नीमच के सब इस्पेंक्टर और चार पुलिसकर्मी क्यूं हुए सस्पेंड पढें.......

- रेलवे ठेकेदार के पुत्र अक्षय की कार से अफ ीम जब्ती का मामला

By: Virendra Rathod

Updated: 21 Nov 2020, 10:37 AM IST

नीमच। शहर के बहुचर्चित एनडीपीएस एक्ट के मामले में प्रतिष्ठित रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल को फंसाने के मामले में जहां तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, वहीं सीएसपी राकेश मोहन की विभागीय जांच की प्राथमिक रिपोर्ट पर एसपी मनोज कुमार रॉय ने पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले सब इंस्पेक्टर कमलेश गौड सहित चार आरक्षक को सस्पेंड कर लाइन अटैच कर दिया है। जब तक मामले में जांच चलेगी, वह लाइन में अटैच रहेंगे। पत्रिका ने मामले को गहनता से उठाया और मुखबिर पर सवाल उठाकर पुलिस का ध्यान केंद्रित कर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मी की भूमिका पर भी सवाल लगातार उठाए थे। एसपी की गहनता से जांच के बाद मामला पूरी तरह स्पष्ट हो गया।

मामले की विभागीय जांच अधिकारी सीएसपी राकेश मोहन शुक्ल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय द्वारा थाना बघाना के अपराध क्रमांक 234/20 धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट में पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए कदाचरण के संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक नीमच को जांच हेतु निर्देशित किया गया था। प्रकरण में प्रथम दृष्टया उप निरीक्षक कमलेश गौड़, आरक्षक चंदन सिंह, सतीश कुशवाह, कमल सिंह एवं आरक्षक आनंदपाल सिंह की गंभीर व्यवसायिक लापरवाही पाई गई। उन्होंने अपना ठीक प्रकार से कर्तव्य निर्वहन नहीं किया। एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर प्रकरण में टीआई और क्षेत्र के सीएसपी को मामले से अवगत कराना चाहिए उनके द्वारा नहीं कराया गया। इसके पीछे उनकी क्या मंशा थी। इसकी आगे जांच जारी है। फिलहाल प्राथमिक रूप से पुलिस की छवि धूमिल करने के लिए जिम्मेंदार एसआई कमलेश गौड और चारों आरक्षक को एसपी ने निलंबित कर लाइन में अटैच कर दिया है। इस निलंबन के तहत उन्हें वेतन नहीं मिलेगा, सिर्फ जीवनयापन भत्ता प्रदान किया जाएगा। आपकों बता दें कि इस पूरे मामलें को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष पवन पाटीदार के नेतृत्व में जिला प्रतिनिधि मंडल के सुनील कटारिया एवं चंचल बाहेती ने भी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की थी। इस दौरान अक्षय गोयल से संबंधी पूरे प्रकरण के संबंध में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से चर्चा हुई, जिसके बाद आला पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता से जांच की। इस जांच में एसपी रॉय की भूमिका भी सराहनीय रही है। मामले का पर्दाफाश कर मुखबिर से गहनता से पूछताछ कर मामले का खुलासा किया। मुखबिर क्लब का चौकीदार लोकेश और उसके साथी श्याम भांभी को गिरफ्तार कर झूठ का पर्दाफाश कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया। वहीं जिससे वह अफीम खरीदकर लाए थे, आरोपी सेमली मेवाड़ निवासी राकेश पिता कन्हैयालाल भांभी को भी शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

यह था मामला
पुलिस थाना जावद उप निरीक्षक कमलेश गौड़ को वाहन चेकिंग के दौरान कानका फ ंटे पर मुखबिर द्वारा सूचना दी गई कि रेल्वे अण्डरब्रिज बघाना के पास गोल्डन ब्राउन कलर की होण्डा सिटी कार क्रमांक एमपी 09 सीवी 3567 में किसी तस्कर द्वारा अवैध मादक पदार्थ अफ ीम ले जाई जा रही है। सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर पुलिस टीम द्वारा मुखबिर द्वारा बताए हुलिये की गोल्डन ब्राउन होण्डा सिटी कार क्रमांक एमपी 09 सीवी 3567 अण्डर ब्रिज के पास जिसको चेक किया। मुखबिर द्वारा बताये स्थान अगले पहिये के मट फ्लेप व मडगार्ड के बीच मे रखी एक काले रंग की पॉलीथीन की थैली मिली। काले रंग की प्लास्टिक की थैली मे मादक पदार्थ अफ ीम होना पाया गया। चूंकि वाहन को उक्त घटना के वक्त अक्षय गोयल द्वारा चलाया जा रहा था। उससे पूछताछ करने पर तथा घटना की तस्दीक करते पाया गया की उक्त मादक पदार्थ किसी अज्ञात आरोपी द्वारा वाहन मालिक को फ ॅसाने की नियत से वाहन के बोनट के अन्दर पूर्व नियोजित तरीके से रख कर पुलिस को सूचना दिए जाना पाया जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्व धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट का पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया था।

गंभीर लापरवाही के कारण निलंबित किया
अक्षय गोयल की कार के बोनट से अफीम जब्ती का मामले कार्रवाई करने वाले एसआई और पुलिसकर्मी ने लापरवाही बरती है। अक्षय को हिरासत में लेने के बाद वह उसे थाने लेकर नहीं आए और तीन घंटे तक कोई सूचना जिम्मेदार अधिकारी को नहीं दी। जिससे शहर में अशांति उत्पन्न हुई। सीएसपी जांच में प्राथमिक रूप से गंभीर कार्य में लापरवाही कदाचरण की श्रेणी में आती है। जिसके चलते उन्हें निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। आगे जांच चल रही है कि उन्होंने अक्षय का कहां रखा और उससे किस प्रकार प्रताडि़त किया।
- मनोज कुमार रॉय, एसपी नीमच।

Virendra Rathod Reporting
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