कागजों में हो गया सिंगोली ओडीएफ

-परिषद अध्यक्ष ने जांच कराई तो पता चली गड़बड़ी
- दिशा समिति की बैठक में सांसद ने जताई नाराजगी

By: harinath dwivedi

Updated: 25 Apr 2018, 10:20 PM IST

नीमच. गावों और शहरों को खुले में शौच मुक्त बनाने की हकीकत धीरे-धीरे सामने आ रही है। ताजा मामला नीमच जिले के सिंगोली नगर परिषद का सामने आया है, जिसमें पूर्ववर्ती परिषद के कार्यकाल में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ठेकेदार की मदद से कागजों में शौचालय बन गए। दिशा समिति की बैठक में सांसद सुधीर गुप्ता के संज्ञान में खुद सिंगोली नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा यह मामला लाया गया है।
बुधवार को कलेक्टोरेट में दिशा समिति की बैठक सांसद सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इस दौरान सिंगोली में ओडीएफ का मामला कमजोर होने की सुगबुगाहट हुई तो नगरपरिषद सिंगोली अध्यक्ष सुनीता राजकुमार मेहता ने सांसद के सामने वस्तुस्थिति बताई। उन्होने कहा कि पूर्व के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते शौचालयों के नाम पर हितग्राहियों से १४००-१४०० रुपए वसूल किए गए। काम भी पूरा नहीं हुआ और ठेकेदार ने रवानगी ले ली। जनता अब वर्तमान नगर परिषद को इसके लिए कोसती है। जबकि वास्तव में यह पुराना मामला है, इस मामले की तकनीकी रूप से जांच भी करवाई गई है जिसमें १०० से अधिक शौचालयों के निर्माण या तो हुए ही नहीं या आधे अधूरे हैं। इस पर सांसद गुप्ता ने नाराजगी जताई। उन्होने कहा कि जरूरत पड़े तो संबंधितों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होने कहा हितग्राहियों को परेशान न होना पड़े ऐसी व्यवस्था कर तत्काल शौचालयों के निर्माण का प्रयास किया जाए। विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने भी इस मामले में कलेक्टर से जनभागीदारी मद से राशि स्वीकृत करने की बात कही।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गावों में कौन सा कार्य किस मद से हुआ है इसकी जानकारी के बोर्ड लगाए जाएं। इसी तरह वन विभाग की उस योजना पर भी चर्चा हुई जिसमें २०० से अधिक पौधे लगाकर उनका संरक्षण करने पर ढाई लाख रुपए से अधिक राशि हितग्राही को दी जाती है। इस योजना का प्रचार प्रसार ही नहीं हुआ। जबकि कागजों में योजना के तहत काम होना बताया गया है। अधिकारियों से इसकी स्पष्ट जानकारी देने को कहा गया। जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने भी इस मामले में वन विभाग से जानकारी तलब की है।
ग्राम पंचायतों की अनुमति से ले जा सकेंगे तालाब की मिट्टी-
बैठक में सांसद गुप्ता ने कहा कि तालाबों से किसान और ग्रामीण स्वयं के खर्च पर मिट्टी ले जा सकेंगे, इसके लिए उन्हें ग्राम पंचायत में आवेदन देना होगा। ग्राम पंचायत किसानों को निश्चित अवधि तक तालाबों से मिटटी खुदाई कर ले जाने की अनुमति देगी। जल संसाधन विभाग के सिंचाई तालाबों से मिटटी निकालने की अनुमति, विभाग के अभिमत के बाद कलेक्टर द्वारा दी जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सडक योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। विधायक मनासा कैलाश चावला, विधायक नीमच दिलीपसिंह परिहार ने भी विभिन्न विषय उठाए। जिला पंचायत अध्यक्ष अवंतिका जाट, नीमच नपा अध्यक्ष राकेश जैन, सहित विभिन्न निकायों के अध्यक्ष मौजूद थे।
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harinath dwivedi Editorial Incharge
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