कच्चे सूत को लपेटकर मांगा अखंड सौभाग्य

कच्चे सूत को लपेटकर मांगा अखंड सौभाग्य

By: Virendra Rathod

Published: 19 Mar 2020, 12:22 PM IST

नीमच। शहर सहित जिलेभर में बुधवार को दशामाता पर्व महिलाओं ने परंपरा और आस्था के साथ मनाया। कच्चा सूत पीपल के पेड़ के लपेटकर पूजा के साथ अखंड सौभाग्य की कामना की। वहीं दशामाता की कहानी भी सुनी। दिनभर जिले में पीपल के साथ दशामाता की पूजा अर्चना का दौर चलता रहा। महिलाओं ने शुभ-मुहूर्त में पीपल वृक्ष को लक्ष्मी-विष्णु का वास मानकर पूजा कर सूत का धागा बांधा। बाद में महिलाओं ने वृक्ष की दस बार परिक्रमा की। सुबह से शाम तक महिलाएं 16 श्रृंगार कर मंदिर परिसरों में स्थित पीपल के वृक्षों की पूजा करने के लिए तांता लगा रहा।

 

जिलेभर में महिलाओं ने घर-परिवार की दशा सुधारने की कामना को लेकर भगवान लक्ष्मी को मनाया। पूजा अर्चना के बाद महिलाओं ने कच्चे सुत की बेल गले में धारण की। इस अवसर पर महिलाओंं ने व्रत रख नल-दमयंती की कथा का श्रवण किया। महिलाओं ने कच्चा सूत लपेटकर सीधे हाथ से कनिष्ठिका अंगुली से पीपल वृक्ष की छाल निकाली। जो पूरे वर्ष संभाल कर परंपरा के अनुसार रखी जाती है। शहर में खासकर भागेश्वर मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, किलेश्वर मंदिर, साई मंदिर, माधोपुरी बालाजी, नीमच सिटी स्थित मंदिर पर अनेक जगह पीपल वृक्ष की पूजा की गई। वहीं विकास नगर 14/2 दुर्गा वाटीका की महिलाओं ने दशामता पर्व परम्परा अनुसार बड़ी श्रद्धा व आस्था के साथ महिलाओं ने एकत्रित होकर दशा माता व पीपल के पेड़ की पुजा अर्चना की एव परिवार के लिये सुख समृद्धि की कामना की। सभी महिलाओं ने धुम धाम से एकत्रित होकर यह पर्व मनाशहर सहित जिलेभर में शनिवार को दशामाता पर्व महिलाओं ने परंपरा और आस्था के साथ मनाया। कच्चा सूत लपेटकर पीपल की पूजा के साथ अखंड सौभाग्य की कामना की। वहीं दशामाता की कहानी भी सुनी। दिनभर जिले में पीपल के साथ दशामाता की पूजा अर्चना का दौर चलता रहा।

मनासा में पीपल की पुजा अर्चना कर सुहाग की लंबी आयु की कामना की
मनासा। दशा दशमी पर्व पर नगर की महिलाओं ने शुभ मुहर्त में दिन भर पीपल माता की पूजा अर्चना की। महिलाओं ने अपने सुहाग सहित परिवार व क्षेत्र की दशा सुधारने सहित रक्षा व सुख समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि पीपल में लक्ष्मीजी का वास होता हैं। दशा-दशमी पर महिलाएं दस तारों वाला कच्चे सूत का डोरा। जिसमें 10 गठानें लगा कर पीपल व डोर की पूजा आराधना कर महिलाएं दशा माता की कहानियां श्रवण करते हुए गले मे सुत का डोरा बांधती हैं। यह व्रत महिलाएं घर की दशा को सुधारने व सुख समृद्धि के लिए जीवन भर करती है और इस व्रत का उद्यापन नहीं होता हैं। नगर में राम मोहल्ला, जनपद पंचायत परिसर सहित अन्य जगहों पर महिलाओं ने बड़ी संख्या में चुनर परिधान में सजधज कर दशा माता की पूजा अर्चना कर अपने सुहाग की लंबी कामना की।

अठाना में हुआ दशा माता का पूजन
अठाना। नगर की महिलाओं में की दशा माता की पूजा। नगर मे बावडी चोक पर नगर की महिलाओं ने घर में सुख शांति और समृद्धि के लिए पीपल पूजन कर किया दशा माता को याद महिलाओं ने अपने घर से आटे से बने गहने दशा माता को चढ़ाकर पुजा अर्चना दशामाता पीपल के पेड की परिक्रमा कर व्रत पूरा किया और पुष्पा देवी भट्ट की मुख बिंदुओं से सभी महिलाओं ने माता दशा की कहानियां सुनी ।

महिलाओं ने व्रत रखकर की पीपल की पूजा
हरवारण्राजु जाटण् भारतीय परंपरा के अनुसार दसमी के पावन पर्व पर मां दशा माता की महिलाओं ने पूजा अर्चना की। वहीं महिलाओं ने व्रत रखकर देवरी चौक पर पीपल की पूजा की और अपने घर में दशा और दिशा सुधारने और दरिद्रता दूर करने के लिए सुहागन महिलाओं ने सज धज कर शुभ मुहूर्त में कच्चे सूत की माला में 10 गांठ लगाकर और पीपल के पेड़ की परिक्रमा कर कच्चे सूत की माला अपने गले मैं धारण की। साथ ही नवग्रह शांति हेतु पथवी पूजा की ओर पीपल की छाल को घर लेकर आई और इसके पश्चात दशा माता की कथा महिलाओं ने सुनी।

Virendra Rathod Reporting
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