कहीं लटके ताले, तो कहीं शिक्षक और बच्चे दोनों नदारद, ऐसा हैं यहां के विद्यालय

कहीं लटके ताले, तो कहीं शिक्षक और बच्चे दोनों नदारद, ऐसा हैं यहां के विद्यालय

By: Subodh Tripathi

Published: 27 Nov 2019, 12:25 PM IST

नीमच. किसी विद्यालय में ताले लटके थे। तो किसी विद्यालय के बाहर खड़े होकर बच्चे शिक्षकों का इंतजार कर रहे थे। तो किसी विद्यालय में आए बच्चे ताला देखकर वापस घर लौट रहे थे। क्योंकि काफी देर इंतजार करने के बाद भी बच्चों को दूर दूर तक शिक्षक आते नहीं नजर आ रहे थे। ऐसे हालात जब सप्ताह की शुरूआत के दिन नजर आए तो अन्य दिनों में क्या हाल होता होगा।


यह हालात डीपीसी डॉ पीएस गोयल को नजर आए। वे सुबह से ही विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने निकल गए थे। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि विद्यालय खुले होंगे और बच्चों को पढ़ाया जा रहा होगा। लेकिन जब एक एक कर उन्होंने कई विद्यालयों का निरीक्षण किया तो हैरान रह गए। क्योंकि अधिकतर विद्यालय में ताले लटके थे। कुछ में सिर्फ बच्चे आए थे, लेकिन शिक्षकों के आने का पता नहीं था।


शासन द्वारा इस बार बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए शासकीय विद्यालयों में प्रतिदिन की कक्षाएं संचालित करने के अलावा कमजोर बच्चों के लिए रेमिडियल कक्षाएं संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कक्षाएं सुबह 09.30 से 10.30 बजे तक संचालित होना है, जिसके बाद प्रतिदिन अनुसार कक्षाएं लगेंगी। ऐसे जब सोमवार को डीपीसी औचक निरीक्षण पर पहुंचे तो यह हालात नजर आए। जिससे साफ पता चल रहा है कि जब शिक्षक खुद ही समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। तो कैसे बच्चे समय पर पहुंचकर पढेंगे।


हालात 1. शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय जमुनिया खुर्द में सुबह करीब 09.35 बजे एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था, आश्चर्य की बात तो यह थी कि प्राथमिक और माध्यमिक दोनों विद्यालयों के शिक्षक नहीं आए थे। विद्यालय में ताले लटके थे। ऐसे में बच्चे भी कक्षाओं के बाहर खड़े होकर शिक्षकों का इंतजार करते नजर आए।



हालात 2. शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय दुलाखेड़ा में जब सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर डीपीसी डॉ पीएस गोयल पहुंचे, तो वहां न तो एक भी शिक्षक नजर आया, न ही एक भी बच्चा मौजूद था। वहां सिर्फ ताले लटके नजर आ रहे थे। जिससे साफ पता चल रहा था कि यहां भी रेमिडियल कक्षाएं नहीं चल रही हैं।


हालात 3. शासकीय प्राथमिक विद्यालय अरनिया मानगीर में भी ताले लटके थे। यहां बच्चे आ गए थे, लेकिन शिक्षकों के पते नहीं थे। यहां निरीक्षण के लिए डीपीसी करीब 09.52 पर पहुंचे, ऐसे में निश्चित ही कक्षाएं संचालित मिलनी थी। लेकिन बच्चे बाहर खड़े शिक्षकों के आने का इंंतजार कर रहे थे।


यहां चल रही थी रेमिडियल कक्षाएं
हालात 4. शासकीय माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय बरखेड़ा हाड़ा में सुबह 10.30 बजे रेमिडियल कक्षाएं संचालित पाई गई। यहां टीचरों द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। वहीं शासकीय प्राथमिक विद्यालय जेतपुरा में मात्र दो बच्चे रेमिडियल कक्षाओं में पाए गए।


जो विद्यालय सुबह 09.30 से 10.30 बजे के बीच बंद पाए गए हैं। उन विद्यालयों के शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। संतुष्टीपूर्ण जवाब नहीं मिलने पर उनकी एक-एक वेतनवृद्धि काटने की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ पीएस गोयल, डीपीसी

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