भारत से सीखें दूसरे देशः ECOSOC में पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) ने शुक्रवार रात संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद ( ECOSOC ) को किया संबोधित।
  • कोरोना महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के बीच भारत के विकास कार्यक्रमों की सफलता के बारे में दुनिया को अवगत कराया।
  • सभा ( United Nations ) में दुनिया के देशों के सामने 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' मूलमंत्र भी पेश किया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) ने शुक्रवार रात संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद ( ECOSOC ) को संबोधित करते हुए भारत के विकास कार्यक्रमों की सफलता के बारे में दुनिया को अवगत कराया। पीएम मोदी ( pm modi ) ने इस दौरान दुनिया के देशों के सामने 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' मूलमंत्र भी पेश किया। बीते माह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( United Nations Security Council ) में अस्थायी सदस्य के तौर पर भारत के निर्वाचित होने के बाद से पीएम मोदी का UN के किसी कार्यक्रम में यह पहला संबोधन रहा। संयुक्त राष्ट्र ( United Nations ) की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने ECOSOC के वर्ष 1946 में सबसे पहले अध्यक्ष सर रामास्वामी मुदलियार के रूप में भारत की भूमिका को भी याद किया।

जानिए इस दौरान पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें:

UN ECOSOC में PM Modi का संबोधनः संयुक्त राष्ट्र से आज बढ़ गई हैं उम्मीदें

  1. भारत वर्ष 2025 तक टीबी (तपेदिक) जैसी बीमारी को खत्म करने के लिए तैयार है। दूसरे विकासशील देश भारत के विकास कार्यक्रमों की सफलता से सीख ले सकते हैं। उन टेक्नोलॉजीज और इनोवेशन से भी सीख ले सकते हैं, जिसे हमने अपनाया है।
  2. हमारी हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम से वर्ष 2022 तक देश के हर व्यक्ति के सिर पर छत होगी। वर्ष 2022 में भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा।
  3. आज, अपने घरेलू प्रयासों के माध्यम से, हम फिर से 'एजेंडा 2030' और स्थायी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। हम अपने सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में अन्य विकासशील देशों की भी सहायता कर रहे हैं।
  4. संयुक्त राष्ट्र मूल रूप से दूसरे विश्व युद्ध के प्रकोप के लिए पैदा हुआ था। आज महामारी का प्रकोप इसके पुन:जन्म और सुधार के लिए संदर्भ प्रदान करता है। आइए हम यह मौका न गंवाएं।
  5. कोरोना वायरस ( Coronavirus Pandemic ) के खिलाफ हमारी संयुक्त लड़ाई में हमने 150 से अधिक देशों को चिकित्सा और अन्य सहायता प्रदान की है। हमने अपने क्षेत्र में SAARC COVID इमरजेंसी फंड बनाने में भी मदद की।
  6. हमारी आयुष्मान भारत योजना दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम है, जिसमें 50 करोड़ लोग शामिल हैं।
  7. COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में, हमारी जमीनी स्वास्थ्य प्रणाली भारत को दुनिया में सबसे अच्छे रिकवरी रेट में से एक सुनिश्चित करने में मदद कर रही है।
  8. भारत द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र के 50 संस्थापक सदस्यों में से था। उसके बाद से वक्त काफी बदल गया है। आज संयुक्त राष्ट्र 193 सदस्य देशों को एक साथ लाता है। संगठन से उम्मीदें भी बढ़ी हैं। बहुपक्षवाद भी आज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।
  9. शुरुआत से ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र ( india in United Nations ) के विकास कार्यों और ECOSOC का समर्थन किया है। ECOSOC के पहले राष्ट्रपति एक भारतीय थे। भारत ने सतत विकास लक्ष्यों सहित ECOSOC एजेंडा को आकार देने में भी योगदान दिया।
  10. भारत दुनिया में मानवता के लिहाज से 1/6 वें स्थान पर है। हम अपनी जिम्मेदारी के प्रति सचेत हैं। हम जानते हैं कि यदि भारत अपने विकासात्मक उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल होता है, तो यह वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में एक लंबा रास्ता तय करेगा।
Prime Minister Narendra Modi Coronavirus Pandemic
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अमित कुमार बाजपेयी
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