1993 में चोरी हुई प्रतिमा फिर वहीं हुई स्थापित

वर्षों तक चला कोर्ट और जिला प्रशासन के समक्ष मामला

नीमच. चौकन्ना बालाजी मंदिर के पीछे स्थित श्री पंचमुखी सिद्ध गणेश मंदिर से वर्ष 1993 में चोरी हुई श्री गणेश प्रतिमा वर्षों बाद फिर से सोमवार को शुभ मुहूर्त में वहीं स्थापित कर दी गई।
मंदिर के पुजारी रंजन स्वामी ने बताया कि वर्षों तक श्री गणेश प्रतिमा को एक स्थाई जगह स्थापित करने के लिए मैंने काफी संघर्ष किया है। श्री गणेश प्रतिमा चोरी हो जाने के बाद जिला प्रशासन और न्यायालय के चक्कर काट-काटकर थक गया था। चोरी गई प्रतिमा तो वर्षों पहले मिल गई थी, लेकिन जहां से प्रतिमा चोरी हुई थी वहां पुन: स्थापित करने को लेकर पेंच फंस गया था। इस बीच प्रतिमा को अस्थाई रूप से राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम के समीप स्थापित किया था। दूसरी ओर मंदिर के हक के लिए लड़ाई जारी रखी। जिला प्रशासन और एडीजे कोर्ट से मेरे पक्ष में फैसला आया। जहां प्रतिमा स्थापित थी वहां से प्रतिमा विस्थापित करने को लेकर किसी को आपत्ति नहीं थी। ऐसे में सभी की अनुमति मिलने के बाद सोमवार को शुभ मुहूर्त में दोपहर 3 बजे पूरे विधि विधान से पूर्व स्थान पर श्रीगणेश की प्रतिमा स्थाई रूप से स्थापित की गई। प्रतिमा को लेकर लेकर रंजन स्वामी ने वर्षों तक हक की लड़ाई लड़ी थी। राजनीतिक दलों के नेताओं से भी विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। अंत में स्वामी के पक्ष में ही फैसला आया।

Mukesh Sharaiya Bureau Incharge
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