओं का साथ मिलने से जीरन की प्रतिभाओं का मनोबल भी बढ़ रहा है। ऐसे देश प्रेमी व माँ भारती के लिए कुछ करने का जज्बा दिल में रखने वाले भूतपूर्व सैनिकों जीरन नगरवासी गर्व महसूस करते है।

Virendra Rathod Reporting
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