यहां बच्चों की प्रतिभा देख वाह वाह कर उठे लोग

सद्चरित्र बिना विकसित राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सकता है
भारतीय सुभाष सेना ने मनाया सुभाषचन्द्र बोस का जन्मदिन
फव्वारा चौक स्थित सुभाष वाटिका में हुआ कार्यक्रम

नीमच. सद्चरित्र बिना विकसित राष्ट्र का निर्माण नहीं होता है। स्वामी विवेकानंद ने एक विदेशी के प्रश्न के उत्तर में कहा कि सद्चरित्र बन व्यक्ति ही पूर्ण संस्कारवान होता है। लोग कपड़ों के दाग पर ध्यान देते हैं, जबकि चरित्र बेदाग होना चाहिए। अत्याचार करने वाला कायर और विरोध करने वाला सम्मानीय होता है।
भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
यह बात भूतेश्वर महादेव मंदिर जावद के अधिष्ठदाता राष्ट्रसंत रूद्रदेव त्रिपाठी ने कही। वे भारतीय सुभाष सेना द्वारा फव्वारा चौक स्थित सुभाष वाटिका में 23 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सुभाषचन्द्र बोस लाखों वर्षों तक याद रहेंगे क्योंकि उनके कार्य ऐसे थे। सुभाषचन्द्र बोस हर भारतीय के ह्रदय में जीवित हंै। बोस स्वामी विवेकानंद से बहुत प्रभावित थे। स्वामी विवेकानंद के अनुसार भातर में व्यक्ति का चरित्र सही होता है तभी वह पूर्ण आदमी होता है। व्यक्ति में मानवता के गुण आ जाए तो आज भी भारत भारत है। भ्रष्टाचार से भी हमें आजादी प्राप्त करनी होगी। प्रमुखवक्ता वरिष्ठ इतिहासकार डा. सुरेन्द्रसिंह शक्तावत ने कहा कि पुष्प भी शहीदों के मार्ग पर जाना चाहता है। सुभाष ने 17 जनवरी 1941 में कांग्रेस से अलग होकर फारड ब्लॉक संगठन बनाया था बोस को बंगाल के शेर के रूप में पहचाना जाता है। आजादी में शहीदों में झांसी की रानी, सुखदेव, भगतसिंह की लम्बी शृंखला है। महात्मा गांधी को भी करो या मरो के नारे पर आना पड़ा था। आजादी के लिए शहीदों ने संघर्ष किया था जो आज भी युवाओं को ऊर्जा प्रदान करता है। विदेश की धरती पर 85 हजार सैनिकों का गठन किया। उन्होंने आजाद हिन्द सरकार का गठन किया था। 26 हजार लोग फांसी पर चढ़े थे। राष्ट्र के लिए शहीदों ने बलिदान दिया था। शहीदों को सम्मान करेगें तभी उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। बोस के संदेश को युवाओं तक पहुंचा, बिना आयोजन सार्थक नहीं होगा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजयकुमार जैन ने कहा कि हमारे अंदर सत्य बना रहे। जो नहीं है वह भी आ जाए। नेताजी के आह्वान पर लोगों ने अपने प्राणों का त्याग किया था। उनके समर्थन में जाति धर्म की कोई बात नहीं थी। भाषण प्रतियोगिता में सात विद्यार्थियों ने भाग लिया। निहारिका रविन्द्र गर्ग अल्फा सीनियर सैकेंडरी स्कूल प्रथम, हर्षित सतीश गौड़ चिल्ड्रन वेल अकेडमी स्कूल द्वितीय और शुभम विनोद नागौरी शाउमावि जावद तृतीय विजेता रहे। विजेताओं को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र शील्ड प्रदानकर सम्मानित किया गया। शिक्षक रमेश मोरे द्वारा देश के महानायकों के विचार वाला पत्रक का वितरण किया गया। संचालन नवीन अग्रवाल एवं हेमलता धाकड़ ने किया। आभार मोहनलाल सैनी ने माना। इस अवसर पर गायत्री मंदिर पर फल रस वितरण के लिए कृष्णगोपाल बाल्दी, बालिका सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय साहस के लिए विकेश खंडेलवाल का शाल, श्रीफल, शील्ड, प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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Mukesh Sharaiya Bureau Incharge
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