जमुनिया खुर्द रोड पर स्थित गिट्टी के्रशर संचालक कर रहा अवैध रूप से माइनिंग

जमुनिया खुर्द रोड पर स्थित गिट्टी के्रशर संचालक कर रहा अवैध रूप से माइनिंग

By: Virendra Rathod

Updated: 26 Mar 2021, 11:37 AM IST

नीमच। शहर के समीप जुमनिया खुर्द रोड पर चंपी गांव के पास स्थित गिट्टी के्रशर कंपनी द्वारा अवैध रूप से माइनिंग कर गिट्टी पत्थर निकाला जा रहा है। अगर इसी तरीके से वह माइनिंग करते रहे तो एक दिन नदी का क्षति पहुंचेगी। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में यह कैलाश बैरागी का क्रेशर था, अभी कांग्रेस नेता उमराव गुर्जर के द्वारा इसे संचालित किया जा रहा है। उनके रसूख के कारण वहां पर कोई अधिकारी कार्रवाई करने नहीं आता है।

जमुनिया खुर्द रोड पर स्थित गिट्टी के्रशर संचालक कर रहा अवैध रूप से माइनिंग

पत्रिका टीम ने ग्रामीणों की सूचना पर वहां जाकर देखा तो जमुनिया खुर्द रोड पर गिट्टी के्रशर प्लांट संचालित है। जहां से कुछ दूरी पर हमीरिया बांध के समीप नदी के मुहाने पर अवैध तरीके से माइनिंग ब्लास्ट कर पत्थर निकाला जा रहा है। यह कार्य लगातार दिन और रात चल रहा है। रोजाना कई टन पत्थर निकालकर उसकी गिट्टी बनाकर बाजार में सप्लाई कर शासन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सरपंच दिलीप सिंह राठौड़ से बात करने पर उमराव सिंह के खिलाफ नहीं बोलने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि आपको सब पता है, मैं अब क्या बोलू। वह तो बड़े लोग है। उनसे कौन क्या बोलेगा।

यह इनका कहना
जमुनिया खुर्द गांव में अगर के्रशर वाला अवैध रूप से माइनिंग कर रहा है, तो जो भी हो प्रशासन कार्रवाई करेगा। मैं खनिज अधिकारी को बोलता हूं।
- अजय हिंगे, तहसीलदार नीमच।

जमुनिया खुर्द गांव में गिट्टी के्रशर संचालित की मुझे जानकारी है। नदी और नाले से करीब १०० मीटर दूरी पर माइनिंग करने के निर्देश है। अगर कोई 20-30 दूरी पर माइनिंग कर रहा है तो वह अवैध है। मैं फाइल निकालकर पूरे मामले में जांच करवाता हूं।
- गजेंद्र सिंह डाबर, निरीक्षक खनिज विभाग नीमच।

क्रेशर मालिक उमराव सिंह गुर्जर से पत्रिका की सीधी बात
पत्रिका- नमस्कार, सर जमुनिया खुर्द में क्रेशर आपका चल रहा है, आपके नाम से है।
उमराव गुर्जर- हां अपना ही के्रशर चल रहा है, यह मानों अपने नाम ही है।
पत्रिका- वहां पर शासकीय जमीन अवैध रूप से माइनिंग कर पत्थर निकाला जा रहा है।
उमराव गुर्जर- माइनिंग के लिए भूमि लीज पर ली गई है।
पत्रिका- नदी के पास ही माइनिंग की जा रही है।
उमराव सिंह - पहले से ही माइनिंग होती आ रही है, पूर्व में कैलाश बैरागी कर रहा था।
पत्रिका- नियमानुसार तो नदी व नाले से करीब १०० मीटर की दूरी के बाद माइनिंग करना है।
उमराव सिंह- मुझे यह पता है कि हमने माइनिंग के लिए लीज ले रखी है, नदी को कोई क्षति नहीं हो रही है।

Virendra Rathod Reporting
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