कांग्रेस नेता दिनेश धनगर के जमीन हथियाने पर विधवा महिला ने एसपी से की न्याय की गुहार

कांग्रेस नेता दिनेश धनगर के जमीन हथियाने पर विधवा महिला ने एसपी से की न्याय की गुहार

By: Virendra Rathod

Published: 16 Oct 2020, 10:15 AM IST

नीमच। जिले की जावद तहसील के नयागांव निवासी विधवा नारायणी बाई पति स्वर्गीय नरेंद्र दास बैरागी ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय नीमच पहुंच ज्ञापन सौंपा हैं। जावद विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश कुमार पिता कालू लाल गायरी निवासी नयागांव, लक्की पिता दिनेश कुमार एवं उनकी पत्नीी आदि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की ।

 

पीडि़ता विधवा नारायणी बाई ने बताया कि ज्ञापन में बताया कि विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता राजकुमार अहीर के समर्थक दिनेश कुमार पिता कालू लाल धनगर, लक्की पिता दिनेश कुमार धनगर व उसकी पत्नी द्वारा नयागांव सर्वे नंबर 2291 एवं 2292 नरेंद्र कुमार के स्वर्गवास के बाद पुत्र घनश्याम दास की पत्नी संतोष व दोनों नाबालिग पुत्री आरती तथा पूजा से साजिश पूर्वक मिलीभगत कर उनके हिस्से की कुए की जमीन बगैर सहमति व जानकारी के विक्रय कर निष्पादन करवा लिया था। उक्त रजिस्ट्री बिना बंटवारे के ही करवा दी गई थी। उक्त भूमि का आधिपत्य दिनेश धनगर ने प्राप्त नहीं किया था और गुपचुप तरीके से रजिस्ट्री कर वाली थी । ज्ञापन में बताया गया कि खेत पर प्रार्थी का परिवार ही खेती करता चला रहा है। बीते दिनों रात्रि में दिनेश धनगर ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के जबरदस्ती प्रार्थी की काबिज भूमि पर जेसीबी चलाकर खाई खुदवा दी। नारायणी बाई ने ज्ञापन में बताया कि 11 अक्टूबर 2020 को नयागांव पुलिस चौकी पर शिकायत की थी। उसके बाद दिनेश धनगरए उसकी पत्नी एवं उसके पुत्र लक्की ने एकमत होकर नारायणी देवी के परिवार पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया। साथ ही कहा कि तुम्हारी बहू संतोष भाई को अपने पक्ष में मिलाकर खेत के कागज बना लिए हैं । खेत पर मत जाना वरना जान से मार देंगे। मौके पर नाराणी बाई की पुत्रियां पुष्पा बाई, सागर बाई ने बीच-बचाव कर जान बचाई । ज्ञापन के माध्यम से जिला पुलिस अधीक्षक से उक्त विपक्षियों से आत्मरक्षा एवं निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की हैं।

यह खरीदी में धोखाधड़ी का दांव पेच
दिनेश धनगर का कहना है कि उन्होंने संतोष बाई से जमीन खरीदी है और नामांतरण कराया है। जबकि नारायणी बाई के पति के नाम नरेंद्र कुमार के नाम जमीन थी। जिसकी मौत के बाद जमीन पर उसकी पत्नी नारयणी बाई और बेटे और दो बेटियों के बीच बंटवारा होना था। लेकिन नामांतरण में सिर्फ नारायणी बाई और बेटे की बेवा बहूं संतोष का ही हवाला दिया गया। वहीं नारायणी बाई की बिना सहमति के बहूं ने जमीन बेच दी। इस प्रकार सौदा ही गलत किया गया।

Virendra Rathod Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned