डोड़ा चूरा की अवैध गतिविधियों में मुख्यमंत्री और भाजपा का क्या है रोल....

- मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने यह क्या कह दिया नीमच में
- नीमच में पहली बार कोई मुख्यमंत्री इतने नेताओं के घर गया

By: harinath dwivedi

Published: 07 Jun 2018, 02:21 PM IST

नीमच. कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह अपने बयानों के कारण हमेशा चर्चाओं में रहते हैं। इस बार उन्होने प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के लोगों के बारे में ऐसी बात कह दी है जो पहले किसी ने इतनी खुलकर नहीं की थी। दिग्विजयसिंह के इस बयान के बाद राजनीति में भूचाल आ गया है। एक खास बात और देखने में आई कि पहली बार कोई पूर्व मुख्यमंत्री इतने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के घर गया, उनसे कुशलक्षेम पूछी।
नीमच में कांग्रेस कार्यकर्ता के घर पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने मीडियो से चर्चा में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और भाजपा के लोग डोड़ा चूरा की अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं। उन्होने कहा कि मैं शुरू से अफीम की खेती के खिलाफ रहा हूं, हालांकि कांग्रेस के साथी इस बात को लेकर नाराज भी रहते हैं। लेकिन अफीम और डोड़ा चूरा से किसानों की बजाय सीधे भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों और तस्करों का ही फायदा ज्यादा है। सुप्रिम कोर्ट का आदेश है कि डोड़ा चूरा को नष्ट किया जाना चाहिए लेकिन मध्यप्रदेश की सरकार इसे बनाए रखना चाहती है। इससे स्पष्ट स्थिति समझी जा सकती है।
सिंह ने कहा कि यदि कांगे्रस के सभी नेता एक हो जाएं तो मध्यप्रदेश में आसानी से सरकार बनाई जा सकती है। मैने इसकी जिम्मेदारी ली है कि मैं सबको एक करूं। इस काम में हम जुटे हैं। मुख्यमंत्री के चेहरे के बारे में उनका कहना था कि घोड़े को पीछे रखें और तांगे को आगे कर दें तो इससे काम नहीं चलने वाला है। हम पहले चुनाव तो जीत लें, फिर राहुल गांधी और कांग्रेस के निर्णय पर मुख्यमंत्री भी तय हो जाएगा। सिंह ने खुद के चुनाव लडऩे के प्रश्न पर कहा कि वे विधानसभा चुनाव नहीं लडेंग़े।
समन्वय समिति को लेकर पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और राजेंद्रसिंह गौतम के बीच सामने आए मतभेद के बारे में दिग्विजयसिंह ने कहा कि निर्णय यह हुआ है कि जो समन्वय समिति में होंगे वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। मतभेद दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हमने सभी नेताओं के साथ समन्वय बैठाने का काम किया है। नीमच में भी सभी नेताओं के घर जाकर बात की है। १२ जून से विदिशा, सागर और दमोह में समन्वय का काम करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में हर वर्ग नाराज है। किसान ही नहीं मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी और आम जनता परेशान है। मेरे बारे में भाजपा कहती थी कि मैं कर्मचारी विरोधी हूं। जबकि मेरे कार्यकाल में कर्मचारियों को मिलने वाले केंद्र के डीए में एक दिन भी देरी नहीं होती थी। वर्तमान भाजपा सरकार की स्थिति देख लें तो कर्मचारियों को पेंशन और अन्य मिलाकर १४ हजार करोड़ का नुकसान कर्मचारियों को भाजपा सरकार दे चुकी है।
जिसने अनुरोध किया उसके घर गए दिग्विजयसिंह-
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने बुधवार शाम ५ बजे के बाद नीमच में भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं के घर पर जाकर उनसे चर्चा की। कहीं स्वल्पाहार लिया तो कहीं चाय पी। इस प्रवास के दौरान वे पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के अनुज संपतलाल पटवा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष नंदकिशोर पटेल, अनिल चौरसिया, पार्षद योगेश प्रजापति, सुरेंद सेठी, मधु बंसल, रेडक्रास के पूर्व चेयरमेन रविंद्र मेहता, समीपसिंह चौधरी, दिग्विजयसिंह आमलीखेड़ा आदि के निवास पर गए। इसके अलावा पूर्व परिचित लोगों से भी दिग्विजयसिंह मिले। रात्रि विश्राम के बाद गुरूवार को प्रात: ९ बजे वे झालावाड़ के लिए रवाना हो गए।
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harinath dwivedi Editorial Incharge
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