यहां ऐसा क्या हुआ कि महिलाओं को उतरना पड़ा सड़क पर

भारत माता चौराहे से नीमच कैंट थाने तक पैदल रैली के रूप में पहुंची


By: Mukesh Sharaiya

Updated: 07 Mar 2020, 01:04 PM IST

नीमच. अखिल भारतीय कामकाजी महिला समन्वय समिति एवं सीटू के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर नीमच में भी आशा, उषा, आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कारखानों में काम करने वाली 326 महिलाओं सहित 74 पुरूष सहित 400 सदस्यों ने गिरफ्तारी दी।
भारत माता चौराहे से शुरू हुई
विभिन्न संस्थाओं सहित सीटू की सैकड़ों महिलाएं शुक्रवार सुबह भारत माता चौराहे पर एकत्रित हुईं। यहां से रैली रूप में महिलाएं नारेबाजी करते हुए नीमच कैंट थाने पहुंची। कैंट थाने पर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री और दो ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार प्रशस्ती सिंह को सौंपे। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है। जब महिलाओं के अधिकारों की बात आती है तो सभी सरकारें चुप्पी साध लेती हैं। महिलाओं, बच्चों पर हिंसा और यौन-उत्पीडऩ अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह है पिछले 70 सालों में राजनीतिक निर्णय लेने के मामले में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर होना है। विधायिकाओं में महिला आरक्षण बिल लटका हुआ है। आर्थिक गतिविधियों और स्वास्थ्य के मामले में नीचे लुढ़कते लैंगिक अंतर अनुपात सूचकांक में भारत 112वे नंबर पर आ गया है। भारत की 87 प्रतिशत महिलाओं के नाम से कोई संपत्ति नहीं है। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्रसिंह ठाकुर ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि महिलाओं के काम को मान्यता दी जाए। महिलाओं के जिस काम का भुगतान नहीं किया जाता उसे भी जीडीपी की गिनती में शामिल किया जाए। सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सामान काम, सामान वेतन लागू हो। स्कीम वर्कर्स (आंगनवाड़ी, आशा उषा, मध्यान्ह भोजन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, एसएसए, एनएलसीपी, एनआरएलएम) में कार्यरत महिला कर्मियों के लिए 45वे भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू की जाएं। सभी कार्यस्थलों पर पी ओ एस एच (यौन उत्पीडऩ निरोधक कानून) सख्ती से लागू किया जाए। महिला के विरुद्ध हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिशें लागू की जाएं। महिलाओं को जल्द 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाया जाए। पक्षपाती, विभाजनकारी और संविधान विरोधी नागरिकता कानून (सीएए) और एनपीआर तथा एनआरसी पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस अवसर पर आशा उषा सहयोगिनी एकता यूनियन की कृष्णा कांटे, रेखा व्यास, कांता अहीर, गायत्री खारोल, देवकन्या खारोल, अनीता गर्ग, शर्मिला जैन, उषा तिवारी सहित सैकड़ों साथी उपस्थित थे। गिरफ्तारी से पहले सभी महिलाएं कैंट थाना परसिर में एक स्थान पर एकत्रित हुईं। यहां सीटू के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्रङ्क्षसह ठाकुर ने संबोधित किया। यहां महिलाओं ने गिरफ्तारी दी। जितनी भी महिलाओं ने गिरफ्तारी दी सभी के नाम सूचीबद्ध किए गए। दोपहर करीब एक बजे महिलाएं कैंट थाने पहुंची थी। गिरफ्तारी और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

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Mukesh Sharaiya Bureau Incharge
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