कर्जमाफी में नाकाम प्रदेश सरकार- विधायक सिसौदिया

कर्जमाफी में नाकाम प्रदेश सरकार- विधायक सिसौदिया

By: Virendra Rathod

Published: 03 Dec 2019, 12:12 PM IST

नीमच। भाजपा के संगठन चुनाव के चलते जिले के तीनों विधायक और नेता भोपाल में उपस्थित हो गए है, जिसके चलते प्रदेशव्यापी विरोध के चलते मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने नीमच में आकर पत्रकारों से वार्ता कर प्रदेश सरकार की नाकामियों को बताया और कर्जमाफी का वायदा अभी तक पूरा नहीं होने पर किसान की पीड़ा जाहिर की।

विधायक सिसौदिया ने बताया कि भाजपा सरकार के समय खेती लाभ को लेकर हमेशा किसानों के लिए चाकचौबंद व्यवस्था होती रहती थी। मंदसौर की एक घटना को लेकर विपक्ष सरकार ने काफी विरोध प्रदर्शन कर सरकार पर सवाल उठाए। लेकिन आज प्रदेश कमलनाथ की सरकार के दौरान किसान त्रस्त है। किसान को बोनस राशि का इंतेजार है। गेंहू की उपार्जन राशि दौरान प्रति क्विंटल 260 से घटाकर 160 रुपए कर दी है। कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में सभी किसानों का दो लाख तक कर्ज माफ करने का वायदा किया था। कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार बनते ही दस दिन में कर्ज माफ करने का वायदा किया था और नहीं कर पाने पर मुख्यमंत्री के बदलने की बात कही थी। आज ११ माह बीत चुके हैं और किसानों को कर्ज माफ नहीं हो पाया है। इस कारण किसान भरोस में फसल बीमा सहित अन्य सुविधाओं से भी वंचित रह गए।

अतिवर्षा में गिरे मकानों का भी आ रहा है बिल
प्रदेश के ५२ जिलों में से ३२ जिलों में अतिवर्षा से आई बाढ़ में हजारों घर बह गए, मवेशी, गाय, भैंस आदि हजारों की संख्या में बहकर मर गए। किसानों के घरों में रखी सोयाबीन, गेंहू, सरसों, लहसुन, चना आदि फसल नष्ट हो गई। घरों की तबाही एेसी हुई की सर छुपाने की जगह नहीं बची। मुख्यमंत्री प्रभावित गांवों में समय पर नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं कहा था कि सर्वे की क्या आवश्यकता है। पूरी तरह शत प्रतिशत फसल नष्ट हुई है फिर मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे के सामान तय किया गया और वह भी अभी तक किसानों को नहीं मिला है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीडि़तों के लिए छह माह तक ५२ किलो अनाज और बिजली बिल माफ करने के आदेश दिए थे। उसके बाद भी भारी भरकम बिल आ रहे है। जबकि उनके घरों में अंधेरा हो रहा था।

यूरिया खाद की किल्लत और भ्रष्टाचार की बू
प्रदेश की मौजूदा हालत यह है कि रबी की फसल की करीब-करीब बुवाई हो चुकी है। किसानों को यूरिया नहीं मिल रही है। प्रदेश सरकार को पूर्व से स्टॉक गोदामों में रखना चाहिए था। सोसायटी पर खाद उपलब्ध नहीं है। वहीं किसानों का कर्जमाफ नहीं होने के चलते वह डिफाल्टर घोषित हो गए हैं। जिस कारण उन्हें सोसायटी से रियायती दर पर यूरिया खाद नहीं मिल रही है। यूरिया की किल्लत एेसी है कि खात गांव में पुलिस की सुरक्षा में खाद वितरित की जा रही है। एक व्यक्ति को दो कट्टे दिए जा रहें है। किसानों को बोवनी चल रही है सिर्फ आठ घंटे बिजली दी जा रही है, जबकि १२ घंटे बिजली देनी चाहिए।

अफीम काश्तकारी पर साधी दबी आवाज में बोले विधायक
विधायक सिसौदिया से अफीम काश्तकारों के पट्टे कटने और अफीम नई नीति के चलते मार्फिन के पेच के बारे में पूछा गया तो वह बोले पहले से अफीम काश्तकारी का रकबा बढ़ा है। चारों सांसद भी वित्त मंत्री से नई अफीम नीति के बारे में लगातार चर्चा कर रहे है। उन्होंने दबी आवाज में कहा कि मार्फिन की मात्रा को घटाना चाहिए। वहीं डोडाचूरा नष्टीकरण को लेकर चिंता जताई और कहा कि किसान से तीन से पांच साल के डोडाचूरा का हिसाब लिया जा रहा है। जो कि न्यायोचित नहीं है। किसान हर साल डोडाचूरा को नष्ट या इधर-उधर करता है। वहीं आखिर कब तक संभालकर रखेगा। उसे में सांप-बिच्छु पल जाते है। प्रदेश सरकार को आबकारी विभाग द्वारा इसके नष्टीकरण का कार्य करवाना चाहिए। उनकी सरकार के समय इसके नष्टीकरण का कार्य क्यों नहीं हुआ। इस पर सवाल उठाया तो बोले कि हमारी सरकार के समय ही डोडाचूरा के दाम बढ़े है। छह रुपए से हजार रुपए किलो तक बिकने लगा। सरकार नष्टीकरण कर उसके मुआवजे की भी योजना बना रही थी।

मंदसौर विधायक बोले पुलिस कर्मचारी लुटेरे बनकर बैठे
मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने पुलिस को जमकर आड़े हाथो लिया और पत्रकरों से बात के दौरान कहा की पुलिस इन दिनों चोरी, लूट, बलात्कार जैसी घटनाएं छोड़ मादक पदार्थ के तोड़ बट्टे में लगी हुई है। नीमच-मंदसौर जिलों में पुलिस का भयावह तांडव का नृत्य चल रहा है। पुलिस अवैध मादक पर्दार्थो के साथ तस्कर को पकड़ती है और फिर बाद में माल को कम ज्यादा कर उस में तोड़बट्टा कर लेनदेन कर लेती है। साथ ही विधायक सिसौदिया ने मंदसौर में हुए सर्राफा व्यापारी के साथ हुए घटनाक्रम को लेकर कहा की रक्षक ही भक्षक बनकर बैठे है। पुलिस कर्मचारी खुद लुटेरे बन कर बैठे हुए है। जिस तरह से चार पुलिस वालो ने पहले नकली पुलिस व बाद में सेलटेक्स अधिकारी बनकर जिस तरह से सोना व्यापारी के साथ लूट की और मेरे ट्वीट करने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा उनको सस्पेंड कर दिया गया। मगर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए। साथ ही विधायक ने कहा की यह सभी मुद्दे वह विधानसभा में उठाएंगे।

Virendra Rathod Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned